उर्सुला वॉन डेर लेयेन (Ursula von der Leyen) एक जर्मन राजनीतिज्ञ हैं. वह 2019 से यूरोपीय आयोग की 13वीं अध्यक्ष हैं (President, European Commission). वॉन डेर लेयेन केंद्र-दक्षिणपंथी क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (CDU) और उसके यूरोपीय संघ के समूह, यूरोपीय पीपुल्स पार्टी (EPP) की सदस्य हैं.
8 अक्टूबर 1958 को बेल्जियम में जन्मी उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने 1970 के दशक के अंत में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में डिग्री हासिल की. उन्होंने 1987 में हनोवर मेडिकल स्कूल से चिकित्सक की उपाधि हासिल करने के बाद, उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य में विशेषज्ञता हासिल की (Ursula von der Leyen Education). 1986 में उन्होंने डॉ हेइको वॉन डेर लेयेन से शादी की. वह सात बच्चों की मां हैं. वह 1990 के दशक के दौरान एक गृहिणी थीं और चार साल तक कैलिफ़ोर्निया में रहीं (Ursula von der Leyen Husband and Children). वह 1996 में जर्मनी लौट आईं.
1990 के दशक के अंत में, वह हनोवर क्षेत्र में स्थानीय राजनीति में शामिल हो गईं और उन्होंने 2003 से 2005 तक लोअर सैक्सोनी की राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया (Ursula von der Leyen Debut in Politics).
रिपब्लिक डे 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने एक जैसे Eri सिल्क स्टोल पहने. ये स्टोल सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और सस्टेनेबल फैशन का संदेश दे रहे थे.
भारत-ईयू के ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बीच उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा है कि भारत की सफलता दुनिया को स्थिर बनाती है. उनके बयान को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उस बयान के जवाब के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका बूम करता है, तो दुनिया बूम करती है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपियन यूनियन से ट्रेड डील फाइनल कर कहा कि आज ग्लोबल ऑर्डर में बड़ी उथल-पुथल है, ऐसे में ये डील दुनिया के शांति लेकर आएगा. उन्होंने ट्रंप समेत टैरिफ को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने वाले राष्ट्रों को कहा कि बहुपक्षवाद और अंतर्राष्ट्रीय नियमों का सम्मान हमारी साझा प्राथमिकता है.
India-EU FTA: भारत और यूरोपीय संघ के बीच एफटीए पर मोहर लग गई है. हैदराबाद हाउस में इसका औपचारिक ऐलान कर दिया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को ऐतिहासिक करार दिया है.
India-EU FTA को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये डील ग्लोबल जीडीपी का 25% हिस्सा है और यह मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने वाला सबसे बड़ा समझौता साबित होगा. दोनों देश मंगलवार को होने वाले संयुक्त ईयू-इंडिया समिट में इसकी औपचारिक घोषणा करने वाले हैं.
India-EU Trade Deal: डोनाल्ड ट्रंप को टैरिफ अटैक का करारा जवाब मिलने वाला है. भारत और ईयू के बीच 'Mother Of All Deals' का आज ऐलान होगा और इससे भारत को कई तरह से फायदे होने वाले हैं.
भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर अमेरिका नाराज दिख रहा है. अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी का कहना है कि यूरोप भारत से ट्रेड कर रूस-यूक्रेन जंग को अप्रत्यक्ष रूप से फंड कर रहा है. आज दिल्ली में 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन में FTA, डिफेंस और मोबिलिटी डील पर साइन होने की उम्मीद है.
यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने नई दिल्ली में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में शिरकत की. वे यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ कर्तव्य पथ पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं. इस दौरान उन्होंने कहा कि एक सफल भारत दुनिया को ज्यादा स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है
Donald Trump की टैरिफ धमकियों के बीच भारत और यूरोपीय संघ बड़ी डील करने जा रहा है. इस मुक्त व्यापार समझौते का ऐलान 27 जनवरी को हो सकता है और इससे भारत को 27 देशों के बाजारों में पहुंच प्राप्त होगी.
ये दोनों प्रमुख ईयू नेता मिलकर यूरोपीय संघ का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन की सह अध्यक्षता करेंगे. इस दौरान यूरोपीय नेता, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे. यह पहला अवसर है जब EU के शीर्ष नेतृत्व को संयुक्त रूप से भारत के गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है. यह कदम भारत-ईयू रिश्तों को किसी एक सदस्य देश तक सीमित न रखकर पूरे यूरोपीय संघ के साथ रणनीतिक साझेदारी के रूप में देखने का स्पष्ट संकेत देता है.
रिपब्लिक डे के मौके पर यूरोपियन यूनियन के सीनियर नेता भारत पहुंच रहे हैं, जहां भारत-ई-यू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स पर सभी की नजरें टिकी होंगी. यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेन और यूरोपियन कॉउन्सिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा 26 जनवरी को मुख्य अतिथि के रूप में परेड में शामिल होंगे.
भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का ऐलान जल्द होने जा रहा है. 27 जनवरी को इस डील पर फाइनल मुहर लग जाएगी. इसे अब तक की सबसे बड़ी ट्रेड डील बताते हुए ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है
इसमें कोई दो राय नहीं कि आज की तारीख में अमेरिका सबसे ताकतवर मुल्क है. पर उसकी ताकत के पीछे यूरोप और कनाडा जैसे देशों का आंख मूंदकर मिलने वाला समर्थन भी रहा है. अगर ये दोनोंं ही ताकतें अमेरिका के खिलाफ खुलकर सामने आती हैं तो अमेरिकी प्रभुत्व का क्या होगा?
रिपब्लिक डे 2026 के अवसर पर इस बार भारत ने यूरोपियन यूनियन के टॉप लीडरशिप को चीफ गेस्ट के तौर पर इनवाइट किया है. समारोह में यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपियन काउंसिल के चेयरमैन एंटोनियो कोस्टा समारोह में शामिल होंगे
जीपीएस जैमिंग एक ऐसी तकनीक है, जिसमें रेडियो सिग्नल के जरिए सैटेलाइट नैविगेशन सिस्टम को बाधित किया जाता है. यह न केवल सैन्य बल्कि नागरिक उड्डयन के लिए भी खतरा है.
वाइट हाउस की अनदेखी झेल रहा यूरोपियन यूनियन एक नई परेशानी में फंस गया. कोविड के दौरान वैक्सीन खरीदी पर पारदर्शिता की कमी के चलते उसकी शाखा यूरोपियन कमीशन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आ चुका. अगर ये पास हुआ तो कमीशन अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन समेत उनकी सारी टीम को इस्तीफा देना होगा. क्या इससे यूरोप और कमजोर हो जाएगा?