अगर कोई आपसे पूछे कि इंसान की सबसे बेशकीमती चीज क्या होती है, तो जवाब कई हो सकते हैं. कोई कहेगा सेहत, कोई जिंदगी, कोई अक्ल. लेकिन इन सबसे ऊपर एक ऐसी चीज भी है, जिसे खो देना कई लोगों के लिए खुद को खो देने जैसा होता है. वह है मां.
मां... जो दुनिया में हमें सबसे पहला प्यार देती है. पहला स्पर्श, पहली मुस्कान और पहला भरोसा भी उसी से मिलता है. लेकिन वक्त हमेशा एक जैसा नहीं रहता. एक दिन वही मां, जो कभी बेटे की सबसे बड़ी ताकत हुआ करती थी, उम्र के साथ कमजोर पड़ने लगती है. तब रिश्तों की भूमिकाएं बदल जाती हैं. मां का सहारा बनने की बारी बेटे की होती है.
सोशल मीडिया पर इन दिनों ऐसा ही एक वीडियो लोगों का दिल छू रहा है. इंस्टाग्राम पर अर्जुन अय्यर ने एक ऐसी पोस्ट शेयर की है, जिसे पढ़कर लोग सिर्फ भावुक ही नहीं हो रहे, बल्कि यह भी महसूस कर रहे हैं कि वक्त रिश्तों के मायने कैसे बदल देता है. यह कहानी हर उस इंसान को अपनी लग रही है, जिसने कभी अपनी मां के प्यार, त्याग और कुर्बानियों को करीब से महसूस किया है.
कहते हैं, वक्त बदलता है तो रिश्तों की जिम्मेदारियां भी बदल जाती हैं. बचपन में जो मां उंगली पकड़कर चलना सिखाती है, एक दिन वही मां बेटे का सहारा लेने लगती है. अर्जुन अय्यर की पोस्ट मां-बेटे के इसी खूबसूरत रिश्ते को बेहद सादगी और गहराई से बयां करती है.
अर्जुन बताते हैं कि बचपन में उनकी मां ने उन्हें सिर्फ अंग्रेजी की मशहूर कविता 'Daffodils' नहीं सिखाई थी, बल्कि जिंदगी जीने का सबसे बड़ा सबक भी दिया था.
मां उनसे कहा करती थीं कि जब कभी जिंदगी में उदासी, निराशा या मुश्किलें घेर लें, तो आंखें बंद करके उन पलों में लौट जाना जो तुम्हें सुकून देते हैं. वे यादें किसी गर्मजोशी भरे आलिंगन जैसी होती हैं. उन्हें हमेशा अपने दिल के एक कोने में संजोकर रखना.
अर्जुन के लिए यही थीं उनकी 'Daffodils'-ऐसी यादें, जो सबसे मुश्किल दिनों में भी जीने की ताकत देती हैं.
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कैसा होता है मां का प्यार, किसी ने इस पर कहा है कि जब एक बच्चा जन्म लेता है, तो उसे लंबे समय तक यह एहसास ही नहीं होता कि वह अपनी मां से अलग है. उसे जो धड़कन सुनाई देती है, वही उसकी दुनिया होती है. मां की गोद ही उसका पहला घर होती है. धीरे-धीरे जब वह बड़ा होता है, तब उसे समझ आता है कि वह और उसकी मां दो अलग-अलग इंसान हैं. शायद इसी एहसास को हर इंसान जिंदगी भर अपने भीतर कहीं छिपाकर रखता है.
वक्त ने बदल दी भूमिकाएं
साल बीत गए. जिंदगी आगे बढ़ती रही. लेकिन एक दिन अर्जुन ने महसूस किया कि अब समय बदल चुका है. आज वह अपनी मां के साथ बैठते हैं. उन्हें वही बातें याद दिलाते हैं, वही एहसास लौटाने की कोशिश करते हैं, जो कभी मां ने उन्हें दिए थे.
अर्जुन लिखते हैं कि जिंदगी जैसे पूरा एक चक्कर लगाकर वहीं लौट आई है. आज मैं उन्हें सिखाने की कोशिश कर रहा हूं. शब्दों के जरिए, यादों के जरिए और जितना प्यार मैं उन्हें लौटा सकता हूं, उसके जरिए. आज उनके साथ बिताया हर पल ही मेरी 'Daffodils' बन गया है.पोस्ट के आखिर में वह सिर्फ एक लाइन लिखते हैं, लेकिन यही लाइन हजारों लोगों को भावुक कर देती है.-हालांकि, सबसे अच्छी टीचर हमेशा वही थीं.
'वीडियो देखा और मां को फोन कर दिया'
अर्जुन की पोस्ट वायरल होने के बाद हजारों लोगों ने इस पर अपनी भावनाएं साझा कीं. एक यूजर ने लिखा कि मां सिर्फ हमें पढ़ाती नहीं, हमें जीना भी सिखाती हैं. दूसरे ने लिखा कि यह पोस्ट पढ़कर मैंने तुरंत अपनी मां को फोन कर लिया.एक अन्य यूजर ने कहा कि भगवान आपकी मां को स्वस्थ रखें. यह कहानी दिल को छू गई.
कई लोगों ने लिखा कि उम्र के साथ माता-पिता की भूमिकाएं बदल जाती हैं, लेकिन उनका प्यार कभी नहीं बदलता. बचपन में माता-पिता बच्चों का सहारा बनते हैं और समय आने पर बच्चे उनका.
शायद यही वजह है कि अर्जुन की यह पोस्ट सिर्फ एक कविता की कहानी नहीं रह गई, बल्कि उन लाखों परिवारों की कहानी बन गई है, जहां यादें ही सबसे बड़ा सहारा होती हैं.
कई बार जिंदगी की सबसे खूबसूरत 'Daffodils' कोई फूल नहीं होतीं, बल्कि अपने लोगों के साथ बिताए गए वे पल होते हैं, जिन्हें हम उम्रभर अपने दिल में संभालकर रखते हैं.