उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम के दौरान निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और योगी सरकार में मंत्री डॉ. संजय निषाद भावुक हो गए और फूट-फूट कर रोने लगे. निषाद समुदाय के आरक्षण की मांग को लेकर महंत दिग्विजय नाथ पार्क में विशाल महारैली का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के जिलों से हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए. हाथों में तख्तियां और पार्टी के झंडे लिए समर्थकों ने अपने नेता का जोरदार स्वागत किया.
डॉ. निषाद बाइक रैली के जरिए कार्यक्रम स्थल पहुंचे, जहां मंच तक बने रैंप पर कार्यकर्ताओं ने फूल बरसाकर उनका अभिनंदन किया. संबोधन के दौरान उन्होंने लोगों का आभार जताते हुए कहा कि यह भीड़ किसी किराए की नहीं, बल्कि संघर्ष करने वाले लोगों की ताकत है. उन्होंने कहा कि अब पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर जनसैलाब खड़ा किया जाएगा और समाज की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा.
अपने भाषण में उन्होंने खुद को समाज की आवाज और उनका पक्ष रखने वाला बताया. उन्होंने कहा कि जब भी वे सदन में मुद्दे उठाते हैं, तो उसका असर दिखता है. विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पार्टियों ने वर्षों तक निषाद समाज को हक से दूर रखा और विकास के अवसर नहीं दिए.
भावुक होते हुए क्या बोले संजय निषाद?
इसी दौरान वे काफी भावुक हो गए और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े. उन्होंने कहा कि समाज के अधिकारों को दबाने की कोशिश की गई, लेकिन अब समय बदल चुका है और इसका जवाब एकजुट होकर देना होगा.
सभा में उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि वे उनके बच्चों के भविष्य और सुरक्षा के लिए हमेशा खड़े रहेंगे. उन्होंने कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने और पार्टी के संदेश को फैलाने की अपील की. साथ ही उन्होंने अपनी लिखी किताबों और आरक्षण के अधिकार से जुड़े विचारों को गांव-गांव तक पहुंचाने की बात कही.
डॉ. निषाद ने यह भी बताया कि उनकी पार्टी के पास 11 विधायक हैं और वे लगातार अपने समाज के मुद्दों को मजबूती से उठा रहे हैं. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे एकजुट रहें और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष को और तेज करें.