scorecardresearch
 

'नए भारत की फिल्मों में आप देख रहे होंगे, डकैतों को दुत्कारा जा रहा है...', वाराणसी में गरजे CM योगी, फिल्म मेकर्स को दिया संदेश

CM योगी ने अपने भाषण में जोर दिया कि एक समय अच्छे पात्रों को खलनायक दिखाया गया, जिससे पीढ़ियां खराब हुईं और जनता ने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना बंद कर दिया था.

Advertisement
X
वाराणसी में CM योगी बोले- फिल्मों में अपराधियों को हीरो बनाना बंद करें.(Photo:ITG)
वाराणसी में CM योगी बोले- फिल्मों में अपराधियों को हीरो बनाना बंद करें.(Photo:ITG)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में तीन दिवसीय 'सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य' के शुभारंभ पर भारतीय सिनेमा और सामाजिक मूल्यों को लेकर बड़ा बयान दिया. मुख्यमंत्री ने फिल्मों में डकैतों और अपराधियों को नायक के रूप में पेश करने की पुरानी परिपाटी पर हमला बोला.

CM योगी ने कहा, ''भारत की सिनेमा जब भारत के मूल्यों और आदर्शों को प्रस्तुत करती है, भारत उसे अंगीकार करता है. लेकिन एक समय ऐसा भी आया जब यह कला, यह मंचन, यह सिनेमा एक कलाकार केवल मंचन नहीं होता, बल्कि रचनात्मकता होती है. वह समाज को नई दिशा देने का प्लेटफॉर्म और माध्यम होता है. यह जैसा परोसेगा, वर्तमान पीढ़ी उसी रूप में उसे अंगीकार करेगी. इसीलिए मैं अक्सर कलाकारों, फिल्म डायरेक्टरों और प्रोड्यूसर्स से कहता हूं कि ऐसी फिल्में आनी चाहिए जो राष्ट्र के लिए प्रेरणा बन सकें. अगर किसी डकैत को आप हीरो के रूप में प्रस्तुत करोगे तो युवा पीढ़ी उस डकैत को अपना आदर्श मानेगी. 

याद रखना, कभी डकैत को हीरो के रूप में प्रस्तुत मत करो. और नए भारत में अब आप देख रहे हैं कि जितने डकैत थे, उन डकैतों को दुनिया और कम से कम भारत ने तो किस प्रकार दुत्कारा है. वर्तमान में चल रही तमाम ऐसी फिल्में उस बात का उदाहरण हैं. जनता उन फिल्मों को हाथों-हाथ ले रही है, उन्हें नकार रही है. लेकिन एक समय था जब अच्छे पात्रों को खलनायक के रूप में और खलनायकों को नायक के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास होता था. 

Advertisement

परिणाम क्या था? पीढ़ियां खराब हुईं. अन्याय, अत्याचार और शोषण के खिलाफ जनता के मुंह से आवाज नहीं निकलती थी, क्योंकि युवा पीढ़ी के सामने उस प्रकार का आदर्श प्रस्तुत नहीं किया गया था. और अब आपने देखा होगा कि किस प्रकार की प्रस्तुति हो रही है. 

यह महानाट्य जो सम्राट विक्रमादित्य पर है, याद रखना हमारी भारतीय कालगणना विक्रम संवत के आधार पर ही आगे बढ़ती है. पंचांग की धरती काशी है और कालगणना की धरती उज्जैन है. इन दोनों का समावेश इस प्रक्रिया को भारतीय कालगणना को वैश्विक मंच तक पहुंचाने में अपना योगदान देगा और सही तथ्य प्रस्तुत करेगा.'' देखें VIDEO:- 

सीएम योगी वाराणसी (काशी) में शुक्रवार को तीन दिवसीय सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के मंचन पर संबोधित कर रहे थे. समारोह का शुभारंभ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया.

मुख्यमंत्री यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाथ को वैदिक घड़ी भेंट की. यह घड़ी बाबा विश्वनाथ के मंदिर में वैदिक काल को वर्तमान में जनता के बीच पुनर्स्थापित करने में सहायक होगी. इस घड़ी में प्राचीन वैदिक परंपरा तथा आधुनिक ज्ञान विज्ञान का मिश्रण करके कल की अचूक गणना का समावेश किया गया है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विक्रमादित्य महानाट्य मंचन को यादगार क्षण बताया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के भाव को साकार करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री यादव ने बाबा विश्वनाथ की इस धरा को बाबा महाकाल की धरा से नाट्य मंचन के माध्यम से जोड़ने का विशिष्ट कार्य किया है. 

Advertisement
वाराणसी में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन.

CM योगी ने भाइयों की जोड़ी का जिक्र करते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य और राजा भरथरी की जोड़ी का उल्लेख है. महाराजा ने नाथ संप्रदाय में दीक्षा लेकर काशी की भूमि और चुनार के किले में साधना की थी. सम्राट विक्रमादित्य ने ही आज से दो हजार साल पहले अयोध्या नगरी की खोज की थी और महाराजा लव के बाद सबसे पहले भगवान श्री राम के मंदिर का निर्माण करवाया था. 

सम्राट विक्रमादित्य नीति शास्त्र और न्याय के पर्याय थे. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उज्जैन महाकाल की नगरी है और काशी पंचांग की नगरी है. दोनों मिलकर नया इतिहास बनाते हुए प्रेम और सहयोग की परंपरा को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement