scorecardresearch
 
Advertisement

क्विनोआ

क्विनोआ

क्विनोआ

क्विनोआ (Quinoa) एक पौधा है, जिसे आमतौर पर अनाज की तरह इस्तेमाल किया जाता है, हालांकि वनस्पति विज्ञान के अनुसार यह पारंपरिक अनाज नहीं, बल्कि एक छद्म-अनाज (Pseudo Cereal) है. इसका वैज्ञानिक नाम Chenopodium quinoa है और यह अमारैंथेसी (Amaranthaceae) परिवार से संबंधित है. क्विनोआ के बीजों का उपयोग भोजन बनाने में किया जाता है और यह कई देशों के खानपान का हिस्सा है.

क्विनोआ की उत्पत्ति दक्षिण अमेरिका के एंडीज पर्वतीय क्षेत्र में मानी जाती है. पेरू, बोलीविया, इक्वाडोर और चिली में इसकी खेती हजारों वर्षों से की जा रही है. ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार, इंका सभ्यता में क्विनोआ प्रमुख खाद्य फसलों में शामिल था. आज इसकी खेती दुनिया के कई देशों में की जाती है.

भारत में पिछले कुछ वर्षों में क्विनोआ की मांग बढ़ी है. इसकी खेती राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में सीमित स्तर पर की जा रही है. भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) और अन्य कृषि संस्थान भी इसकी विभिन्न किस्मों और खेती की तकनीकों पर काम कर रहे हैं.

क्विनोआ का पौधा लगभग 1 से 2 मीटर तक ऊंचा हो सकता है. इसके बीज छोटे और गोल होते हैं, जिनका रंग सफेद, लाल, काला या हल्का भूरा हो सकता है। बाजार में सफेद क्विनोआ सबसे अधिक उपलब्ध होता है.

क्विनोआ का उपयोग कई प्रकार के व्यंजनों में किया जाता है. इससे पुलाव, खिचड़ी, सलाद, सूप, दलिया, उपमा, कटलेट और अन्य खाद्य पदार्थ बनाए जाते हैं. इसके आटे का उपयोग रोटी, ब्रेड, कुकीज और बेकरी उत्पाद तैयार करने में भी किया जाता है. कई खाद्य कंपनियां क्विनोआ आधारित रेडी-टू-कुक और पैकेज्ड उत्पाद भी बाजार में उपलब्ध करा रही हैं.

भारत में क्विनोआ की बिक्री सुपरमार्केट, ऑर्गेनिक स्टोर और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से होती है. इसकी कीमत उत्पादन, गुणवत्ता, ब्रांड और बाजार की मांग के अनुसार बदलती रहती है. आज क्विनोआ वैश्विक कृषि और खाद्य उद्योग में तेजी से पहचान बना रहा है और कई देशों में इसकी खेती तथा व्यापार लगातार बढ़ रहा है.

और पढ़ें

क्विनोआ न्यूज़

Advertisement
Advertisement