महाराष्ट्र की चर्चित सीट बारामती में आज, यानी मंगलवार को चुनावी प्रचार का आखिरी दिन है. शाम होते ही यहां इलेक्शन कैंपेन थम जाएगा, लेकिन उससे पहले आज शहर में सियासी हलचल काफी तेज रहने वाली है. राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खुद आज चुनावी मैदान में उतर रहे हैं. वो दोपहर 2 बजे बारामती शहर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे. यह रैली महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और NCP अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के समर्थन में आयोजित की गई है, जो इस उपचुनाव में अपनी किस्मत आजमा रही हैं.
बता दें कि बारामती की यह विधानसभा सीट पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन के बाद खाली हुई थी. इसी साल 28 जनवरी को बारामती एयरपोर्ट के पास एक विमान हादसे में अजीत पवार का दुखद निधन हो गया था, जिसके बाद यहां उपचुनाव कराना जरूरी हो गया. अब अजीत पवार की विरासत को आगे ले जाने की जिम्मेदारी उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार के कंधों पर है. आज की यह आखिरी रैली न केवल शक्ति प्रदर्शन है, बल्कि वोटरों को अपनी ओर खींचने का आखिरी बड़ा मौका भी है.
पवार परिवार ने झोंकी पूरी ताकत
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बारामती उपचुनाव में इस बार मुकाबला काफी बड़ा है क्योंकि चुनावी मैदान में सुनेत्रा पवार समेत कुल 23 उम्मीदवार अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं. अजीत पवार के जाने के बाद यह चुनाव पवार परिवार के लिए साख की लड़ाई बन गया है. यही वजह है कि सुनेत्रा पवार को जिताने के लिए उनका पूरा परिवार सड़कों पर उतर आया है. सोमवार को उनके दोनों बेटों, जय और पार्थ पवार ने अपनी मां के लिए जमकर पसीना बहाया. दोनों भाइयों ने बारामती के अलग-अलग इलाकों में जाकर लोगों से मुलाकात की और भावुक अपील करते हुए कहा कि वे उनकी मां को रिकॉर्ड वोटों से जीत दिलाएं.
प्रचार के आखिरी दिन अब सबकी नजरें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की रैली पर टिकी हैं. बीजेपी और एनसीपी गठबंधन किसी भी हाल में इस सीट को हाथ से जाने नहीं देना चाहता, इसलिए पूरी ताकत झोंक दी गई है. उधर, प्रशासन ने भी वोटिंग को लेकर अपनी सारी तैयारियां पुख्ता कर ली हैं. अब 23 अप्रैल को बारामती की जनता अपना फैसला सुनाएगी. इसके बाद 4 मई को जब वोटों की गिनती होगी, तब साफ होगा कि बारामती का अगला विधायक कौन बनेगा.