फिल्ममेकर अनुभव सिन्हा सामाजिक मुद्दों पर फिल्में लेकर आते रहते हैं. 'मुल्क', 'थप्पड़', 'आर्टिकल 15' और 'भीड़' के बाद वो अब 'अस्सी' लेकर आए हैं, जो एक रेप सर्वाइवर परिमा की कहानी है. इसमें तापसी पन्नू, कुमुद मिश्रा, जीशान अयूब, मनोज पाहवा, रेवती जैसे दमदार एक्टर्स शामिल हैं. 'अस्सी' में मलयाली एक्ट्रेस कनी कुश्रुति ने रेप सर्वाइवर परिमा का रोल प्ले किया है.
'अस्सी' में रेप सर्वाइवर बनीं कनी कुश्रुति
कनी कुश्रुति मलयालम सिनेमा का एक जाना-मान नाम हैं. उन्होंने बेहद कम समय में अपना काफी नाम बना लिया है. कनी को हुमा कुरैशी की वेब सीरीज 'महारानी' में भी देखा गया. अब वो 'अस्सी' में भी नजर आएंगी, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर काफी बात हो रही है. हाल ही में कनी ने न्यूज एजेंसी PTI से बातचीत की, जहां उन्होंने अपने किरदार पर बात की.
एक्ट्रेस ने बताया कि उन्होंने कैसे डायरेक्टर अनुभव सिन्हा की 'अस्सी' के लिए रेप सर्वाइवर का दर्द महसूस किया. कनी कुश्रुति ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि कोई एक्टर किसी सर्वाइवर के दर्द को ठीक वैसा ही महसूस कर सकता है. हम एक्टर्स कोशिश करते हैं कि जितना हो सके, उतना करीब पहुंच जाएं. कभी-कभी तो ऐसा लगता है कि हां, ये मेरे साथ हुआ है, क्योंकि हम इतना यकीन कर लेते हैं. लेकिन मैं वैसी एक्ट्रेस नहीं हूं जो पूरी तरह अपने किरदार में डूब जाती हूं, क्योंकि अगर ऐसा किया तो ये मुझे खुद प्रभावित कर देगा. मैं ऐसा नहीं करती.'
कैसे 'अस्सी' में अपने रोल के लिए की तैयारी?
कनी ने आगे ये भी बताया कि उन्हें बचपन से एक रेप सर्वाइवर का ट्रॉमा महसूस होता रहा है. एक्ट्रेस ने कहा, 'एक औरत के तौर पर, बचपन से लेकर अब तक इस देश में बड़ी हुई हूं, तो क्या मुझे ऐसे हमलों या ट्रॉमा का एहसास है? हां, थोड़ा-बहुत तो है ही. क्योंकि मेरे बहुत करीबी लोग इसके शिकार हुए हैं. इसलिए बार-बार ये चीज आपके साथ जुड़ी रहती है, चाहे आप चाहो या ना चाहो. इंसाफ पाने के लिए आपको उस दर्द से फिर गुजरना पड़ता है. सिस्टम में ये बड़ी बेतुकी और विडंबना वाली बात है, लेकिन इंसाफ इसी तरह मिलता है कि आप इसे भूल नहीं सकते. फिल्म में एक लाइन भी है कि वो तुम्हें ये भूलने नहीं देंगे.'
बात करें फिल्म 'अस्सी' की, तो ये 20 फरवरी के दिन थिएटर्स में रिलीज होगी. इसे हर तरफ क्रिटिक्स से काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है. आजतक के रिव्यू में भी 'अस्सी' को एक बेहतरीन फिल्म बताया गया है, जो लोगों को महिला सुरक्षा के बारे में सोचने पर मजबूर कर सकती है.