सवाई माधोपुर
सवाई माधोपुर (Sawai Modhopur) भारतीय गणराज्य के प्रांत राजस्थान का जिला है (District of Rajasthan), जो राज्य के पूर्वी हिस्से में स्थित है. इसका मुख्यालय सवाई माधोपुर शहर में स्थित है. सवाई माधोपुर जिला भरतपुर डिवीजन का एक हिस्सा है. (Sawai Modhopur in Bharatpur Division). इसका क्षेत्रफल 4,498 वर्ग किमी है (Sawai Modhopur Total Area).
2011 की जनगणना के मुताबिक सवाई माधोपुर जिले की जनसंख्या 13.36 लाख है (Sawai Modhopur Population). यहां हर एक वर्ग किमी में 297 लोग रहते हैं (Sawai Modhopur Density). इस जिले में 1000 पुरुषों पर 897 महिलाओं का अनुपात है (Sawai Modhopur Sex ratio). सवाई माधोपुर जिले की साक्षरता दर 65.39 फीसदी है, जिसमें 81.51 फीसदी पुरूष और 47.51 फीसदी महिलाएं साक्षर हैं (Sawai Modhopur Literacy Rate). सवाई माधोपुर जिले में एक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र और चार विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं (Sawai Modhopur Constituencies).
यह उत्तर में दौसा जिले से, उत्तर-पूर्व में करौली जिले से, दक्षिण-पूर्व में मध्य प्रदेश के शिवपुर जिले से, दक्षिण में कोटा और बूंदी जिले से और पश्चिम में टोंक जिले से घिरा है. (Sawai Modhopur Geographical Location).
18 वीं शताब्दी में महाराजा सवाई माधोसिंह के ने सवाई माधोपुर शहर को स्थापित किया था सवाई माधोपुर जिले के क्षेत्र पुराने करौली राज्य तथा पुराने जयपुर राज्य की सवाई माधोपुर, गंगापुर हिण्डोन निजामतों में आता था. पुराना करौली राज्य 17 मार्च 1948 को मत्स्य संघ में शामि हुआ जिसे पुराने जयपुर राज्य के साथ मिलाकर संयुक्त राज्य राजस्थान बना. 15 मई 1949 को सवाई माधोपुर अलग जिले के रूप में अस्तित्व में आया. जिले को अब तक दो बार विभाजित करके दो और जिले, दौसा और करौली जिले का निर्माण किया जा चुका है (Sawai Modhopur History).
जिले में पाए जाने वाले कई किले एवं गढ़ इसकी पुरानी ख्याति व शौर्य का संकेत देते है, लेकिन रणथम्भौर के किले की देश के मध्यकालीन इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका रही है. जिले का रणथम्भौर वन्य जीव अभयारण्य विश्व प्रसिद्ध है, जो पर्यटको के लिए आकर्षण का केन्द्र है (Sawai Modhopur Tourist Attractions).
सवाई माधोपुर के कोडयाई गांव में 60 वर्षीय महिला कमला देवी की गहनों के लिए निर्मम हत्या कर दी गई. लुटेरों ने चांदी के कड़े लूटने के लिए महिला के दोनों पैर काट दिए और गला रेत दिया. करीब 13 से 14 लाख रुपये के सोना-चांदी के गहने लूटे गए. पुलिस जांच में जुटी है.
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में सफारी के दौरान पर्यटकों की जिप्सी के पास दो टाइगर आकर खड़े हो गए. जोन नंबर-2 में टाइगर टी-101 और टी-105 की दहाड़ से सैलानी सहम गए. बाघ जिप्सियों के बीच से गुजरे, लेकिन ऐन वक्त पर टकराव टल गया. रोमांचक दृश्य कैमरों में कैद हुआ है.
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले स्थित रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में टाइगर सफारी के दौरान सैलानियों को रोमांच और डर से भरे पल देखने को मिले. सफारी के समय पर्यटकों की जिप्सी के पास दो टाइगर आकर खड़े हो गए. दोनों बाघ की तेज दहाड़ से कुछ देर के लिए जंगल गूंज उठा और जिप्सी में बैठे सैलानी सहम गए.
सवाई माधोपुर के खंडार क्षेत्र स्थित चम्बल नदी में 20 वर्षीय युवती ने अचानक ही छलांग लगा दी. मौके पर मौजूद लोगों की सूचना पर पहुंची एसडीआरएफ टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया. युवती को अस्पताल में जांच के बाद परिजनों को सौंप दिया गया.
राजस्थान में सवाई माधोपुर जिले के खंडार क्षेत्र में मध्यप्रदेश की सीमा पर बहने वाली चम्बल नदी स्थित पाली ब्रिज पर एकाएक हड़कंप मच गया. दरअसल, यहां एक युवती ने चंबल नदी में छलांग लगा दी. घटना के बाद आसपास मौजूद लोग शोर मचाने लगे और तुरंत पुलिस व रेस्क्यू टीम को सूचना दी.
सवाई माधोपुर में ढील बांध पर स्टंट करते समय एक युवक पानी में बह गया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक ने शराब पी रखी थी और तेज बहाव के बीच बांध पार करने की कोशिश कर रहा था. इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से हादसा हो गया. घटना की जानकारी मिलते ही SDRF और सिविल डिफेंस की टीम मौके पहुंची और सर्च ऑपरेशन में जुट गई.
देश भर में हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही मचाई है. राजस्थान में बारिश ने जीना दुश्वार करके रखा है. राजस्थान के कई हिस्सों से डरावनी तस्वीरें सामने आ रही हैं. बारिश ने राजस्थान पर ऐसा प्रहार किया है कि लोग हैरान हैं. राजस्थान के सवाई माधोपुर में कुदरत की सबसे हैरान करने वाली तबाही हुई है. जमीन को सैलाब निगल गया और 100 फीट चौड़ी और 50 फीट गहरी खाई बन गई.
राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के चलते सवाई माधोपुर, बूंदी और टोंक जैसे जिलों में हालात गंभीर हैं. सवाई माधोपुर में बारिश के बाद जमीन का ऐसा धंसाव पहली बार देखा गया है, कई गांवों का संपर्क मुख्य शहरों से कट गया है और सड़कें नदियों में तब्दील हो गई हैं.
राजस्थान इन दिनों भारी बारिश और बाढ़ की चपेट में है. पिछले तीन दिनों से जारी बारिश ने राज्य में तबाही मचाई है. सवाई माधोपुर जिले में हालात सबसे गंभीर हैं, जहां जमीन का बड़े पैमाने पर कटाव हुआ है. कई जगहों पर समतल खेत 30-40 फीट गहरी खाई में बदल गए हैं. अमरूद के बागान और रिहायशी इलाके भी सैलाब की भेंट चढ़ गए हैं. देखिए रिपोर्ट.
राजस्थान के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे कई शहर और गांव जलमग्न हो गए हैं. मॉनसून की इस आफत के बीच अब तक 14 लोगों की जान जा चुकी है. राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और सेना बचाव अभियान में जुटी हुई है. भीलवाड़ा, करौली, धौलपुर, कोटा, बारां, सवाई माधोपुर, बूंदी और टोंक जैसे कई जिलों में जल प्रलय का प्रकोप देखा जा रहा है.
राजस्थान के सवाईमाधोपुर में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है. शहर के कई इलाके दरिया बन गए हैं. सवाईमाधोपुर जिले के झराफ्ता गांव में खेत झरना बन गए और इलाका नदी में तब्दील हो गया. तेज बहाव के कारण मिट्टी का कटाव लगातार हो रहा है, जिससे कई घर गिर चुके हैं और कई अन्य खतरे में हैं.
सवाई माधोपुर में भारी बारिश से जिला मुख्यालय का लटिया नाला उफान पर आ गया. तेज बहाव में एक कार फंस गई जिसमें चालक और दो महिलाएं सवार थीं. स्थानीय लोगों की सतर्कता और साहस से तीनों को सुरक्षित निकाल लिया गया. बाद में ट्रैक्टर की मदद से कार को भी पानी से बाहर निकाला गया. समय पर अगर उनकी मदद नहीं की जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था.
राजस्थान के कई शहरों में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. सवाई माधोपुर, टोंक, बूंदी, कोटा, धौलपुर और सीकर जैसे जिलों में बाढ़ का मंजर है. सवाई माधोपुर में दर्जनों गांव डूबने की स्थिति में हैं और कई गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क कट गया है. रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया है. देखें विशेष.
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में भारी बारिश के बाद नाले और नदियां उफान पर हैं. शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित लटिया नाले में एक बड़ा हादसा टल गया. तेज बहाव के बीच एक कार फंस गई, जिसमें कार चालक और दो महिलाएं सवार थीं. जानकारी के मुताबिक, कार लटिया नाला क्षेत्र में भूतेश्वर महादेव के पास जीनापुर रोड की नई पुलिया पार करने की कोशिश कर रही थी.
राजस्थान के सवाई माधोपुर में भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. कई गांव टापू बन गए हैं और राष्ट्रीय राजमार्ग पानी में डूबा हुआ है. पानी का बहाव बहुत तेज है, जिससे लोगों को जान बचाना मुश्किल हो रहा है. सेना और एनडीआरएफ की टीमें तैनात हैं.
लगातार बारिश के चलते राजस्थान के 8 जिलों में बाढ़ से हालात खराब है. बाढ़ प्रभावित लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. साथ ही बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए सेना की भी मदद ली जा रही है.
राजस्थान के सवाई माधोपुर में सूरवाल बांध में नाव पलटने से बड़ा हादसा हुआ है. नाव में सवार 8-10 लोगों में से 7 को ग्रामीणों, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीम ने बचा लिया, एक व्यक्ति पेड़ पकड़कर पानी में खड़ा है जिसे बचाने का प्रयास जारी है, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है.
राजस्थान के सवाईमाधोपुर में एक बड़ा हादसा हुआ है. सूरजपुर बांध के पास एक नाव पलट गई. इस नाव में कुल नौ लोग सवार थे. हादसे के बाद सात लोगों को नदी से बाहर निकाला गया है. हालांकि, अभी भी दो शख्स लापता बताए जा रहे हैं. नदी उफान पर होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में चुनौतियां आ रही हैं. एनडीआरएफ की टीम मौके पर मौजूद है और लापता लोगों की तलाश में रेस्क्यू का काम लगातार जारी है.
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में छह घंटों की मूसलाधार बारिश के बाद हालात बिगड़ गए हैं. सवाई माधोपुर से खंडार मेगा हाईवे पर उघाड़ की पुलिया तेज वेग से पानी के साथ बह गई, जिससे सवाई माधोपुर-खंडार का संपर्क कट गया है. जिला मुख्यालय से चारों तरफ गांव में जाने वाले रास्ते बंद हैं.
राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व और उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में बाघ के हमलों से लोगों में भय व्याप्त है. रणथंभौर दुर्ग क्षेत्र में बाघ के हमले से एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद ग्रामीणों ने 33 घंटे तक धरना दिया, जो कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हुआ.
राजस्थान पुलिस ने इस 'लुटेरी दुल्हन' को बीते दिनों गिरफ्तार किया. इसका नाम अनुराधा पासवान है. अनुराधा वर्तमान में एमपी के भोपाल में रह रही थी, जबकि असल में वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के रहने वाली है.