तापसी पन्नू, अभिनेत्री
तापसी पन्नू (Taapsee Pannu, Actress) एक भारतीय अभिनेत्री हैं जो मुख्य रूप से हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषा की फिल्मों में अभिनय करती हैं. तापसी बॉलिवुड की सफल अभिनेत्रियों में से एक हैं. उन्हें अपनी सफल फिल्मों के लिए दो फिल्मफेयर पुरस्कार मिल चुके हैं.
तापसी पन्नू का जन्म 1 अगस्त 1987 को नई दिल्ली (New Delhi) में हुआ था (Taapsee Pannu Date of Birth). उनके पिता दिलमोहन सिंह पन्नू और मां निर्मलजीत हैं (Taapsee Pannu Parents). वह पंजाबी मूल की है. उनकी एक छोटी बहन भी है जिनका नाम शगुन है (Taapsee Pannu Sister). उन्होंने अशोक विहार (Ashok Vihar) के माता जय कौर पब्लिक स्कूल में अपनी स्कूली शिक्षा ली और गुरु तेग बहादुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Guru Tegh Bahadur Institute of Technology) से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में स्नातक किया है (Taapsee Pannu Education).
कुछ वर्षों तक मॉडलिंग करने के बाद, पन्नू ने 2010 की तेलुगु फिल्म झुमंडी नादम से अभिनय की शुरुआत की और बाद में 2011 की तमिल फिल्म, आदुकलम में अभिनय किया (Taapsee Pannu Debut in Tamil Film). उन्होंने डेविड धवन की कॉमेडी चश्मे बद्दूर (2013) से हिंदी फिल्म की शुरुआत की. उनकी फिल्मों में, बेबी (2015), पिंक (2016), द गाज़ी अटैक (2017), शबाना (2017), मुल्क (2018), मनमर्जियां (2018), बदला (2019), मिशन मंगल (2019) और सांड की आंख (2019) प्रमुख हैं (Taapsee Pannu Movies). उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (आलोचकों) का फिल्मफेयर पुरस्कार जीता साथ ही 2020 में,फिल्म थप्पड़ के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पहला फिल्मफेयर पुरस्कार मिला (Taapsee Pannu Awards) .
अभिनय के अलावा, पन्नू अपनी बहन शगुन और एक दोस्त के साथ द वेडिंग फैक्ट्री (The Wedding Factory) नाम से एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी चलाती हैं. वह बैडमिंटन फ्रेंचाइजी पुणे 7 एसेस (Pune 7 Aces) की मालिक भी हैं, जो प्रीमियर बैडमिंटन लीग (Premier Badminton League) में खेलती है.
अनुभव सिन्हा की फिल्म 'अस्सी' के साथ साउथ एक्ट्रेस कनि कुश्रुति ने हिंदी सिनेमा में एंट्री ली है. वे इसमें परिमा नाम की एक रेप सर्वाइवर का किरदार निभा रही हैं, जो नई दिल्ली के लोकल कोर्ट में अपने अपराधियों के खिलाफ न्याय की लड़ाई लड़ रही है. उन्होंने मलयालम सिनेमा में सुरक्षा और हिंदी सिनेमा में काम पर बात की.
तापसी ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वो ऑडियंस से अपनी फिल्म 'अस्सी' देखने की रिक्वेस्ट कर रही हैं. उनका कहना है कि ये फिल्म थोड़ा अनकम्फर्टेबल जरूर करेगी, मगर सभी इसे एक बार जरूर देखें.
तापसी पन्नू ने बताया था कि एक पॉडकास्ट में उनसे साउथ इंडस्ट्री के कथित तौर पर मिडरिफ के प्रति ऑब्सेशन के बारे में पूछा गया था और उन्हें बताया गया कि हिंदी सिनेमा में महिला एक्टर्स की क्लीवेज पर ज्यादा फोकस होता है. हालांकि उनका रिएक्शन गलत समझ लिया गया.
लिमिटेड स्क्रीन्स और ‘A’ रेटिंग के बावजूद ‘अस्सी’ मंडे टेस्ट में पास हुई है. तापसी पन्नू की इस सोशल ड्रामा को वर्ड ऑफ माउथ का साफ फायदा मिल रहा है. अब असली सवाल यही है— क्या दर्शक सोशल मैसेज वाली फिल्मों को फिर से थिएटर्स में अपनाने के लिए तैयार हैं?
Taapsee Pannu की ‘अस्सी’ ने limited screens और A rating के बावजूद Monday test पास किया. जानें box office collection, word of mouth और film का future.
इस वीकेंड दो अलग जॉनर की फिल्म बक्स ऑफिस पर रिलीज हुई. जहां एक तरफ मृणाल ठाकुल और सिद्धांत चतुर्वेदी की 'दो दीवाने एक सहर में' रिलीज हुई तो वहीं तापसी पन्नू की कोर्ट रुम रिलीज हुई. हालांकि एक साथ रिलीज हुई दोनों फिल्में दर्शकों को दिल जीतने में नाकाम दिखी. दोनों ही फिल्में धीमी गति से बॉक्स ऑफिस पर आगे बढ़ रही है.
लिमिटेड रिलीज और गंभीर मुद्दे के बावजूद ‘अस्सी’ ने पहले वीकेंड में दम दिखाया है. क्रिकेट मैच के बीच भी फिल्म की कमाई स्थिर रही और तीन दिन में एक सॉलिड टोटल तक पहुंच चुकी है. अब असली परीक्षा वर्किंग डेज में होगी, जहां तय होगा कि तारीफें टिकट में कितनी बदलती हैं.
धीमी शुरुआत के बाद ‘अस्सी’ ने दूसरे दिन बॉक्स ऑफिस पर जान फूंकी है. दमदार रिव्यूज का असर टिकट सेल्स में दिखा और फिल्म ने 60-70% तक ग्रोथ ली. अब असली टेस्ट संडे का है, जहां क्रिकेट मैच इसकी रफ्तार पर ब्रेक लगा सकता है. क्या वर्ड ऑफ माउथ जीत दिलाएगा?
तगड़े रिव्यूज और दमदार कहानी के बावजूद ‘अस्सी’ को बॉक्स ऑफिस पर स्लो ओपनिंग मिली है. क्रिटिक्स से लेकर फिल्म देखने वालों तक इसकी जमकर तारीफ की है लेकिन फिर भी इसे जितने कम दर्शक मिल रहे हैं, वो जनता की चॉइस पर सवाल उठाता है. क्या वर्ड ऑफ माउथ इस फिल्म को संभाल पाएगा?
तापसी पन्नू की ‘अस्सी’ सिर्फ रेप केस पर बना सोशल ड्रामा नहीं है. ये विजिलांटे जस्टिस और फिल्मी हीरोइज्म पर गहरी चोट भी है. हैदराबाद रेप केस से लेकर ‘सिम्बा’ तक में दिखे विजिलांटे जस्टिस पर ये फिल्म सवाल उठाती है— क्या गोली ही न्याय है? या समाज को आईना दिखाने की जरूरत है?
तापसी पन्नू ‘अस्सी’ के साथ अपने सिग्नेचर सोशल वारियर अवतार में लौटी हैं. मगर बॉक्स ऑफिस की धारा उनकी फिल्मके खिलाफ बह रही है. दमदार ट्रेलर के बावजूद फिल्म की ओपनिंग स्लो हो सकती है. क्या वर्ड ऑफ माउथ ‘अस्सी’ को बचाएगा, या ये भी स्ट्रगल करती सोशल फिल्मों की लिस्ट में जुड़ जाएगी?
हिंदी सिनेमा में महिला प्रधान फिल्मों को सोशल मीडिया पर खूब सराहना मिलती है, लेकिन थिएटर में उनका समर्थन कम रहता है. 'हक', 'मर्दानी 3' और 'अस्सी' जैसी फिल्मों ने महिलाओं की सशक्त छवि पेश की है, पर दर्शक टिकट खरीदने में संकोच करते हैं. ऐसा क्यों?
अनुभव सिन्हा की फिल्म 'अस्सी' में कनी कुश्रुति ने एक रेप सर्वाइवर परिमा का रोल प्ले किया है. इस किरदार के लिए उन्होंने अपने आपको किस तरह तैयार किया, इसके बारे में एक्ट्रेस ने बात की.
बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू की देश में रेप मामलों को लेकर नाराजगी नजर आई. उन्होंने कहा कि किसी के साथ घर में बहुत ही बेदर्दी से घटना होती है और कई बार अनएक्सपेक्टेड तरीके से कोई घर का शख्स ही इसे अंजाम देता है. इस विषय में रिपोर्टेड डाटा के अनुसार रोजाना लगभग 80 घटनाएं हो रही हैं. हम 80 का आंकड़ा इसलिए बता रहे हैं क्योंकि यह रिपोर्टेड आंकड़ा है और वास्तविक आंकड़े इससे भी अधिक गंभीर हो सकते है.
एक्ट्रेस तापसी पन्नू का देश में रेप मामलों के प्रति लोगों के रवैये को लेकर गुस्सा छलकता नजर आया. उन्होंने कहा कि समस्या अब इतनी सामान्य हो चुकी है कि हम इसे महत्व देना बंद कर चुके हैं. ऐसा लगता है जैसे यह सामान्य सी बात हो गई है. समस्या यह है कि मुझे इस बात का ज्यादा गुस्सा इसीलिए है.
मुल्क' और 'थप्पड़' के बाद डायरेक्टर अनुभव सिन्हा और एक्ट्रेस तापसी पन्नू की जोड़ी एक और दमदार फिल्म 'अस्सी' के साथ तैयार है.
बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू जल्द ही 'अस्सी' फिल्म में नजर आने वाली है. फिल्म 20 फरवरी को सिनेमा घरों में रिली होगी. इस फिल्म में तापसी एक बार फिर वकील के किरदार में नजर आने वाली है. साहित्य आजतक के मंच से तापसी ने बताया कि ये फिल्म रेप पीड़िताों पर है साथ ही तापसी ने अपनी फिल्म की जर्नी भी शेयर की.
तापसी पन्नू ने कहा है कि उनकी ‘अस्सी’ जैसी सोशल फिल्में अगर थिएटर्स में नहीं चलेंगी, तो ओटीटी प्लेटफॉर्म्स भी इन्हें खरीदना बंद कर देंगे. क्या सच में ऐसा हो रहा है? क्या जनता का दिल जीतने वाला सोशल फिल्मों का जॉनर खतरे में है? और ये खतरा आया कैसे?
बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनपर किरदारों का असर इतना होता है कि वो उन किरदारों के असर से खुद को पूरी तरह जुदा नहीं कर पाती हैं.
साहित्य आजतक लखनऊ के मंच से एक्ट्रेस तापसी पन्नू ने टीम वर्क पर बात करते हुए कहा कि हम सभी एक ही टीम के भाग हैं, और अगर हम साथ में काम नहीं करेंगे तो आगे बढ़ना मुश्किल होगा. फिल्मों की मेरी फिल्मोग्राफी देखें तो ज्यादातर काम पुरुषों द्वारा लिखा और निर्देशित किया गया है.
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 'साहित्य आजतक 2026' का मंच सज चुका है. दूसरे दिन 'द कोर्ट रूम क्वीन- पिंक से अस्सी तक' सेशन में एक्ट्रेस तापसी पन्नू ने शिरकत की. इस दौरान उन्होंने अपनी आने वाली फिल्म 'अस्सी' पर बात की और बताया कि उन्होंने क्यों इस फिल्म को हां कहा. तापसी ने साथ ही अपनी फिल्मी जर्नी भी शेयर की. देखें वीडियो.