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'लोगों को लगता है, दिव्यांग ग्लैमरस नहीं हो सकती', मॉडल की आपबीती

शारीरिक अक्षमता को लड़की ने खुद पर हावी नहीं होने दिया और अपने पैशन को फॉलो करते हुए लंदन फैशन वीक में बतौर मॉडल हिस्‍सा लिया. यह लड़की लोगों को फिटनेस टिप्‍स भी शेयर करती है. वह इंस्‍टाग्राम और टिकटॉक पर बेहद पॉपुलर हैं. जिम में हादसे की वजह से लड़की लकवाग्रस्‍त हो गई थी.

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सोफी बटलर ने लंदन फैशन वीक में लिया हिस्‍सा (Credit: Credit: Sophie Butler )
सोफी बटलर ने लंदन फैशन वीक में लिया हिस्‍सा (Credit: Credit: Sophie Butler )

एक युवती, Paralysis होने के बावजूद मॉडलिंग कर रही हैं. हाल में उन्होंने लंदन फैशन वीक में बतौर मॉडल हिस्‍सा लिया. लड़की इंस्‍टाग्राम और टिकटॉक पर फैशन और फिटनेस से संबंधित चीजें भी पोस्‍ट करती है. इस वजह से वह दोनों ही प्‍लेटफॉर्म पर खूब पॉपुलर है.  

सोफी बटलर जुलाई 2017 में जिम में एक्‍सरसाइज कर रही थीं, इसी दौरान उनकी रीढ़ की हड्डी पर भारी वजन गिर पड़ा. इससे कमर से नीचे का हिस्‍सा Paralysis का शिकार हो गया. सोफी एक्‍सरसाइज करने के लिए ब्रिटेन के एसेक्‍स काउंटी में मौजूद बासिलडोन टाउन के जिम में गई थीं. इसी दिन उनका यूनिवर्सिटी का रिजल्‍ट आया था और रात में जश्‍न की तैयारी थी. 

एक रिपोर्ट के मुताबिक, सोफी ने बताया कि एक्‍सीडेंट के बाद लंबे अर्से तक वह कंपलीट बेडरेस्‍ट पर थीं. शरीर में मजबूती पाने के लिए फिजियोथैरेपी शुरू की. वह इस हादसे के बाद ग्रेजुएशन सेरेमनी में हर हाल में हिस्‍सा लेना चाहती थीं. 

फिटनेस टिप्‍स दी तो लोगों ने किया ट्रोल 
सोफी ने बताया कि फिटनेस से संबंधित कंटेंट पोस्‍ट करने के कारण ट्रोल भी होना पड़ा. लोग उन्‍हें 'मोटी' कहकर पुकारते थे. दिव्यांग होने की वजह से उन्हें अपनी पहचान भी खोनी पड़ी. लेकिन फैशन एक ऐसी चीज थी, जिसके माध्‍यम से वह खुद को एक्‍सप्रेस करने की कोशिश करती थी. 

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हालांकि, सोफी कहती हैं कि लोगों को दिव्यांग को ग्लैमरस या सेक्सी व्यक्ति के रूप में देखने की आदत नहीं है.

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

लंदन फैशन वीक को लेकर थीं नर्वस 
लंदन फैशन वीक को लेकर सोफी बहुत ज्‍यादा नर्वस थीं. उन्‍होंने कहा फैशन शो में कोई भी मॉडल व्‍हीलचेयर में नहीं जाता है. हालांकि, इस नर्वसनेस पर उन्‍होंने बहुत ही जल्‍द काबू कर लिया था. सोफी कहती हैं कि वह फैशन में और भी ज्‍यादा इन्‍वॉल्‍व होना चाहती हैं, क्‍योंकि जब वह ऐसा करती हैं तो उन्‍हें काफी खुशी मिलती है. 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

सोफी ने कहा कि चोट के बाद शुरुआत के कुछ साल उन्‍होंने खुद को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक तौर पर तैयार किया. पिछले साल से ही लंदन में आकर रहना शुरू किया. वह कहती हैं- इसके बाद से मुझे लगा कि मैं अपनी जिंदगी में बहुत ज्‍यादा खुश हूं. मैं अपनी जिंदगी में कई चीजें अचीव करना चाहती हूं. 

सोफी ने कहा कि जब वह बड़ी हो रही थीं तो उन्‍होंने यह सपना देखा था कि एक दिन लंदन में रहेंगी, जब कॉलेज जाएंगी तो वॉकमैन में मैडोना के सॉन्‍ग सुन रही होंगी. लेकिन, उनको इस बात का अंदाजा था कि दिव्‍यांग होने की वजह से लंदन जाना उनके लिए उतना मुफीद नहीं रहेगा. सोफी के मुताबिक, लंदन में दिव्‍यांग लोगों के लिए सुविधाओं का अभाव है. 

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