दिल्ली एयरपोर्ट पर इंडिगो की एक मूक-बधिर कर्मचारी का वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत रहा है. इस वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे बिना बोले और बिना सुने भी किसी की पूरी मदद की जा सकती है. वीडियो देखने के बाद लोग कर्मचारी की तारीफ कर रहे हैं और इंडिगो की समावेशी भर्ती की भी सराहना कर रहे हैं. यह वीडियो इंस्टाग्राम पर अमन सिंह नाम के एक यात्री ने शेयर किया है. वीडियो में इंडिगो के कर्मचारी अफजल बैगेज चेक-इन काउंटर पर ड्यूटी करते हुए नजर आते हैं. अफजल सुन और बोल नहीं सकते, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने यात्री की पूरी मदद की और सेल्फ चेक-इन की प्रक्रिया बहुत आसानी से समझा दी.
अमन सिंह ने बताया कि उन्हें शुरुआत में यह नहीं पता था कि काउंटर पर मौजूद कर्मचारी मूक-बधिर हैं. लेकिन जब उन्होंने अफजल के साथ बातचीत की, तो उन्हें किसी तरह की परेशानी महसूस नहीं हुई. अफजल ने इशारों और अपने व्यवहार से इतनी अच्छी तरह मदद की कि पूरा काम बिना किसी दिक्कत के हो गया. वीडियो में अफजल ने अपने सीने पर एक बैज लगाया हुआ है, जिस पर लिखा है- "मैं सुन या बोल नहीं सकता, लेकिन मुझे आपकी सहायता करके खुशी होगी. यह मैसेज देखकर कई लोग भावुक हो गए. वीडियो में अफजल मुस्कुराते हुए यात्रियों की मदद करते दिखाई देते हैं और उन्हें बैगेज चेक-इन की पूरी प्रक्रिया समझाते हैं.
वीडियो वायरल होने के बाद लोग कर रहे तारीफ
इस अनुभव को शेयर करते हुए अमन सिंह ने लिखा कि उन्हें उस दिन किसी बड़े बिजनेसमैन या करोड़पति से प्रेरणा नहीं मिली, बल्कि एक ऐसे इंसान से सीख मिली जिसने यह साबित कर दिया कि अच्छी बातचीत सिर्फ शब्दों से नहीं होती. उन्होंने कहा कि अफजल ने उनसे कई ऐसे लोगों से भी बेहतर तरीके से तालमेल बनाया, जो सुन और बोल सकते हैं. वीडियो के आखिर में अमन सिंह अपना बोर्डिंग पास लेने के बाद अफजल से हाथ मिलाते हैं और उनकी मदद के लिए धन्यवाद कहते हैं. यह छोटा-सा पल सोशल मीडिया पर लोगों को काफी पसंद आया. कई लोगों ने कहा कि दोनों के बीच दिखा सम्मान और अपनापन बेहद प्रेरणादायक है.
कई लोगों ने एयरलाइन की तारीफ की
वीडियो वायरल होने के बाद हजारों लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी. कई यूजर्स ने लिखा कि इंडिगो ऐसे कर्मचारियों को नौकरी देकर समाज में एक अच्छा संदेश दे रही है. लोगों का कहना है कि हर कंपनी को दिव्यांग लोगों को भी बराबर अवसर देने चाहिए. कुछ लोगों ने अपने अनुभव भी साझा किए. एक यूजर ने लिखा कि उन्हें कोझिकोड एयरपोर्ट पर भी इंडिगो के एक मूक-बधिर कर्मचारी से शानदार मदद मिली थी. उन्होंने कहा कि एयरलाइन इस दिशा में बहुत अच्छा काम कर रही है.
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने कहा कि अफजल का आत्मविश्वास, विनम्रता और काम के प्रति समर्पण सभी के लिए प्रेरणा है, उनका मानना है कि किसी की मदद करने के लिए हमेशा शब्दों की जरूरत नहीं होती. मुस्कान, धैर्य और अच्छा व्यवहार भी लोगों के दिल जीत सकता है. यह वीडियो सिर्फ एक एयरपोर्ट पर हुई मुलाकात की कहानी नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि अगर किसी को बराबर अवसर मिले तो वह अपनी मेहनत और लगन से हर जिम्मेदारी अच्छी तरह निभा सकता है. अफजल की कहानी लोगों को यह संदेश देती है कि असली ताकत इंसान की सोच, मेहनत और दूसरों की मदद करने की इच्छा में होती है, न कि सिर्फ बोलने या सुनने की क्षमता में.