एक तरफ भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम इंग्लैंड दौरे पर टी20 सीरीज में 0-4 की शर्मनाक हार झेलकर आलोचनाओं के घेरे में रही. गौतम गंभीर की कोचिंग में टीम का प्रदर्शन लगातार सवालों के निशाने पर है. वहीं दूसरी ओर हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय महिला टीम ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर प्रतिष्ठित लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए पहले महिला टेस्ट में इंग्लैंड को 270 रनों से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की.
क्रिकेट के 'होम ऑफ क्रिकेट' लॉर्ड्स में टीम इंडिया ने कमजोर नजर आई इंग्लैंड को हर विभाग में मात देते हुए एकतरफा अंदाज में हराया. यास्तिका भाटिया के शानदार शतक और भारतीय गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया ने इंग्लैंड को उसी के घर में चारों खाने चित कर दिया.
भारत ने दूसरी पारी में 341/7 रन बनाकर पारी घोषित की और इंग्लैंड के सामने 457 रनों का विशाल लक्ष्य रखा. जवाब में मेजबान टीम 186 रनों पर सिमट गई. इंग्लैंड ने सोमवार को अपने तीसरे दिन के स्कोर 130/6 से आगे खेलना शुरू किया था. यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि लॉर्ड्स जैसे प्रतिष्ठित मैदान पर भारतीय महिला टीम ने हर विभाग में इंग्लैंड को पीछे छोड़ दिया.
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— BCCI Women (@BCCIWomen) July 13, 2026
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इस जीत की सबसे बड़ी नायिका विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया रहीं. उन्होंने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जड़ते हुए 113 रनों की शानदार पारी खेली और लॉर्ड्स के ऑनर बोर्ड पर अपना नाम दर्ज करा लिया. यास्तिका ने 145 गेंदों में शतक पूरा किया और अपनी पारी में 14 चौके लगाए. उनके अलावा ऋचा घोष ने नाबाद 50 रनों की तेजतर्रार पारी खेली, जिसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पारी (341/7d) घोषित कर दी.
हालांकि इंग्लैंड की स्टार स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन ने भारत की दूसरी पारी में 33.3 ओवरों में 118 रन देकर पांच विकेट लिए. यह उनके टेस्ट करियर का चौथा फाइव विकेट हॉल रहा. उन्होंने मैच में कुल 8 विकेट झटके, लेकिन उनकी मेहनत भी इंग्लैंड को हार से नहीं बचा सकी.
457 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही. पहली पारी में 5 विकेट लेकर लॉर्ड्स के ऑनर बोर्ड पर जगह बनाने वाली क्रांति गौड़ ने दूसरी पारी में भी कहर बरपाया. उन्होंने पहले ही ओवर में टैमी ब्यूमोंट को बिना खाता खोले बोल्ड कर दिया. यह ब्यूमोंट के अंतरराष्ट्रीय करियर की आखिरी पारी थी. भारतीय खिलाड़ियों ने उन्हें मैदान से बाहर जाते समय गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया.
क्रांति ने इसके बाद इंग्लैंड की पूर्व कप्तान हीदर नाइट को भी पवेलियन भेजा. नाइट ने भी इस टेस्ट के बाद संन्यास लेने का फैसला किया था, लेकिन वह अपने विदाई मैच को यादगार नहीं बना सकीं और सिर्फ 13 रन बनाकर आउट हो गईं.
स्नेह राणा (4 विकेट) के अलावा क्रांति गौड़, दीप्ति शर्मा और सयाली सतघरे ने भी 2-2-2 विकेट लेकर इंग्लैंड की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी. एमी जोन्स ने 54 रन बनाकर कुछ देर संघर्ष जरूर किया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने उनकी एक नहीं चली. सोफी एक्लेस्टोन (50) ने भी टिके रहने की कोशिश की. आखिरकार इंग्लैंड की पूरी टीम 186 रनों पर ढेर हो गई.
भारत की दूसरी पारी में स्मृति मंधाना ने भी 70 रनों की अहम पारी खेली, जबकि ऋचा घोष ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए भारत की बढ़त को 450 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. भारतीय बल्लेबाजों ने पूरे मैच में इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और फिर गेंदबाजों ने उस मेहनत को जीत में बदल दिया.
Another magical moment celebrated with pure joy 🫶🤍
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इस मुकाबले की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि लॉर्ड्स के ऑनर बोर्ड पर भारत के दो खिलाड़ियों ने अपना नाम दर्ज कराया. पहली पारी में क्रांति गौड़ ने 5 विकेट लेकर इतिहास रचा था, जबकि दूसरी पारी में यास्तिका भाटिया ने शतक लगाकर उसी सूची में अपना नाम जोड़ दिया. बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों विभागों में भारत का दबदबा साफ नजर आया.
पुरुष टीम की निराशा के बीच महिला टीम की यह जीत भारतीय क्रिकेट के लिए राहत की बड़ी खबर है. जहां एक ओर पुरुष टीम इंग्लैंड में लगातार हार से जूझती रही, वहीं हरमनप्रीत कौर की टीम ने लॉर्ड्स में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर यह साबित कर दिया कि भारतीय महिला क्रिकेट अब दुनिया की किसी भी टीम को उसके घर में चुनौती देने और हराने का दम रखता है.