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चीन में सामान बेचने की नई स्ट्रेटेजी... वीडियो देखते ही खरीदने निकल पड़ते हैं लोग!

चीन में एआई से बनाए गए एक गरीब बच्चे के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं. इन वीडियो में बच्चा अपनी गरीबी और परेशानियों की कहानी सुनाता है. उसकी बातें सुनकर लोग भावुक हो जाते हैं. इसके बाद वीडियो के जरिए उन्हें अलग-अलग सामान खरीदने के लिए कहा जाता है.

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जानिए कैसे एआई के इस वर्चुअल किरदार की कहानी ने बुजुर्गों को भी प्रभावित किया. ( Photo: ITG)
जानिए कैसे एआई के इस वर्चुअल किरदार की कहानी ने बुजुर्गों को भी प्रभावित किया. ( Photo: ITG)

सोशल मीडिया पर कई बार ऐसी कहानियां देखने को मिलती हैं, जिन्हें देखकर लोगों को किसी की मदद करने का मन करता है. लेकिन क्या हो, जब कहानी में दिखने वाला बच्चा असली ही न हो? चीन में इन दिनों ऐसा ही मामला सामने आया है. यहां एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाए गए एक लड़के के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. इन वीडियो में लड़का अपनी गरीबी और मुश्किलों की कहानी सुनाता है. उसे देखकर कई बुजुर्ग भावुक हो जाते हैं और उसकी मदद करने के लिए सामान खरीदने लगते हैं. लेकिन असल में यह लड़का कोई वास्तविक इंसान नहीं, बल्कि एआई से बनाया गया एक वर्चुअल किरदार है.

कौन है एआई से बनाया गया लड़का 'शियाओहाई'?
इस वर्चुअल लड़के का नाम 'शियाओहाई' (Xiaohai) है. चीन के शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म पर उसके कई वीडियो पोस्ट किए जा रहे हैं. इन वीडियो में उसे एक गरीब परिवार का बच्चा दिखाया जाता है, जो अपने पिता के साथ रहता है. उसकी कहानी में मां का साथ नहीं होने, पैसों की कमी और स्कूल में मुश्किलों का जिक्र किया जाता है. कई वीडियो में शियाओहाई खुद को लाचार दिखाता है. कभी वह बताता है कि उसके पास खाने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं, तो कभी उसे स्कूल में अकेले बैठकर रोटी खाते हुए दिखाया जाता है.

वह वीडियो देखने वाली महिलाओं को 'आंटी' और 'मां' कहकर बुलाता है. इस तरह वह लोगों से इमोशनस जुड़ाव बनाने की कोशिश करता है. वीडियो देखने वाले कई लोग उसे असली बच्चा समझकर उसके लिए चिंता जताते हैं. कमेंट में लोग उसे हिम्मत रखने की सलाह देते हैं और कहते हैं कि वह अकेला नहीं है. लेकिन इन वीडियो में दिखाई देने वाला लड़का एआई से तैयार किया गया एक काल्पनिक किरदार है.

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लोगों की भावनाओं का फायदा उठाकर बेचे जा रहे सामान
इन वीडियो के पीछे केवल दुख भरी कहानियां दिखाना ही मकसद नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक, इन कहानियों के जरिए लोगों का भरोसा जीतने के बाद उन्हें अलग-अलग सामान खरीदने के लिए प्रेरित किया जाता है. शियाओहाई कभी रोजमर्रा की चीजें, तो कभी कॉस्मेटिक और दूसरे प्रोडक्ट का प्रचार करता दिखाई देता है. लोग जब उसकी कहानी से इमोशनस रूप से जुड़ जाते हैं, तो उसके बताए सामान को खरीदने लगते हैं. कुछ रिपोर्टों के अनुसार, इन खातों पर बेचे जाने वाले कई उत्पाद दूसरी ऑनलाइन शॉपिंग साइटों पर मिलने वाले समान सामान से महंगे भी होते हैं.

इस तरह दुखभरी कहानी दिखाकर लोगों की सहानुभूति हासिल की जाती है और फिर उसी जुड़ाव का इस्तेमाल सामान बेचने के लिए किया जाता है. कुछ वीडियो में एआई से बने लड़के को इस अंदाज में पेश किया जाता है, मानो वह अपने परिवार की मदद करने के लिए मेहनत कर रहा हो.

79 साल की बुजुर्ग महिला भी लड़के से मिलने पहुंच गईं
इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कुछ लोग इस काल्पनिक किरदार को सच मान बैठे. रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में एक 79 साल के बुजुर्ग को ट्रेन में सफर करते हुए रोका गया. वह शियाओहाई से मिलने के लिए शांक्सी प्रांत के युनचेंग जा रहे थे. रेलवे पुलिस को जब इस बारे में पता चला, तो उन्होंने उन्हें समझाया कि वीडियो में दिखाई देने वाला लड़का असली नहीं है. वह एआई की मदद से बनाया गया एक वर्चुअल किरदार है. इसके बाद उन्हें वापस लौटने के लिए समझाया गया.

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यह मामला बताता है कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली हर भावुक कहानी सच नहीं होती. कई बार वीडियो इस तरह तैयार किए जाते हैं कि देखने वाले को लगे कि सामने वाला व्यक्ति वास्तव में परेशानी में है.

कुछ वीडियो पर  एआई का लेबल, फिर भी लोगों को नहीं हो रहा शक
इनमें से कुछ वीडियो पर यह जानकारी दी गई है कि उन्हें AI की मदद से बनाया गया है. इसके बावजूद कई लोग किरदार और उसकी कहानी को सच मान लेते हैं. खासकर उन लोगों के लिए यह समझना मुश्किल हो सकता है, जिन्हें  एआई से बनाए गए वीडियो की पहचान करने की जानकारी कम है. रिपोर्टों के मुताबिक, इस तरह के कुछ खातों पर कार्रवाई भी की गई है. कुछ ने अपने वीडियो हटाए हैं, तो कुछ के ऑनलाइन स्टोर बंद हुए हैं. हालांकि, इसी तरह के दूसरे वीडियो अब भी सामने आ रहे हैं.

आखिर क्यों वायरल हो रहे हैं ऐसे वीडियो?
ऐसे वीडियो इसलिए असर डाल सकते हैं, क्योंकि इनमें भावनाओं का इस्तेमाल किया जाता है. जब किसी बच्चे को अकेला, गरीब या परेशान दिखाया जाता है, तो लोगों के मन में उसके लिए सहानुभूति पैदा होती है. वीडियो में बार-बार 'आंटी' और 'मां' जैसे शब्दों का इस्तेमाल भी देखने वालों को उससे जुड़ा हुआ महसूस करा सकता है.

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इस मामले से यह सीख मिलती है कि सोशल मीडिया पर किसी की दुख भरी कहानी देखकर तुरंत पैसे खर्च करने या सामान खरीदने से पहले उसकी सच्चाई चेक करना जरूरी है. एआई की मदद से अब ऐसे वीडियो बनाए जा सकते हैं, जो देखने में काफी हद तक असली लगते हैं. इसलिए किसी भी वीडियो पर आंख बंद करके भरोसा करने के बजाय उसके पीछे की जानकारी जानना बेहतर है.

नोट: यह खबर SCMP वेबसाइट पर चीन में सामने आए मामले पर आधारित है. कॉपी में AI से बने किरदार द्वारा सामान बेचने और लोगों की भावनाओं का फायदा उठाने की बात को रिपोर्टों के आधार पर रखा गया है.

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