
यूपी के बागपत में व्यापारी सोहनलाल अग्रवाल और उनके बेटे विकास अग्रवाल की हत्या से भारी आक्रोश है. मंगलवार को दोनों की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. पुलिस-प्रशासन भी सकते में आ गया. व्यापारियों ने आज बंद का ऐलान किया है. क्षेत्र की दुकानें सुबह से ही बंद हैं. चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ है. पुलिस फोर्स तैनात है. मृतक के परिजनों ने हत्यारोपियों के एनकाउंटर की मांग की है. बीती शाम आला अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ित पक्ष से भी बात की.
पुलिस चौकी के पास व्यापारी बाप-बेटे की गोली मारकर हत्या
बागपत का बड़ौत कस्बा उस वक्त दहल उठा जब पुलिस चौकी और तहसील से चंद कदम की दूरी पर दो हथियारबंद बदमाशों ने दिनदहाड़े अंधाधुंध फायरिंग कर व्यापारी सोहनलाल और उनके बेटे विकास की निर्मम हत्या कर दी. इस वारदात में एक राहगीर रोहित भी गोली लगने से घायल हुआ है.
घटना NH-709B स्थित बस स्टैंड पुलिस चौकी के पास की है. सोहनलाल अपनी दुकान पर बैठे थे, तभी हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी ने अपने साथी के साथ मिलकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं. पिता को बचाने दौड़े बेटे विकास को भी बदमाशों ने भून डाला. वहीं, इस हमले के दौरान घायल हुए वरुण की भी अस्पताल में मौत हो गई.
परिजनों और व्यापारियों का फूटा गुस्सा
चौकी के पास हुए इस डबल मर्डर से गुस्साए व्यापारियों ने बाजार बंद कर हाईवे जाम कर दिया और शव उठाने से इनकार कर दिया. परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोपियों के एनकाउंटर की मांग की. बाद में भारी पुलिस बल ने समझा-बुझाकर जाम खुलवाया.

वरुण (मृतक का भतीजा): "मेरे चाचा दुकान पर थे, तभी वरुण अपने साथियों के साथ आया और अंधाधुंध गोलियां चला दीं. पुलिस चौकी के पास यह वारदात हुई और दोनों की मौत हो गई."
सूरज राय (एसपी, बागपत): "शाम करीब 6 बजे दुकान पर बैठे बाप-बेटे की गोली मारकर हत्या की गई है. प्राथमिक जांच में मामला पुरानी रंजिश का लग रहा है. आरोपियों को पकड़ने के लिए 10 टीमें गठित की गई हैं."
बागपत डबल मर्डर पर पुलिस की कार्रवाई
बागपत पुलिस के मुताबिक, थाना बड़ौत अंतर्गत दिल्ली-सहारनपुर रोड पर शाम करीब 6:00 बजे दुकान पर बैठे पिता-पुत्र पर फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे. घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. प्रारंभिक जांच में घटना का कारण दोनों पक्षों के बीच करीब 10 वर्ष पुराना मुकदमेबाजी का विवाद सामने आया है. एडीजी मेरठ भानु भास्कर, डीआईजी मेरठ कलानिधि नैथानी, मेरठ कमिश्नर, एसपी शामली और डीएम बागपत ने मौके का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया है.