Himachal Pradesh hidden villages: हिमाचल प्रदेश का नाम सुनते ही सबसे पहले जेहन में शिमला, मनाली या कसोल का ख्याल आता है. लेकिन भीड़भाड़, ट्रैफिक और कमर्शियलाइजेशन के कारण अब इन जगहों पर वो सुकून नहीं रहा, जिसके लिए लोग पहाड़ों का रुख करते हैं. जैसे ही गर्मियों की छुट्टियां शुरू होती हैं, वैसे ही लोग बैग पैक करके हिमाचल की तरफ जाने लगते हैं, लेकिन अगर आप भी परिवार और दोस्तों के साथ सिर्फ घूमने नहीं बल्कि प्राकृति को महसूस करने और सुकून के दो पल बिताना चाहते हैं तो आप हिमाचल के इन 5 छुपे हुए गांवों का रुख कर सकते हैं.
हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाके कभी ऑफबीट लोकेशन के लिए बेस्ट मानी जाती थीं, जहां कम लोग जाते थे. लेकिन आज जीभी, चितकुल, शांघड़ और कसोल में भी भारी भीड़ देखने को मिलती है, जिसकी वजह से इन जगहों पर भी शांति और सुकून नहीं मिल पाता है. मगर हम आपको हिमाचल के कुछ ऐसे गांवों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां के नजारे किसी जन्नत से कम नहीं है. इसलिए इन गांवों को तो आप अपनी ट्रैवल बकेट लिस्ट में जरूर शुमार करें.
कल्पा गांव (Kalpa )
हिमाचल प्रदेश में घूमने के लिए कल्पा बहुत ही बेहतरीन जगह है, जो किन्नौर जिले का एक गांव है. कल्पा से सीधे किन्नर कैलाश पर्वत शृंखला के शानदार नजारे दिखाई देते हैं. सुबह सनराइज में बर्फ से ढकी ये चोटियां सुनहरी हो जाती हैं, जिसे देखना एक खूबसूरत अनुभव होता है.
बटसेरी गांव (Batseri Village)
किन्नौर जिले में बास्पा नदी के किनारे बसा बटसेरी गांव अपनी अछूती खूबसूरती के लिए जाना जाता है. यहां की पथरीली सड़कें, देवदार के घने जंगल और पारंपरिक लकड़ी के बने घर आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाएंगे. यहां का स्थानीय बद्री नारायण मंदिर, जो लकड़ी की बेजोड़ नक्काशी का नमूना है. यहां मौजूद सेब के बगीचे इस जगह की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं. अगर आप प्रकृति के बीच बिल्कुल शांत माहौल में वॉक करना चाहते हैं, तो यह बेस्ट जगह है.
शोगी गांव (Shoghi)
शिमला से महज 13 किलोमीटर पहले स्थित शोगी एक ऐसा छोटा सा गांव है, जिसे लोग अक्सर बाईपास कर जाते हैं. लेकिन जो यहां रुकते हैं, वो इसकी हरियाली और शांति के दीवाने हो जाते हैं. यह गांव अपने खूबसूरत ट्रेक्स, तारा देवी मंदिर और लोकल फ्रूट जूस व जैम के लिए जाना जाता है.
रक्षम गांव (Rakchham)
चितकुल और सांगला के बीच बसा रक्षम एक ऐसा गांव है, जहां आकर समय जैसे थम जाता है. एक तरफ बर्फ से ढकी चोटियां और दूसरी तरफ गुलाबी-सफेद फूलों के खेत इस गांव को पेंटिंग जैसा लुक देते हैं. यहां के स्थानीय लोगों का पहनावा और उनकी संस्कृति. यहां ट्रेकिंग और बास्पा नदी के किनारे बैठकर घंटों वक्त बिताना बेहद सुकून देने वाला है.
ताबो गांव (Tabo, Spiti Valley)
अगर आप एडवेंचर के शौकीन हैं और स्पीति की वादियों को एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो काजा से पहले ताबो गांव में जरूर रुकें. रेगिस्तानी पहाड़ों के बीच बसा यह शांत गांव एक अलग ही आध्यात्मिक शांति का अहसास कराता है. यहां टूरिस्ट के देखने के लिए ताबो मोनेस्ट्री भी है, जिसे हिमालय का अजंता भी कहा जाता है. यह करीब 1000 साल से भी ज्यादा पुरानी है और यहां प्राचीन भित्तिचित्र मौजूद हैं. मिस्टिक वाइब्स, तारों से भरा आसमान और प्राचीन बौद्ध इतिहास को करीब से महसूस करने के लिए यह जगह परफेक्ट है.