किसी भी एग्जाम में सफल होने के लिए उसमें पूछे गए सवालों का सही जवाब देना जरूरी होता है. सही जवाब के लिए आपको कड़ी मेहनत और लगन से एग्जाम की तैयारी करनी होती है. लेकिन अगर कोई 'तुक्के' से एग्जाम क्लियर कराने की बात कहे तो मन में सवाल पैदा होना लाजिमी है.
एक ऐसा ही वीडियो आईएएस अधिकारी अवनीश शरण ने अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर किया है. जिसमें एक शख्स एग्जाम में 'तुक्का लगाने के वैज्ञानिक तरीके' बताते हुए नजर आ रहा है. वह भी UPSC Prelims में. वीडियो देखने के बाद तमाम यूजर्स ने इसपर प्रतिक्रिया दी है.
'तुक्का लगाने के वैज्ञानिक तरीके'
शेयर किए गए वीडियो में एक शख्स बता रहा है कि तुक्का कहां लगाया जाता है और कहां नहीं लगाया जाता है. शख्स के मुताबिक, अगर एग्जाम में माइनस मार्किंग 1/4 हो तो तुक्के से मिलने वाले मार्क्स हमेशा पॉजिटिव होते हैं. अगर माइनस मार्किंग 1/3 हो तो तुक्के से मिलने वाले मार्क्स कभी पॉजिटिव होंगे तो कभी निगेटिव होंगे. यदि माइनस मार्किंग 1/2 हो तो तुक्के से मिलने वाले मार्क्स हमेशा निगेटिव होंगे.
Are You Serious!!
— Awanish Sharan (@AwanishSharan)
इस वीडियो को शेयर करते हुए आईएएस अवनीश शरण ने कैप्शन में लिखा- क्या आप गंभीर हैं? वहीं, सम्बित त्रिपाठी नाम के यूजर ने कहा- इसी चक्कर में जेईई एंट्रेंस में मेरे गणित में -1 नंबर आए थे. @anjanikumar41 नाम के यूजर ने मजाकिया अंदाज में कहा- बिनोद... सचिव जी यहीं से कोचिंग लिए थे. एक अन्य यूजर ने लिखा- तुक्के से जिंदगी नहीं चलती.
Issi chakkar mai Mera maths Mai -1 aya tha JEE entrance mai 🥹🥹😂
— Sambit Tripathy 🇮🇳 (@_tripathyst)
Tukko ne hmesa duboya h 👻👻🤪
— I'm the one (@gajendr98402054)
बच्चों का भविष्य लें डूबेंगे ऐसे लोग 🤦♂️
— उत्कर्ष सिंह सोलंकी (@gauravsolanki_9)
Binod..... Sachiv Ji yahi se coaching liye the.... 🤣
— 𝐀𝐍𝐉𝐀𝐍𝐄𝐘𝐀 (@anjanikumar41)
Is it only for UPSC or works in IBPS PO exam too ?? Asking for a friend
— Lagbhag Raaz 😷 (@i_Raaaz)
ऐसा ही एक वीडियो यूट्यूब पर देख कर जीवन में दोबारा यूजीसी नेट जेआरएफ की परीक्षा में शामिल हुआ था सर।
एकदम औंधे मुंह गिरा था। 😀
— Salik Ram (@EducatorRam)
तुक्के से जिंदगी नहीं चलती बाबू
— भारतीय आशीष 🇮🇳 (@imAshishLive)
@gajendr98402054 ने लिखते हैं- तुक्के से हमेशा डुबोया है. @SurajMorePatil ने पूछा- ये तुक्का एकेडमी है क्या. वहीं, उत्कर्ष ने लिखा- बच्चों का भविष्य लें डूबेंगे ऐसे लोग.