बिहार के एक बुजुर्ग का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है. वीडियो में झुकी कमर और लड़खड़ाकर चल रहे एक बुजुर्ग को पुलिस वाले जेल ले जाते दिखाई दे रहे हैं. दरअसल, 34 साल पुराने एक मामले में इस शख्स को सजा सुनाई गई है. ऐसे में लोग इस तस्वीर को लेकर सवाल खड़े करते दिखाई दे रहे हैं.
बमुश्किल जो शख्स पैरों पर खड़ा हो पा रहा है, जिसे एक कदम चलने में सहारे की जरूरत हो रही है. अब उसे जेल में सजा काटनी होगी. यह मामला बिहार के वैशाली जिले का है. बुजुर्ग पर 1992 में गोली चलाने और जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया गया था. इसके बाद अब जाकर मामले की सुनवाई पूरी हुई और आरोपी को दोषी पाया गया.
वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि बुजुर्ग की उम्र 84 साल है. वहीं इस मामले के वही एकमात्र जीवित आरोपी बचे थे. इस वीडियो को अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खूब शेयर किया जा रहा है और सवाल भी उठाए जा रहे हैं कि क्या यह सही है?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर @ChapraZila नाम के हैंडल से वीडियो शेयर किया है. वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा गया है - बिहार में 33 साल पुराने केस में 84 साल के बुजु्र्ग को भेजा गया जेल, दो लोगों ने सहारा देकर पहुंचाया सलाखों तक. इस वीडियो को अलग-अलग यूजर्स ने भी शेयर किया है.
वायरल वीडियो में जिस बुजुर्ग को सहार देकर जेल ले जाया जा रहा है. उनका नाम दीप राय है. 34 साल पहले 1992 में वैशाली के राघोपुर प्रखंड के जुड़ावनपुर गांव में गोलीबारी और जानलेवा हमला करने के मामले में इन्हें आरोपी बनाया गया था.
10 मई 1992 को इनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी. इन पर एक शख्स के घर में 5 लोगों के साथ हथियार लेकर घुसने, जानलेवा हमला करने और फायरिंग करने का आरोप लगाया गया था. इस मामले में आरोपी बनाए गए लोगों में अब सिर्फ दीप राय ही जीवित बचे हुए हैं.
1993 में सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई और 34 साल बाद यानी 2026 में दीप राय को दोषी करार दिया गया. दीप राय अब 84 साल के हो चुके हैं और बमुश्किल उठ-बैठ सकते हैं. अदालत परिसर में जब दो लोग इन्हें सहारा देकर ले जा रहे थे. तभी किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया.