लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता में पार्किंग और चबूतरे के विवाद के चलते सोमवार को ऋषभ शुक्ला ने अपने परिवार के साथ मिलकर तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया. पुलिस ने मुख्य आरोपी ऋषभ, उसके पिता, चाचा और बहनों को गिरफ्तार कर लिया है. प्रशासन ने मंगलवार शाम आरोपी के घर को सील कर अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आश्वासन और एक परिवारिक सदस्य को नौकरी व पढ़ाई के ऐलान के बाद परिजनों ने शवों का अंतिम संस्कार किया. लापरवाही पर इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज निलंबित हुए हैं.
आरोपी का घर सील और बुलडोजर एक्शन
बीती रात लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की प्रवर्तन टीम भारी पुलिस बल के साथ मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला के घर पहुंची. नजूल की जमीन और सड़क पर कब्जा कर बनाए गए अवैध निर्माण को एलडीए ने ध्वस्त कर दिया और मकान को चारों तरफ से सील कर दिया गया. बताया जा रहा है कि परिवार कोई भी वैध नक्शा या दस्तावेज पेश नहीं कर सका. इसके अलावा पुलिस टीम क्रेन लेकर आरोपी के घर पहुंची और उसकी कार को खींचकर सआदतगंज थाने ले आई.
डिप्टी सीएम के आश्वासन के बाद हुआ अंतिम संस्कार
नाराज परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई और मांगों को लेकर प्रदर्शन किया तथा अशरफाबाद चौराहे पर जाम भी लगाया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मंगलवार शाम पीड़ित परिवार से बातचीत की. उन्होंने परिवार के एक सदस्य को नगर निगम में नौकरी और मृतक शंभू तिवारी की बेटी की पूरी पढ़ाई का खर्च उठाने का ऐलान किया. इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच गुलालाघाट पर तीनों शवों का अंतिम संस्कार संपन्न हुआ. डिप्टी सीएम ने अर्थी को कंधा दिया. उनके साथ बीजेपी नेता नीरज सिंह भी थे.
लापरवाही पर पुलिस अधिकारियों पर गिरी गाज
इस तिहरे हत्याकांड ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. पुलिस आयुक्त तरुन गाबा ने सआदतगंज के इंस्पेक्टर संतोष कुमार आर्य और कश्मीरी मोहल्ला के चौकी प्रभारी अजय कुमार चौरसिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. स्थानीय लोगों ने पुलिस पर अपराधियों से मिलीभगत के गंभीर आरोप भी लगाए हैं, जिनकी जांच की जा रही है.