आजकल कम उम्र में ही बाल सफेद होना और झड़ना आम समस्या बन गई है. कई लोग 25-30 साल की उम्र में ही सफेद बालों से परेशान हैं. लेकिन अगर कोई आपसे कहे कि दुनिया में एक ऐसा गांव भी है, जहां 80 साल की महिलाओं के बाल भी काले, घने और 7 फीट तक लंबे होते हैं, तो शायद आपको यकीन न हो. लेकिन चीन का एक गांव इसी वजह से पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने दक्षिण-पश्चिम चीन के हुआंग्लुओ याओ गांव (Huangluo Yao Village) को फिर सुर्खियों में ला दिया है. यहां रहने वाली महिलाओं की लंबी, चमकदार चोटियां देखकर लोग उन्हें 'रॅपन्ज़ेल' कहने लगे हैं. कंटेंट क्रिएटर 'जो हट्टाब' के हिंदी पेज (@joehattab_hindi) पर शेयर हुआ है.हालांकि ये वीडियो पुराना है, लेकिन एक बार फिर से वायरल हो रहा है.
क्यों कहा जाता है 'रॅपन्जेल गांव'?
इंस्टाग्राम पर वायरल वीडियो में कई महिलाओं के बाल घुटनों से नीचे और करीब 7 फीट (2 मीटर से ज्यादा) लंबे दिखाई देते हैं. इसी वजह से इस गांव को लोग 'रॅपन्ज़ेल विलेज' या 'रॅपन्ज़ेल गांव' कहते हैं.
दरअसल, रॅपन्जेल एक मशहूर यूरोपीय परी कथा की काल्पनिक राजकुमारी है, जिसके बेहद लंबे बाल थे. कहानी में वह अपने लंबे बाल टॉवर से नीचे लटकाकर लोगों को ऊपर चढ़ने में मदद करती है. लंबे बालों की वजह से ही चीन के इस गांव की तुलना रॅपन्ज़ेल से की जाती है.
देखें वायरल वीडियो
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है गांव
दक्षिण-पश्चिम चीन का हुआंग्लुओ याओ गांव वर्ष 2002 में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में 'सबसे लंबे बालों वाली महिलाओं के सबसे बड़े समूह' के लिए दर्ज किया गया था. यही कारण है कि इसे दुनिया भर में 'World's Longest Hair Village' यानी 'दुनिया का सबसे लंबे बालों वाला गांव' कहा जाता है.
80 साल की उम्र में भी नहीं होते सफेद बाल
हुआंग्लुओ गांव में रहने वाला याओ समुदाय सदियों से अपने पारंपरिक हेयर केयर तरीकों का पालन करता आ रहा है. स्थानीय लोगों का दावा है कि यहां कई महिलाओं के बाल 80 साल की उम्र तक भी सफेद नहीं होते. लंबे, काले और स्वस्थ बाल इस समुदाय की सांस्कृतिक पहचान माने जाते हैं.
जिंदगी में सिर्फ एक बार कटते हैं बाल
इस गांव की एक अनोखी परंपरा भी है. यहां महिलाओं को अपने पूरे जीवन में सिर्फ एक बार, वह भी 18 साल की उम्र में बाल कटवाने की अनुमति होती है. यह रस्म इस बात का प्रतीक मानी जाती है कि लड़की अब विवाह के योग्य हो चुकी है.कटे हुए बालों को फेंका नहीं जाता, बल्कि उन्हें संभालकर रखा जाता है. शादी के बाद यही बाल महिला को उपहार के रूप में दिए जाते हैं और वह उन्हें अपने बालों के साथ विशेष तरीके से इस्तेमाल करती है.
हेयरस्टाइल देखकर पता चल जाता है वैवाहिक स्टेटस
याओ समुदाय में महिलाओं की हेयरस्टाइल भी उनकी पहचान होती है.सिर पर गोल घुमाकर लपेटे बाल बताते हैं कि महिला शादीशुदा है.
बीच में जूड़ा बना हो तो इसका मतलब है कि उसके बच्चे भी हैं.अगर बाल कपड़े से ढके हों, तो माना जाता है कि लड़की अभी अविवाहित है.
क्या है लंबे और काले बालों का राज?
यहां की महिलाएं महंगे शैंपू या कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स की बजाय किण्वित (Fermented) चावल के पानी से अपने बाल धोती हैं. चावल के पानी को एक दिन तक कमरे के तापमान पर रखकर हल्का किण्वित किया जाता है.
माना जाता है कि इसमें मौजूद विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट बालों को मजबूत, मुलायम और चमकदार बनाए रखने में मदद करते हैं. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि आनुवंशिक गुण (Genetics), खानपान और जीवनशैली भी बालों की गुणवत्ता में अहम भूमिका निभाते हैं. इसलिए सिर्फ चावल के पानी से हर किसी को ऐसे परिणाम मिलेंगे, इसकी कोई वैज्ञानिक गारंटी नहीं है.
वीडियो देख लोग बोले- आखिर राज क्या है?
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. किसी ने लिखा कि Pure Tibetan genes." तो किसी ने कहा, "80 साल की उम्र में भी ऐसे बाल, यकीन नहीं होता. वहीं किसी ने लिखा कि भारत में तो 16 साल में ही बाल सफेद होने लगते हैं.
यही वजह है कि चीन का यह अनोखा गांव एक बार फिर इंटरनेट पर छाया हुआ है. हजारों लोग अब इस गांव की परंपरा, संस्कृति और लंबे बालों के रहस्य को जानने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं.