शिमला
शिमला (Shimla) भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है (Capital of Himachal Pradesh). 1864 में, शिमला को ब्रिटिश भारत की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया गया था. स्वतंत्रता के बाद, शहर पूर्वी पंजाब की राजधानी बन गया और बाद में इसे हिमाचल प्रदेश की राजधानी बनाया गया. यह राज्य का प्रमुख वाणिज्यिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक केंद्र है.
शिमला योजना क्षेत्र में हरित पट्टी 1,020 एकड़ में फैली हुई है (Area of Greenbelt, Shimla). शहर और उसके आसपास के मुख्य वन चीड़, देवदार, ओक और रोडोडेंड्रोन पेड़ो से ढ़के हुए हैं (Shimla Forest). मुख्य शहर के पास कोई जल निकाय नहीं है और निकटतम नदी, सतलुज, लगभग 21 किमी दूर है (Shimla River).
शिमला के सात पहाड़ियां- इनवरम हिल, ऑब्जर्वेटरी हिल, प्रॉस्पेक्ट हिल, समर हिल, बैंटनी हिल, एलिसियम हिल और जाखू हिल है. शिमला का सबसे ऊंचा स्थान जाखू पहाड़ी है, जो 2,454 मीटर की ऊंचाई पर है (Seven Hills of Shimla).
इस जिले में बड़े पैमाने पर सरकार और पर्यटन क्षेत्रों से रोजगार संचालित होते हैं (Shimla Economy). 2011 की जनगणना के अनुसार इसका क्षेत्रफल 35.34 वर्ग किमी में फैले हुआ है (Shimla Area). शिमला शहर की जनसंख्या 169,578 है (Shimla Population). यहां हिंदी भाषा बोली जाती है (Shimla Language).
शिमला में हनुमान मंदिर, काली बाड़ी मंदिर, जाखू, तारा देवी मंदिर और चर्च के साथ ही यहां की हरियाली लोगों का ध्यान आकर्षित करती है (Shimla Tourism).
हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी और बारिश से 1,250 से ज्यादा सड़कें बंद हैं. सड़कों की बहाली के लिए 3,500 मशीनें लगाई गई हैं. कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी है.
शिमला में भारी बर्फबारी के बाद मौसम ने करवट ली है और आसमान साफ हो गया है. सुबह से धूप निकल आई है जिससे पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है. बर्फबारी के बाद शिमला में सैलानियों का हुजूम उमड़ा है और यह नजारा देखकर पर्यटक बहुत खुश हैं. देखें ये रिपोर्ट.
शिमला में मौसम ने अचानक करवट ली है और भारी बर्फबारी हुई है. इस बर्फबारी के कारण पूरी जगह सफेद चादर से ढक गई है, जो देखने में बेहद खूबसूरत लग रही है. इस बार की बर्फबारी के बाद शिमला में पर्यटन की संख्या में खास इजाफा हुआ है और सैलानी शहर की ठंडी वादियों का आनंद लेने बड़ी संख्या में आ रहे हैं.
शिमला में भारी बर्फबारी हो रही है जिससे तापमान में गिरावट आई है. बर्फबारी का नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक शिमला आ रहे हैं. उनकी भीड़ के कारण शिमला के मुख्य प्रवेश द्वार पर लंबा जाम लग गया है. पर्यटक शिमला की ठंडी बर्फीली वादियों का आनंद लेने के लिए उत्साहित हैं, और इस वजह से यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है.
उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. दिल्ली एनसीआर में बारिश हुई है जबकि शिमला में भारी बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट आई है. पर्यटक शिमला की बर्फबारी का आनंद लेने के लिए वहां पहुंचे हैं. शिमला की बर्फबारी का ग्राउंड रिपोर्ट में देखें पूरा हाल.
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों आज सुबह हुई ताजा बर्फबारी ने मौसम को ठंडा कर दिया है. इस बर्फबारी की वजह से क्षेत्र के तापमान में तेजी से गिरावट आई है और स्थानीय लोग इस ठंडे मौसम का स्वागत कर रहे हैं. मौसम ने घाटी की खूबसूरती को और भी निखार दिया है जिससे पर्यटकों में भी उत्साह देखा गया है. देखें रिपोर्ट.
आज सुबह से जम्मू-कश्मीर से हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड तक भारी बर्फबारी हो रही है. जिसके कारण मौसम का रुख एक बार फिर बदल गया है. शिमला में भारी बर्फबारी के कारण गाड़ियों पर मोटी बर्फ की परत जम गई है, और लोगों को आवागमन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है. जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल-उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हुई है तो मैदनी इलाकों में बारिश ने ठंड बढ़ा दी है. शिमला, मनाली जैसे हिल स्टेशन में बर्फबारी से वादियां गुलजार हो गई हैं. देखिए रिपोर्ट.
शिमला के उपनगर बागी पंचायत ने जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट के पास प्रस्तावित जठिया देवी टाउनशिप परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का सर्वसम्मति से विरोध किया है. ग्राम सभा में आठ गांवों के ग्रामीणों ने खेती और आजीविका पर खतरे का हवाला देते हुए प्रस्ताव को रद्द करने की मांग की. ग्रामीणों ने प्रशासन और एनजीटी को प्रस्ताव भेजकर सहमति देने से इनकार कर दिया है.
शिमला में टनल निर्माण के चलते एक छह मंजिला आवासीय मकान में गंभीर दरारें आई हैं जिससे पंद्रह परिवारों को ठंड में रातभर सड़क पर रहना पड़ा. इसकी वजह से मकान और पास की ढली-संजौली बाईपास सड़क में भी दरारें आ गई हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है. टनल निर्माण के दौरान विस्फोटक और भारी मशीनों के उपयोग से यह नुकसान हुआ है.
हिमाचल प्रदेश के हाईकोर्ट ने देशद्रोह कानून पर टिप्पणी की और फेसबुक पोस्ट के आधार पर गिरफ्तारी को गलत बताया है. HC ने युवक को जमानत दे दी. कोर्ट का कहना था कि 'शांति की बात' को देशद्रोह नहीं कहा जा सकता है.
दुनिया के विभिन्न हिस्सों में नए साल 2026 का स्वागत उत्साह और उमंग के साथ किया जा रहा है. भारत में भी जैसे ही रात 12 बजे का समय हुआ, नया साल जोरदार तरीके से शुरू हो गया. लोग उत्साह से भरकर 2026 का स्वागत कर रहे हैं, जो एक नई उम्मीद और नई शुरुआत का प्रतीक है.
नया साल 2026 देशभर में धूमधाम और उत्साह के साथ स्वागत किया गया. शिमला के रिज मैदान से लेकर उदयपुर की झीलों के किनारे, मनाली के महफिलों से लेकर दिल्ली के कनॉट प्लेस तक हर जगह लोगों ने महसूस किया जश्न का रंग. कोलकाता की पर्क स्ट्रीट, मुंबई की मरीन ड्राइव और तमिलनाडु के त्रिची पुल पर भी नए साल का जश्न देखने को मिला.
दुनिया भर में नए साल 2026 के स्वागत को लेकर उत्सुकता दिखी. भारत में जैसे ही रात के 12 बजे होते हैं नया साल शुरू हो गया और पूरे देश में इसका जोरदार स्वागत किया गया. विभिन्न शहरों और इलाकों में लोग नए साल का जश्न मनाते हुए खुशी व्यक्त कर रहे हैं. घरों और सार्वजनिक स्थानों पर पटाखे फूटे और आतिशबाजी हुई. नए साल को लेकर लोगों में एक नई आशा और उमंग देखी गई.
नए साल से पहले देश के अलग-अलग हिस्सों से जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वो हैरान करने वाली हैं. कहीं होटल पूरी तरह भर चुके हैं, तो कहीं मंदिरों में दर्शन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है. सड़कों पर बढ़ती भीड़ ने कई शहरों की रफ्तार थाम दी है.
नए साल के जश्न के लिए शिमला और मनाली में पर्यटकों का हुजूम उमड़ पड़ा है, जिससे होटल 'हाउसफुल' हैं और सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं. कड़ाके की ठंड के बावजूद सैलानियों का जोश चरम पर है और हर कोई ताजा बर्फबारी की उम्मीद में 'व्हाइट न्यू ईयर' का इंतजार कर रहा है.
New Year celebration के लिए Shimla और Manali में भारी भीड़ उमड़ी है. Hotels housefull हैं, roads पर traffic जाम और tourists को White New Year की उम्मीद. जानें मौसम और प्रशासन की advisory.
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में इस बार बर्फबारी में काफी कमी देखने को मिली है. नए साल पर भी यहां खास बर्फबारी की उम्मीद नहीं है. केदारनाथ में अब तक एक भी बार बर्फ नहीं गिरी है. आइए जानते हैं नए साल में कहां ज्यादा बर्फबारी हो सकती है?
आईजीएमसी शिमला में डॉक्टर और मरीज के बीच मारपीट की घटना के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों ने एक दिन की मास कैजुअल लीव ली, जिससे ओपीडी सेवाएं बाधित रहीं. मुख्यमंत्री से मुलाक़ात के बावजूद बात बनते नहीं दिख रही, डॉक्टर्स अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल गए हैं.
शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर राघव निरुला की बर्खास्तगी के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने मास लीव का ऐलान किया है. मरीज के साथ झड़प का वीडियो वायरल होने के बाद डॉक्टर को बर्खास्त किया गया था.
शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर और मरीज के बीच हुई मारपीट के बाद तनाव बढ़ गया है. हिमाचल मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन ने राज्य भर में सामूहिक अवकाश का ऐलान किया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं.