सरकारी आवास योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. योजना का लाभ मिलने के बाद वर्षों से घास-फूस के घर में रहने वाले लोगों के चेहरे पर मुस्कान देखने को मिल रही है. कुछ ऐसा ही उत्तरप्रदेश के जनपद अमेठी में देखने को मिल रहा है, जहां सालों से घास फूस के बने घर में रहने वाली विधवा महिला को सरकार की आवास योजना से पक्के घर का सपना अब साकार हो गया है. मोरंग, ईंट और सीमेंट से बने सरकारी आवास के मिलने के बाद महिला के चेहरे पर खुशी साफ नजर आ रही है.
जनपद के अमेठी विकास खंड के लोहरता गांव की रहने वाली देवमती सालों से घास फूस के बने छप्पर में रहकर जीवन यापन करती थी और 20 साल पहले इनके पति की भी मौत हो चुकी थी.
बरसात के दिनों में पूरे घर में पानी आ जाता था, जिसके बाद उन्होंने पक्के मकान के लिए अधिकारियों से फरियाद लगाई. उनको सरकारी आवास योजना के तहत पक्का मकान दिया गया.
देवमती ने बताया कि पहले वह घास-फूस से बने घर में रहती थीं. बरसात के दिनों में घर में पानी टपकने के कारण खाने-पीने के सामान समेत जरूरी सामान भी भीग जाता था. बारिश के मौसम में परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था.
वहीं, देवमती को जब काफी मुश्किलों के बाद सरकार की आवास योजना का लाभ मिला और पक्का मकान बनकर तैयार हुआ तो उनकी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. महिला का कहना है कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनका पक्के घर का सपना पूरा हो पाएगा.
देवमती सरकार की आवास योजना की जमकर सराहना कर रही हैं. उनका कहना है कि सरकार की इस योजना से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को काफी फायदा मिल रहा है. पक्का घर मिलने से अब उन्हें बारिश और खराब मौसम में पहले जैसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ रहा और पक्के मकान में अपने परिवार के साथ जीवन यापन कर रही हैं.