कांग्रेस समर्थक निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कई मुद्दों पर सरकार और प्रशासन को निशाने पर लिया है.
भाजपा विधायक राजू सिंह को सजा मिलने के मामले में पप्पू यादव ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि राजू सिंह ने गोली चलाई होगी. उन्होंने कहा कि अदालत ने उनकी अपील स्वीकार की है और इसी कारण उन्हें कम सजा मिली है.
वहीं बिहार पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए पप्पू यादव ने कहा कि पूरे बिहार में पुलिस से बड़ा कोई गुंडा नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस आतंकवादी जैसी प्रवृत्ति से काम कर रही है और पुलिस मुख्यालय में 'कंस और रावण' जैसे लोग बैठे हैं. उन्होंने कहा कि अपराधियों और माफियाओं के इशारे पर काम हो रहा है और बिहार पुलिस आपराधिक तरीके से काम कर रही है.
अशोक चौधरी की मुलाकात को नाटक बताया
अशोक चौधरी के भरत तिवारी के परिवार से मिलने पर भी उन्होंने सवाल उठाए और इसे "नाटक" करार दिया. उन्होंने कहा कि 20 साल से सरकार चलाने वाले अब सहानुभूति दिखा रहे हैं, जबकि समाज का भरोसा उनसे उठता जा रहा है. उन्होंने सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो निष्पक्ष जांच कराई जाए.
तेजस्वी यादव के विदेश दौरे पर हमला
चिराग पासवान और जीतन मांझी के अलग-अलग रुख पर उन्होंने कहा कि दोनों को संतुष्ट करने के लिए सीबीआई जांच की बात की जा रही है. तेजस्वी यादव के विदेश दौरे और राजद के स्थापना दिवस पर भी पप्पू यादव ने तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि राजद नेताओं ने लालू यादव के संदेश को छोड़ दिया है और जब अपने ही समाज की सुरक्षा नहीं कर सकते तो स्थापना दिवस मनाने का क्या मतलब है.
लालू यादव की सुरक्षा पर क्या बोले?
लालू यादव की सुरक्षा बहाल किए जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें सुरक्षा मिलनी ही चाहिए, लेकिन भाजपा पर आरोप लगाया कि वह "नए राजद" को जिंदा रखना चाहती है, पुराने को नहीं. वहीं सम्राट चौधरी द्वारा 10 फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा पर पप्पू यादव ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब सही तरीके से जांच ही नहीं होगी तो सजा कैसे होगी. उन्होंने कहा कि सिर्फ घोषणाओं से कोई फर्क नहीं पड़ता.