आज के समय में सोशल मीडिया लोगों के लिए अपनी पहचान बनाने का एक बड़ा जरिया बन गया है. इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर लोग वीडियो और रील्स बनाकर अपने थॉट शेयर करते हैं. कई बार कोई वीडियो अचानक वायरल हो जाता है और क्रिएटर काफी फेमस हो जाते हैं. लेकिन पॉपुलैरिटी के साथ-साथ लोगों को आलोचना और ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ता है.
इसी बीच राजस्थान की कंटेंट क्रिएटर अनीता बिश्नोई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में उन्होंने महिलाओं के छोटे कपड़ों और वेस्टर्न पहनावे को लेकर अपनी राय रखी थी. उन्होंने अपने वीडियो में कहा था कि कपड़े हो गए छोटे शर्म कहां से आए..., रोटी हो गई ब्रेड तो ताकत कहां से आए... वीडियो वायरल होते ही लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं. कुछ लोगों ने उनकी बात का समर्थन किया, जबकि कई यूजर्स ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया. देखते ही देखते उनके वीडियो पर बड़ी संख्या में निगेटिव कमेंट आने लगीं और विवाद बढ़ गया. जोधपुर की अनीता बिश्नोई के 10 लाख से ज्यादा फॉलोअर हैं.
बताया जा रहा है कि लगातार हो रही ट्रोलिंग और आलोचना से अनीता काफी परेशान थीं. इसी बीच उन्होंने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर अपनी बात रखी. लाइव के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर किसी को उनसे कोई शिकायत है तो सामने आकर बात करे, कानून अपना काम करेगा.
इंस्टाग्राम लाइव में कही अपनी बात
अनीता के पति दिनेश के अनुसार, वह घर से बाहर थे, तभी उन्हें फोन पर जानकारी मिली कि अनीता इंस्टाग्राम पर लाइव आई हैं और एक अन्य इन्फ्लुएंसर पर उन्हें परेशान करने का आरोप लगा रही हैं. इसी दौरान उनके बेटे का फोन आया और उसने बताया कि अनीता ने जहरीला पदार्थ खा लिया है. इसके बाद परिवार उन्हें तुरंत जोधपुर के एमडीएम अस्पताल लेकर पहुंचा. अस्पताल में अनीता को आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है, अस्पताल प्रशासन के अनुसार फिलहाल उनकी हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं, लेकिन डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं.
बेटे के फोन से मिली घटना की जानकारी
दिनेश का यह भी आरोप है कि एक अन्य सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर लगातार अनीता को ट्रोल कर रहा था और दूसरे कंटेंट क्रिएटर्स को भी उनके खिलाफ भड़का रहा था. उनका कहना है कि परिवार को भी धमकियां मिल रही थीं. उन्होंने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है. यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग किसी व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है.
किसी की बात से असहमति होना अलग बात है, लेकिन लगातार अपमानजनक टिप्पणियां और ऑनलाइन उत्पीड़न किसी भी व्यक्ति को मानसिक तनाव में डाल सकता है. अनीता बिश्नोई का मामला इसी चुनौती की ओर ध्यान दिलाता है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए.