एक रक्षक की भूमिका निभाते हुए, आज मैंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की. मुख्य उद्देश्य था कि परिवार की बातों को सही मंच तक पहुँचाया जाए ताकि उन्हें न्याय मिल सके. उनकी सभी समस्याओं, आशंकाओं और मांगों को हर संभव मंच पर रखा जाएगा. यह पहल इसलिए जरूरी है ताकि पीड़ित परिवार को वाजिब न्याय मिल सके और समाज में उनके अधिकारों की रक्षा हो.