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UP: CBI और एंटी-करप्शन अधिकारी बनकर करता था ठगी, ऐसे पुलिस के हत्थे चढ़ा साइबर ठग

कौशांबी के संदीपन घाट थाना क्षेत्र के मूरतगंज कस्बा के रहने वाले दिनेश कुमार केशरवानी ने 26 जून 2024 को मंझनपुर साइबर थाने में तहरीर देते हुए बताया था कि एक व्यक्ति ने उसे फोन कर खुद को सीबीआई और भ्रष्टाचार निरोधक अधिकारी बताया. फिर उसे धमकाकर शख्स ने 1 लाख 7 हजार रुपये ठग लिए.

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी.
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी.

उत्तर प्रदेश की कौशांबी पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जो सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) और भ्रष्टाचार निरोधक का फर्जी अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करता था. उसके खिलाफ 21 जिलों में ठगी की शिकायतें थीं, जबकि दिल्ली और महाराष्ट्र समेत चार जिलों में एफआईआर दर्ज है. पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी दस्तावेज, 3 आधार कार्ड और 3 फोन बरामद किए हैं.

पुलिस के मुताबिक, कौशांबी के संदीपन घाट थाना क्षेत्र के मूरतगंज कस्बा के रहने वाले दिनेश कुमार केशरवानी ने 26 जून 2024 को मंझनपुर साइबर थाने में तहरीर देते हुए बताया था कि एक व्यक्ति ने उसे फोन कर खुद को सीबीआई और भ्रष्टाचार निरोधक अधिकारी बताया. फिर उसे धमकाकर शख्स ने 1 लाख 7 हजार रुपये ठग लिए.

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उसने कहा, साइबर ठग ने गिरफ्तारी की धमकी देकर 6 बार में यह रकम ऐंठ ली. फिर पुलिस ने मामल में  मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की. जांच में पता चला कि फोन करने वाला व्यक्ति कानपुर के धोकलपुर गांव का भानु सिंह है. पुलिस ने भानु को गिरफ्तार करने के लिए मुखबिरों का जाल बिछाया. सोमवार को मुखबिर ने बताया कि जिस व्यक्ति की तुम तलाश कर रहे हो वह समदा चौराहा स्थित नहर के पास खड़ा है.

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दिल्ली और महाराष्ट्र समेत चार जिलों में दर्ज हैं FIR

सूचना मिलने के बाद पुलिस बताई गई जगह पर पहुंची और भानु सिंह को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का कहना है कि भानु सिंह के खिलाफ अलग-अलग जिलों में साइबर ठगी की 21 शिकायतें दर्ज हैं. जिसमें दिल्ली और महाराष्ट्र समेत चार जिलों में एफआईआर दर्ज है. मामले में मंझनपुर सीओ सतेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई. जांच के दौरान आरोपी भानु सिंह को गिरफ्तार किया गया और अब जेल भेज दिया गया है.

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