उत्तर प्रदेश के कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में उस समय एक नया विवाद खड़ा हो गया, जब साइबर क्राइम थाने में तैनात एक इंस्पेक्टर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इंस्पेक्टर ने आरोप लगाया है कि उन्हें डिपार्टमेंट के रूल के विपरीत अपने से जूनियर अधिकारी के अधीन काम करना पड़ रहा था, जिससे वह लंबे समय से असंतुष्ट थे.
जूनियर के अंडर करना पड़ रहा काम
एजेंसी को मिली जानकारी के मुताबिक, साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में तैनात इंस्पेक्टर विनय शर्मा ने गुरुवार को डीसीपी क्राइम को अपना इस्तीफा सौंप दिया. साल 2005 बैच के अधिकारी विनय शर्मा का कहना है कि वर्तमान में साइबर क्राइम थाने के प्रभारी सतीश कुमार सर्विस सीनियरिटी के आधार पर उनसे जूनियर हैं, लेकिन उन्हें उनके अंडर काम करना पड़ रहा है.
विनय शर्मा ने अपने इस्तीफे में कहा कि सेवा नियमों के अनुसार किसी अधिकारी को अपने समकक्ष या वरिष्ठ अधिकारी के अंडर ही काम करना चाहिए. उनका आरोप है कि मौजूदा व्यवस्था सेट स्टैंडर्ड के अनुरूप नहीं है और इससे काम का माहौल प्रभावित हो रहा है.
'कितनी बार मुझे ही काम सिखाना पड़ता है'
उन्होंने यह भी दावा किया कि कई बार उन्हें खुद थाना प्रभारी को कामकाज और प्रक्रियाओं के बारे में समझाना पड़ता था. इसके बावजूद उन्हें फटकार ही मिले, जिससे उनके लिए काम करना मुश्किल है. शर्मा के अनुसार यह स्थिति बिल्कुल प्रोफेश्नल नहीं है.
इंस्पेक्टर के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद पुलिस विभाग में चर्चा तेज हो गई है. मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने इसकी जांच शुरू कर दी है. एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है. उन्होंने कहा कि शुक्रवार को इंस्पेक्टर विनय शर्मा का बयान दर्ज किया जाएगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन परिस्थितियों में उन्होंने इस्तीफा दिया.
अधिकारियों के मुताबिक, इस्तीफे में यह भी स्पष्ट नहीं है कि वह केवल साइबर सेल या क्राइम ब्रांच से हटना चाहते हैं या पुलिस सेवा से ही रिजाइन देना चाहते हैं. जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा.