अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी को लेकर सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस ने इस मामले में पूर्व महासचिव चंपत राय की तत्काल गिरफ्तारी, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने और पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की है. साथ ही पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश से माफी मांगने की भी मांग उठाई है. कांग्रेस की ओर से कहा गया,' चंपत राय को गिरफ्तार किय जाना चाहिए, साथी ही PM मोदी देश से माफी मांगे.'
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी राम मंदिर का श्रेय लेने में सबसे आगे रहे, लेकिन अब चढ़ावे में कथित चोरी के मामले में जिम्मेदारी लेने से बच रहे हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि ट्रस्ट को भंग किया जाए, असली दोषियों को गिरफ्तार किया जाए, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराई जाए, नया ट्रस्ट बनाया जाए और प्रधानमंत्री देश से माफी मांगें.
'चंपत राय को ट्रस्ट में शामिल करना मोदी की गलती'
दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद शक्तिसिंह गोहिल ने भी सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग दोहराई. उन्होंने कहा कि वर्तमान ट्रस्ट को भंग कर नया ट्रस्ट बनाया जाए, जिसमें शंकराचार्यों, सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज, निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधियों और संतों को शामिल किया जाए.
गोहिल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को यह स्वीकार करते हुए देश से माफी मांगनी चाहिए कि उन्होंने संतों की बजाय चंपत राय जैसे लोगों को ट्रस्ट में शामिल किया.
'हर दिन 10 लाख रुपये के गबन का शक'
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि कथित चढ़ावा विवाद सामने आने से पहले राम मंदिर में रोजाना 16 से 18 लाख रुपये का चढ़ावा आता था, लेकिन मामला सार्वजनिक होने के बाद यह बढ़कर 24 से 26 लाख रुपये प्रतिदिन हो गया. उनके अनुसार, इससे आशंका पैदा होती है कि पहले प्रतिदिन करीब 10 लाख रुपये का गबन हो रहा था.
उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान राम के मंदिर निर्माण के लिए दान दिया, लेकिन ट्रस्ट ने इन पैसों का पूरा और पारदर्शी हिसाब सार्वजनिक नहीं किया.
ट्रस्ट ने स्वीकार किए थे इस्तीफे
कांग्रेस का यह हमला ऐसे समय आया है जब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने हाल ही में पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए हैं. ट्रस्ट ने कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया है और दान व्यवस्था में सुधार के लिए नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति हेतु तीन सदस्यीय खोज समिति भी गठित की है.
कांग्रेस का दावा है कि चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए जाने से यह साबित होता है कि चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोपों को गंभीरता से लिया गया है. वहीं, ट्रस्ट ने दान व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और श्रद्धालुओं का विश्वास बहाल करने का भरोसा जताया है.