सोने के झुमके पहनना महिलाओं को खूब पसंद होता है. कोई छोटे और हल्के झुमके पहनना पसंद करता है, तो किसी को बड़े और डिजाइनर झुमके अच्छे लगते हैं. लेकिन क्या आपने कभी ऐसे झुमकों के बारे में सुना है, जिनका वजन 16 किलो से भी ज्यादा हो? दुबई में एक ज्वेलरी कंपनी ने सोने के ऐसे ही विशाल झुमके बनाए हैं, जिन्होंने दुनिया भर में चर्चा बटोर ली है. इन झुमकों ने एक नहीं, बल्कि दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं. खास बात यह है कि इन्हें बनाने में कई कारीगरों ने महीनों तक मेहनत की है.
16.5 किलो सोने से बने हैं ये झुमके
दुबई की ज्वेलरी कंपनी जॉयअलुक्कास (Joyalukkas Jewellery) ने सोने के इन खास झुमकों को बनाया है. इनका नाम 'मयूर सहस्र' (Mayura Sahasra) रखा गया है. इस नाम का मतलब है 'एक हजार मोर'. इन दोनों झुमकों का कुल वजन 16.514 किलो है. इन्हें 22 कैरेट सोने से तैयार किया गया है. यानी दोनों झुमकों को मिलाकर 16 किलो से ज्यादा शुद्ध सोना इस्तेमाल हुआ है. इनका आकार भी इतना बड़ा है कि इन्हें देखकर कोई भी हैरान रह जाए.
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने इन्हें दुनिया के सबसे भारी सोने के झुमकों और सबसे बड़े झुमकों की जोड़ी के रूप में मान्यता दी है. इस तरह कंपनी ने एक ही डिजाइन से दो वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिए.
कितने बड़े हैं ये सोने के झुमके?
इन झुमकों का आकार सामान्य झुमकों से बिल्कुल अलग है. इनकी लंबाई करीब 1.215 मीटर यानी लगभग 4 फीट है. वहीं, इनका व्यास करीब 68.2 सेंटीमीटर है. आसान भाषा में समझें तो इनकी लंबाई एक छोटे बच्चे की लंबाई के आसपास हो सकती है. इन्हें रोजाना पहनना संभव नहीं है. इन्हें खास तौर पर अपनी शानदार कारीगरी और बड़े आकार को दिखाने के लिए तैयार किया गया है.
कंपनी ने इन झुमकों को दुबई में 24 अक्टूबर 2026 को लोगों के सामने पेश किया. इससे पहले 12 अक्टूबर को इनके सबसे भारी सोने के झुमकों का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था.
55 कारीगरों ने मिलकर तैयार किए झुमके
इन विशाल झुमकों को बनाना आसान काम नहीं था. इन्हें तैयार करने के लिए 55 कुशल कारीगरों ने कई महीनों तक मेहनत की. इन्हें बनाने में कुल 5,840 घंटे लगे. झुमकों की खासियत सिर्फ इनका वजन और आकार नहीं है, बल्कि इनकी डिजाइन भी है. इन्हें पारंपरिक भारतीय झुमकों के डिजाइन से प्रेरित होकर बनाया गया है. इन पर बारीक नक्काशी की गई है, जो इन्हें खास बनाती है.
कंपनी का मकसद भारतीय गहनों की कारीगरी और पारंपरिक डिजाइन को दुनिया के सामने पेश करना था. इन झुमकों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि सोने के गहनों को तैयार करने में कारीगरों को कितनी मेहनत और बारीकी से काम करना पड़ता है.
मोर से प्रेरित है झुमकों का डिजाइन
इन झुमकों का नाम 'मयूर सहस्र' रखने के पीछे भी खास वजह है. 'मयूर' का मतलब मोर होता है, जबकि 'सहस्र' का अर्थ एक हजार है. भारतीय संस्कृति में मोर को सुंदरता, शान और गौरव का प्रतीक माना जाता है. इसी से प्रेरणा लेकर झुमकों को डिजाइन किया गया है. इनकी बनावट में मोर के पंखों से मिलते-जुलते डिजाइन और बारीकियां दिखाई देती हैं.
झुमकों का आकार पारंपरिक घंटी जैसा है, जो भारतीय गहनों में आमतौर पर देखने को मिलता है. हालांकि, इनके विशाल आकार और सोने की मात्रा ने इन्हें दुनिया के दूसरे गहनों से अलग बना दिया है.
क्या इन झुमकों को कोई खरीद सकता है?
इन झुमकों को आम गहनों की तरह बेचने के लिए नहीं बनाया गया है. कंपनी इन्हें अपनी खास उपलब्धि के तौर पर दुबई में प्रदर्शित कर रही है. इन्हें दुबई गोल्ड डिस्ट्रिक्ट में स्थित 'ज्वेल ऑफ जॉय' शोरूम में रखा गया है. यहां आने वाले लोग इन्हें करीब से देख सकते हैं. खास बात यह है कि इन्हें देखने के लिए कोई प्रवेश शुल्क नहीं रखा गया है. दुबई पहले से ही सोने और महंगे गहनों के कारोबार के लिए दुनिया भर में मशहूर है. ऐसे में इन विशाल झुमकों ने शहर के आकर्षण को और बढ़ा दिया है.
एक ही जोड़ी ने कैसे बनाए दो वर्ल्ड रिकॉर्ड?
इन झुमकों को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से दो अलग-अलग खिताब मिले हैं. पहला, दुनिया के सबसे भारी सोने के झुमकों की जोड़ी. दूसरा, दुनिया के सबसे बड़े झुमकों की जोड़ी. इस उपलब्धि के जरिए कंपनी ने पारंपरिक भारतीय डिजाइन को एक अनोखे रूप में पेश किया है. यह सिर्फ सोने की मात्रा दिखाने का मामला नहीं है, बल्कि उन कारीगरों की मेहनत और हुनर को भी सामने लाता है, जिन्होंने इतने बड़े और बारीक डिजाइन वाले गहने तैयार किए.
कुल मिलाकर, 16.514 किलो सोने से बने ये झुमके अपने वजन, आकार और डिजाइन की वजह से खास हैं. आमतौर पर महिलाएं जिन झुमकों को पहनकर सजती-संवरती हैं, उनका इतना विशाल रूप दुनिया भर के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मुताबिक, झुमकों का संयुक्त वजन 16.514 किलो है. इन्हें 22 कैरेट सोने से बनाया गया है और 55 कारीगरों ने इन्हें तैयार करने में 5,840 घंटे लगाए.