देवरिया जिले के सुरौली थाना क्षेत्र के ग्राम सुरौली में उस समय मातम छा गया जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक जहाज पर हुई बमबारी में स्थानीय निवासी शिवानंद चौरसिया की मौत की खबर सामने आई. 36 वर्षीय शिवानंद चौरसिया के निधन की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई.
मिली जानकारी के अनुसार शिवानंद चौरसिया लगभग छह महीने पहले फिटर की नौकरी करने के लिए मुंबई गए थे. मुंबई में काम मिलने के बाद वह जहाज के जरिए सिंगापुर गए थे और वहीं से उनका काम समुद्री जहाजों पर जारी था. परिजनों के अनुसार वह हाल ही में एक जहाज से वापस लौट रहे थे, तभी दो दिन पूर्व स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास जहाज पर बमबारी की घटना हुई, जिसमें उनकी मौत हो गई.
शिवानंद चौरसिया देवरिया जिले के किसान रामजी चौरसिया के बड़े बेटे थे. परिवार में उनकी पत्नी सुशीला, एक बेटा और एक छोटी बेटी है. घटना की खबर जैसे ही परिवार को मिली, घर में मातम पसर गया. उस समय उनकी पत्नी अपने मायके में थीं, जहां से सूचना मिलने के बाद वह तुरंत ससुराल पहुंचीं. परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है.
छह महीने पहले काम के लिए गए थे मुंबई
पिता रामजी चौरसिया ने बताया कि उनका बेटा पिछले छह महीने से जहाज पर काम कर रहा था. उन्होंने बताया कि अंतिम बार 9 तारीख को बेटे से बात हुई थी, उस समय उसने कहा था कि सब ठीक है और वह ओमान के पास है. पिता ने यह बात बताते हुए भावुक होकर कहा कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा.
गांव के लोगों ने भी इस घटना पर दुख जताया है. ग्रामीण अजय कुमार शाही ने बताया कि शिवानंद बहुत ही अच्छा और मेहनती लड़का था. उसकी मौत की खबर से पूरा गांव स्तब्ध है और लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं.
गांव में शोक की लहर, लोग परिवार को दे रहे सांत्वना
परिजनों ने सरकार से मांग की है कि मामले की गंभीरता से जांच की जाए और उचित कार्रवाई की जाए. साथ ही परिवार ने एक करोड़ रुपये मुआवजे, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और शिवानंद का शव वापस भारत लाने की मांग की है. फिलहाल घटना को लेकर परिवार और गांव में शोक का माहौल बना हुआ है. सभी लोग यही मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द शव को घर लाया जाए ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके.