
एक के बाद एक और फिर एक और... टोरंटो में बर्फीले तूफान की लाइन लग गई थी. साल था 1999, जनवरी का महीना, जिसे अब तक की सबसे खतरनाक सर्दी के लिए जाना जाता है.
14 जनवरी 1999 की रात, दक्षिणी ओंटारियो में एक और बर्फीला तूफान आया, जिससे टोरंटो निपट नहीं पाया और फिर सेना को बुलावा भेजा गया. उस दिन तूफान ने शहर को ऐसे ढक लिया था कि बर्फ हटाने के लिए पेटावावा से 400 सैनिकों को टोरंटो बुलाना पड़ा, जिससे शहर फिर पटरी पर लौट सका. अब साल 2026 में फिर एक ऐसा बर्फीला तूफान आया.
टोरंटो में रविवार को एक बार फिर एक जबरदस्त तूफान आया और पूरे इलाके में भारी बर्फबारी हुई. शहर फिर से बर्फ के नीचे दब गया. स्कूल बोर्ड्स ने स्कूल बंद कर दिए. ओंटारियो प्रांतीय पुलिस (OPP) ने बताया कि पिछले 24 घंटों में GTA में करीब 200 सड़क हादसों पर कार्रवाई की गई है. टोरंटो पियर्सन एयरपोर्ट पर अब तक की सबसे ज़्यादा एक दिन की बर्फबारी दर्ज की गई.

लोगों के मन में सवाल उठने लगा कि इतनी बर्फ हटेगी कैसे? और सबसे बड़ा सवाल—क्या यह हालात जनवरी 1999 जैसे हैं, जब सड़कों पर टैंक चल रहे थे और सैनिकों के हाथों में फावड़े थे?
इस बार भी बर्फ बहुत गिरी है. एनवायरनमेंट कनाडा के मुताबिक, रविवार रात एक मज़बूत लो-प्रेशर सिस्टम की वजह से दक्षिणी ओंटारियो के ज़्यादातर हिस्सों में भारी बर्फ गिरी. इसका सीधा असर ट्रैफिक, स्कूलों और रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ा.
टोरंटो पियर्सन एयरपोर्ट पर रविवार को 46 सेंटीमीटर बर्फ गिरी, जबकि शहर के कुछ हिस्सों में यह आंकड़ा 56 सेंटीमीटर तक पहुंच गया. यह पियर्सन पर अब तक की सबसे ज़्यादा एक दिन की बर्फबारी है. इसके साथ ही जनवरी 2026 में अब तक कुल बर्फबारी 88.2 सेंटीमीटर हो चुकी है. यह बहुत ज़्यादा है लेकिन 1999 बिल्कुल अलग कहानी थी.

2 जनवरी 1999 को ही एक तूफान ने लगभग 47 सेंटीमीटर बर्फ गिरा दी थी. फिर अगले ही वीकेंड पर 10 से 15 सेंटीमीटर और बर्फ गिरी. हालात लगातार बिगड़ते चले गए. आंकड़े बताते हैं कि 12 जनवरी तक उस महीने में ही टोरंटो में 105 सेंटीमीटर से ज़्यादा बर्फ जमा हो चुकी थी.
फिर एक और तूफान आया और शहर पर 35 सेंटीमीटर और बर्फ गिर गई. 14 जनवरी तक टोरंटो में सिर्फ उसी महीने में करीब 140 सेंटीमीटर बर्फ जमा हो चुकी थी. शहर पूरी तरह बर्फ से ढक गया था और बुरी तरह प्रभावित था. और तब सेना को बुलाया गया.
तब के मेयर मेल लास्टमैन ने बताया था कि सैनिक जल निकासी वाले इलाकों, फायर हाइड्रेंट्स और अहम जगहों से बर्फ हटा रहे हैं और फिर जल्द ही, 15 जनवरी तक हालात काबू में आ गए थे.

इस बार भी बर्फ ने शहर को चपेट में ले लिया. जनवरी में 88.4 सेंटीमीटर बर्फ जमा होना कोई छोटी बात नहीं है. सोमवार को मेयर ओलिविया चाउ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि शहर भर में सड़कों और फुटपाथों की सफाई के लिए 600 स्नो-प्लो मशीनें काम कर रही हैं लेकिन यह आंकड़ा 1999 में इसी समय तक जमा हुई रिकॉर्ड 145 सेंटीमीटर बर्फबारी के आसपास भी नहीं है.
इसीलिए चाउ ने मज़किया अंदाज़ में कहा, “मुझे नहीं लगता कि इस बार हमें सेना को बुलाने की ज़रूरत पड़ेगी.”
कनाडा बर्फीले मौसम में भी अपनी रफ्तार के लिए जाना जाता है. जहां बर्फ में ट्रैफिक की रफ्तार थम जाती है, फ्लाइट्स कैंसिल होती हैं और ठंड से लोग मर रहे होते हैं, वहीं कनाडा के पास हर चीज़ का तोड़ है और ये देश कभी नहीं रुकता. लेकिन रविवार की तड़के सुबह से शुरू हुई बर्फबारी देर रात तक जब चलती रही तो लोगों के दिन में डर पैदा होने लगा.
हालांकि रात ढलते-ढलते बर्फबारी रुक गई और फिर वही हुआ जो हमेशा होता है... पहले से तैयार स्नो वर्कर्स और ढेरों स्नो मशीनें अपनी ड्यूटी पर निकल पड़ीं. अंदरूनी इलाकों में फावड़े चले और सड़कों पर मशीनें... जल्दी ही ट्रैफिक ने अपनी रफ्तार पकड़ ली लेकिन हालात को सामान्य करने और भारी ठंड से बचने के लिए स्कूल बंद किए गए.
अब बर्फ से सफेद हुआ ये शहर अपनी पटरी पर लौट चुका है. लेकिन बर्फ साफ करने का काम अभी भी जारी है, जो अगले कुछ दिनों तक चलेगा.