एक ईमानदार पुलिस अधिकारी का तबादला कभी-कभी सिर्फ प्रशासनिक फैसला नहीं रहता, बल्कि लोगों के बीच चर्चा का विषय बन जाता है. कुछ ऐसा ही हुआ 2017 बैच की आईपीएस अधिकारी तनुश्री के साथ. जम्मू-कश्मीर से दिल्ली तबादले की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर उनके काम को याद किया जाने लगा. कई लोगों ने उन्हें एक समर्पित और संवेदनशील अधिकारी बताते हुए शुभकामनाएं दीं. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी पुरानी बातचीत भी एक बार फिर चर्चा में आ गई.
तनुश्री ने जम्मू-कश्मीर में अपने कार्यकाल के दौरान कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं. उनका नाम सबसे ज्यादा 18 मई 2020 को हुए एक आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान चर्चा में आया.
उस दिन सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली कि हिजबुल मुजाहिद्दीन का कमांडर जुनैद खान एक मकान में छिपा हुआ है. जुनैद पर घाटी में युवाओं को आतंकवादी संगठनों में भर्ती कराने का आरोप था. सूचना मिलते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने पूरे इलाके को घेर लिया.
सुरक्षा बलों की पहली कोशिश यह थी कि अगर मुमकिन हो तो आतंकी को जिंदा पकड़ा जाए. लेकिन जैसे ही टीम घर के अंदर पहुंची, सामने से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई. मुठभेड़ में एक जवान घायल हो गया. हालात इसलिए भी चुनौतीपूर्ण थे क्योंकि जिस मकान में टेररिस्ट छिपा था, वह घनी आबादी वाले इलाके में था. ऐसे में ऑपरेशन के साथ-साथ लोकल लोगों की सेफ्टी भी उतनी ही जरूरी थी. इसी दौरान इलाके में पत्थरबाजी की घटनाएं भी शुरू हो गईं.
कई चुनौतियों के बावजूद सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन जारी रखा और आखिरकार जुनैद खान मुठभेड़ में मारा गया. इस अभियान का नेतृत्व आईपीएस तनुश्री ने किया था.
जम्मू-कश्मीर में अपने कार्यकाल के दौरान तनुश्री ने पुलवामा और शोपियां जैसे संवेदनशील जिलों में एसएसपी के रूप में जिम्मेदारी संभाली. इसके अलावा स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) में एसपी रहते हुए उन्होंने कई आतंकवाद विरोधी अभियानों की हेड रहीं.
बिहार की हैं तनुश्री
बिहार की रहने वाली तनुश्री की पढ़ाई का विषय पुलिस सेवा से बिल्कुल अलग था. उन्होंने गांधीनगर स्थित निफ्ट से टेक्सटाइल डिजाइन में स्नातक किया. उनके पिता CRPF में थे, इसलिए बचपन से ही उनमें देश सेवा का जज्बा था. उन्होंने 2014 में CRPF में असिस्टेंट कमांडेंट के रूप में करियर शुरू किया और बाद में यूपीएससी परीक्षा पास कर 2017 बैच की आईपीएस अधिकारी बनीं. इसके बाद उन्हें जम्मू-कश्मीर कैडर मिला.
'टेरर में धागे खोलने होते हैं'
आईपीएस बनने के बाद एक कार्यक्रम में उनकी मुलाकात पीएम नरेंद्र मोदी से हुई. बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री को जब पता चला कि तनुश्री ने टेक्सटाइल डिजाइन की स्टडी की है, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए पूछा, टेक्सटाइल और टेरर कैसे गुजारा करोगी? इस पर तनुश्री ने जवाब दिया-ट्रेनिंग अच्छी मिली है सर, कर लूंगी. तब पीएम ने कहा-देखिए, टेक्सटाइल में धागे जोड़ने होते हैं और टेरर में धागे खोलने होते हैं. पीएम और तनुश्री का ये संवाद उस वक्त भी काफी चर्चा में रहा था और अब उनके तबादले के बाद फिर लोगों के बीच वायरल हो रहा है.
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अब तनुश्री दिल्ली में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगी. वहीं जम्मू-कश्मीर में उनके साथ काम करने वाले कई लोगों ने सोशल मीडिया पर उनके लिए भावुक संदेश लिखे. किसी ने उन्हें ईमानदार अधिकारी बताया तो किसी ने लिखा कि उन्होंने अपने काम और व्यवहार से लोगों का भरोसा जीता. यही वजह है कि उनके तबादले की खबर के साथ उनके पुराने काम और प्रधानमंत्री के साथ हुई बातचीत दोनों एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं.