scorecardresearch
 

माइक्रोसॉफ्ट की करोड़ों की नौकरी छोड़ बना कंटेंट क्रिएटर, एक साल बाद बताई असली हकीकत

माइक्रोसॉफ्ट की करोड़ों की नौकरी छोड़ने वाले क्रिश्चियन हार्म्स ने पहली बार बताया कि नौकरी छोड़ने के बाद उन्हें किन संघर्षों और आत्म-संदेह का सामना करना पड़ा.

Advertisement
X
क्रिश्चियन हार्म्स इंस्टाग्राम पर अपनी बिजनेस की यात्रा खुलकर साझा कर रहे हैं (Photo:Insta/@charmsescapes)
क्रिश्चियन हार्म्स इंस्टाग्राम पर अपनी बिजनेस की यात्रा खुलकर साझा कर रहे हैं (Photo:Insta/@charmsescapes)

26 साल की उम्र में करीब 1.9 करोड़ रुपये सालाना पैकेज वाली नौकरी मिल जाए, तो ज्यादातर लोग उसे अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं. लेकिन स्विट्जरलैंड में माइक्रोसॉफ्ट में काम करने वाले क्रिश्चियन हार्म्स ने ऐसा नहीं किया. उन्होंने अपनी हाई-प्रोफाइल नौकरी छोड़ दी और ऑस्ट्रेलिया जाकर कंटेंट क्रिएटर और एंटरप्रेन्योरशिप बनने का फैसला किया. हालांकि, एक साल बाद उन्होंने स्वीकार किया कि यह सफर उनकी उम्मीदों से बिल्कुल अलग निकला.

क्रिश्चियन हार्म्स ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किए गए वीडियो 'माय म्यूजियम ऑफ फेल्यर्स ऐज ए 27-ईयर-ओल्ड हू क्विट हिज़ ड्रीम जॉब' में बताया कि कई बार उन्हें लगता है कि माइक्रोसॉफ्ट छोड़ना उनकी जिंदगी का सबसे गलत फैसला था. उन्होंने कहा कि अच्छी सैलरी, स्थिर करियर और समाज में मिलने वाली पहचान को पीछे छोड़ना आसान नहीं होता.

हार्म्स के मुताबिक, नौकरी छोड़ने का सबसे बड़ा नुकसान पैसे का नहीं, बल्कि उस पहचान का था जो उन्हें माइक्रोसॉफ्ट में काम करने की वजह से मिली थी. उन्होंने कहा कि आप सिर्फ नौकरी नहीं छोड़ते, बल्कि अपनी उस पहचान को भी छोड़ देते हैं, जिसका लोग सम्मान करते हैं.

बिना प्लान के पहुंचे ऑस्ट्रेलिया

हार्म्स ने बताया कि उन्होंने बिना किसी ठोस बिजनेस प्लान के ऑस्ट्रेलिया जाने का फैसला किया. उन्होंने खुद को सिर्फ पांच महीने का समय दिया कि इस दौरान कुछ नया शुरू करेंगे. इस दौरान उन्होंने लगातार वीडियो बनाए, कई ब्रांड्स से संपर्क किया और ऑनलाइन बिजनेस के अलग-अलग आइडियाज पर काम किया. लेकिन महीनों की मेहनत के बावजूद उन्हें कोई बड़ी सफलता नहीं मिली.

Advertisement

स्थिति ऐसी हो गई कि जब उनके वापस घर लौटने का समय आ गया, तब फ्लाइट से सिर्फ एक सप्ताह पहले उन्होंने पहली बार इंटरनेट से कमाई की. इस अनुभव को याद करते हुए उन्होंने कहा कि डेडलाइन ने वो कर दिखाया जो महीनों की प्लानिंग नहीं कर पाई.

देखें वीडियो

'ड्यू डिलिजेंस नहीं, यह मेरा डर था'

हार्म्स ने माना कि उन्होंने कई महीने एक ऐसा बिजनेस बनाने में लगा दिए, जिसके बारे में उन्होंने यह तक नहीं सोचा कि उसे शुरू करना भी चाहिए या नहीं. उन्होंने कहा कि मैं इसे ड्यू डिलिजेंस कहता रहा, लेकिन सच यह था कि वह सिर्फ डर था, जिसके पास एक लंबी टू-डू लिस्ट थी.

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि आज भी कई दिनों तक उन्हें खुद पर शक होता है. फिर भी उन्हें अपने फैसले पर पछतावा नहीं है. उनका कहना है कि मुश्किलें जरूर आई हैं, लेकिन वह वही कर रहे हैं जो वास्तव में करना चाहते थे.

लोगों को पसंद आई ईमानदारी

अब क्रिश्चियन हार्म्स इंस्टाग्राम पर अपनी उद्यमिता की यात्रा खुलकर साझा कर रहे हैं. उनकी कोशिश सिर्फ सफलता की कहानियां दिखाने की नहीं, बल्कि उन संघर्षों और असफलताओं को भी सामने लाने की है, जिनका सामना ज्यादातर लोग करते हैं लेकिन खुलकर बताते नहीं.

Advertisement

उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. कई यूजर्स ने उनकी ईमानदारी की तारीफ की और कहा कि उद्यमिता का असली चेहरा ऐसा ही होता है, जहां सफलता से पहले संघर्ष, असफलता और आत्म-संदेह का लंबा दौर आता है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement