सुजुकी (Suzuki) मोटर कॉर्पोरेशन जापान की एक बहुराष्ट्रीय वाहन और मोबिलिटी कंपनी है. इसका मुख्यालय जापान के शिजुओका प्रांत के हमामात्सु शहर में स्थित है. कंपनी कार, मोटरसाइकिल, ऑल-टेरेन वाहन, समुद्री इंजन, व्हीलचेयर और छोटे आंतरिक दहन इंजन सहित कई तरह के उत्पादों का निर्माण करती है. सुजुकी का कारोबार कई देशों में फैला हुआ है और कंपनी का वाहन उत्पादन तथा बिक्री का बड़ा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क है.
सुजुकी की शुरुआत वर्ष 1909 में मिचियो सुजुकी ने हमामात्सु में सुजुकी लूम वर्क्स के नाम से की थी. शुरुआती दौर में कंपनी कपड़ा उद्योग के लिए बुनाई की मशीनें बनाती थी. वर्ष 1929 में मिचियो सुजुकी ने बुनाई मशीन का एक नया मॉडल विकसित किया, जिसका निर्यात दूसरे देशों में भी किया गया. कंपनी ने अपने शुरुआती लगभग तीन दशकों में मुख्य रूप से बुनाई मशीनों के विकास और उत्पादन पर ध्यान दिया.
इसके बाद कंपनी ने अपने कारोबार में विविधता लाने की योजना बनाई. वर्ष 1937 में सुजुकी ने छोटी कार बनाने की परियोजना शुरू की. अगले दो वर्षों में कंपनी ने कॉम्पैक्ट कारों के कई प्रोटोटाइप तैयार किए. इन शुरुआती वाहनों में चार सिलेंडर वाला चार स्ट्रोक इंजन इस्तेमाल किया गया था.
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान सरकार ने नागरिक यात्री कारों को गैर जरूरी वस्तु घोषित कर दिया था. इसके कारण सुजुकी की कार उत्पादन योजना रोक दी गई. युद्ध के बाद कंपनी ने दोबारा बुनाई मशीनों का उत्पादन शुरू किया. हालांकि वर्ष 1951 में कपास बाजार में आई गिरावट के बाद कंपनी को अपने कारोबार में फिर बदलाव करना पड़ा.
वर्ष 1952 में सुजुकी ने अपना पहला मोटर चालित दोपहिया वाहन पावर फ्री पेश किया. इसमें 36 सीसी का दो स्ट्रोक इंजन लगाया गया था. इसके बाद कंपनी ने मोटरसाइकिल कारोबार का विस्तार किया. वर्ष 1954 में कंपनी ने अपना नाम बदलकर सुजुकी मोटर कंपनी लिमिटेड कर लिया.
वर्ष 1955 में सुजुकी ने सुजुलाइट कार पेश की. यह कंपनी के शुरुआती प्रमुख कार मॉडलों में शामिल थी. इसमें फ्रंट व्हील ड्राइव, स्वतंत्र सस्पेंशन और रैक एंड पिनियन स्टीयरिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया था.
भारत में सुजुकी (Zuzuki India) की मौजूदगी का महत्वपूर्ण अध्याय मारुति सुजुकी के साथ जुड़ा है. वर्ष 1981 से 1982 के दौरान सुजुकी ने भारत में एक बड़े स्तर पर विदेशी भागीदारी वाली कार कंपनी की स्थापना में भूमिका निभाई. शुरुआत में मारुति सुजुकी में भारत सरकार की हिस्सेदारी अधिक थी और सुजुकी की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत थी. बाद के वर्षों में सुजुकी ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई और वर्ष 2007 में कंपनी की भारतीय इकाई में बहुमत हिस्सेदारी हासिल की.
वर्ष 2009 से 2015 के बीच जर्मनी की वोक्सवैगन कंपनी के पास सुजुकी में 19.9 प्रतिशत हिस्सेदारी थी. दोनों कंपनियों के बीच कारोबारी और तकनीकी समझौते को लेकर विवाद हुआ. अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के बाद वोक्सवैगन को अपनी हिस्सेदारी सुजुकी को वापस बेचनी पड़ी. सितंबर 2015 में सुजुकी ने हिस्सेदारी की पुनर्खरीद पूरी की.
कंपनी के नेतृत्व में भी समय के साथ बदलाव हुए. मिचियो सुजुकी के बाद ओसामु सुजुकी ने लंबे समय तक कंपनी का नेतृत्व किया. ओसामु सुजुकी ने जून 2021 में चेयरमैन पद से सेवानिवृत्ति ली और उनके बेटे तोशिहिरो सुजुकी ने नेतृत्व संभाला. ओसामु सुजुकी का दिसंबर 2024 में निधन हो गया.
आज सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन का कारोबार वाहन, मोटरसाइकिल और अन्य मोबिलिटी उत्पादों के क्षेत्र में संचालित होता है. कंपनी का उत्पादन और वितरण नेटवर्क जापान के अलावा कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मौजूद है.
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