पुलवामा अटैक
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (Jammu-Srinagar National Highway) पर सशस्त्र कर्मियों को ले जा रहे भारतीय सैन्य वाहनों के काफिले पर 14 फरवरी 2019 को एक आत्मघाती आतंकी हमला किया गया. इस त्रासदी में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ)(CRPF) के 40 सदस्यों की मौत हो गई थी. हमले में एक अपराधी, पुलवामा जिले का एक कश्मीरी युवक आदिल अहमद डार (Adil Ahmad Dar) भी शामिल था. इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी( Pakistani terrorist group Jaish-e-Mohammed).
बुरहान वानी की हत्या के बाद से कश्मीर अस्थिर हो गया था (leader Burhan Wani), जिसके बाद कश्मीर की घाटियों में आतंकी हमले लगातार बढ़ने लगे. जुलाई 2015, जून 2016, सितंबर 2016 और दिसंबर 2017 में हमले हुए थे, जिसमें पुलवामा हमला बहुत ही घातक था. इनमें से ज्यादातर हमले जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के पास हुए. हालांकि, पुलवामा हमला (Pulwama Attack) 90 के दशक के बाद से सबसे घातक हमलों में से एक रहा है, जिसमें विस्फोटकों से भरी एक कार को सैन्य बसों के काफिले में शामिल एक बस से टकराया गया था.
घायलों का इलाज श्रीनगर के आर्मी बेस अस्पताल में किया गया. आदिल अहमद डार के माता-पिता ने कहा कि भारतीय पुलिस के साथ तकरार के कारण उनके बेटे को कट्टरपंथी बना दिया गया था (Adil Ahmad Dar Parents). इसके बाद भारत सरकार द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ की गई कुछ सबसे कठोर कार्रवाइयों को देखा गया, जिसमें सीमा शुल्क को 200% तक बढ़ा दिया गया, पाकिस्तान का सबसे पसंदीदा राष्ट्र का दर्जा रद्द कर दिया गया, और राज्य प्रशासन ने अलगाववादियों के अधिवक्ताओं के लिए सुरक्षा रद्द कर दी थी.
ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन द्वारा फिल्म उद्योग में पाकिस्तानी कामगारों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. 26 फरवरी को बालाकोट हवाई हमले (Balakot Airstrike) को एक सफल ऑपरेशन के रूप में भारतीय सैन्य प्रतिशोध के रूप में देखा गया, जिसने कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर को नष्ट कर दिया गया.
भारत के मोस्टवांटेड आतंकियों में शामिल हमजा बुरहान की मौत के बाद पाकिस्तान और POK में बैठे आतंकी नेटवर्क में खलबली मच गई है. हमजा के जनाजे में पहुंचे आतंकी आकाओं की तस्वीरों ने पाकिस्तान के उस दावे की भी पोल खोल दी, जिसमें उसे स्कूल प्रिंसिपल बताया गया था.
पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हमजा बुरहान को PoK के मुजफ्फराबाद में दफना दिया गया. जनाजे के वीडियो में हिजबुल और अल बदर से जुड़े लोगों की मौजूदगी ने पाकिस्तान में आतंकियों के नेटवर्क और ISI कनेक्शन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. पढ़ें पूरी खबर.
पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड और वांटेड आतंकी हमजा बुरहान को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दफनाया गया. उसके जनाजे में हिजबुल मुजाहिद्दीन के चीफ सैयद सलाउद्दीन और अल-बदर के प्रमुख बख्त जमीन खान समेत कई बड़े आतंकी कमांडर शामिल हुए. जनाजे के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसमें भारी हथियारों से लैस आतंकी तैनात थे.
पुलवामा आतंकी हमले के मुख्य मास्टरमाइंड और वॉन्टेड आतंकी अर्जुनमंद गुलजार उर्फ बुरहान हमजा को अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार दी. हमजा ISI की सुरक्षा में था और मुजफ्फरबाद के माचिस फैक्ट्री नामक ठिकाने से आतंकवादी गतिविधियां कर रहा था. वो कर्नल रिजवान के संपर्क में था, जो उसे आतंकवादी साजिशों के लिए निर्देश देता था.
एक ऐसी हत्या से जो पाकिस्तान के लिए ज़ोर का झटका है, और भारत के लिए सुकून देने वाला है. तो आज हम आपको दिखाने जा रहे हैं, कैसे धुरंधर ने पाकिस्तानी हमज़ा को निपटा दिया. वो हमज़ा बुरहान, जो 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड में से एक था. आतंकी हमज़ा को, पीओके यानी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद में गोली मारी गई है.
पुलवामा हमले से जुड़े आतंकवादी हमजा बुरहान की PoK में अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी. सूत्रों के मुताबिक ISI ने उसे स्कूल प्रिंसिपल का कवर दिया हुआ था और AK-47 लैस सुरक्षा भी मिली थी. आरोप है कि वह अल बद्र आतंकवादी संगठन के लिए जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियां और भर्ती नेटवर्क चला रहा था.
साल 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हमजा बुरहान की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में गोली मारकर हत्या कर दी गई है. अज्ञात हमलावरों ने PoK के मुजफ्फराबाद इलाके में उसके ऑफिस के बाहर बुरहान पर फायरिंग की, जिसमें उसकी मौत हो गई. हमजा पुलवामा का रहने वाला था, जो फरार होकर POK पहुंचा था. जानें आतंकी हमजा बुरहान की पूरी कुंडली.
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा से पाकिस्तान पहुंचा अरजुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान अब मारा गया है. अल बद्र आतंकी संगठन का यह कमांडर लंबे समय से भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल था. भारत सरकार ने उसे UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया था. पुलवामा में हमलों, युवाओं को आतंक की राह पर धकेलने और विस्फोटकों की सप्लाई जैसे कई मामलों में उसका नाम सामने आया था.
Pulwama attack mastermind hamza burhan killed: साल 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हमजा बुरहान की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में गोली मारकर हत्या कर दी गई है. अज्ञात हमलावरों ने PoK के मुजफ्फराबाद इलाके में उसके ऑफिस के बाहर बुरहान पर फायरिंग की, जिसमें उसकी मौत हो गई. हमजा पुलवामा का रहने वाला था, जो फरार होकर POK पहुंचा था. जानें आतंकी हमजा बुरहान की पूरी कुंडली.
पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हमजा बुरहान को PoK में अज्ञात शख्स ने गोली मार दी है. हमले में इस आतंकी की मौत हो गई है. हमला बुरहान उर्फ डॉक्टर आतंकी संगठन अल बद्र से जुड़ा था. हमजा पुलवामा का ही रहने वाला था लेकिन 2017 में वह पीओके चला गया था.
पुलवामा आतंकी हमले के कथित मास्टरमाइंड हमजा बुरहान की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में गोली मारकर हत्या कर दी गई. जानिए NIA की चार्जशीट में कितने आतंकी आरोपी थे, कौन मारा गया, कौन गिरफ्तार हुआ और कौन अब भी फरार है. पढ़ें पूरी कहानी.
पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हमजा बुरहान को पाकिस्तान में अज्ञात हमलावर ने गोली मारकर हत्या कर दी है. यह घटना मुजफ्फराबाद में हुई जहां हमजा अपने ऑफिस में था। 2019 के पुलवामा हमले में 40 से अधिक जवान शहीद हुए थे.
Pulwama attack mastermind hamza burhan killed: साल 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हमजा बुरहान की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में गोली मारकर हत्या कर दी गई है. अज्ञात हमलावरों ने PoK के मुजफ्फराबाद इलाके में उसके ऑफिस के बाहर बुरहान पर फायरिंग की, जिसमें उसकी मौत हो गई. जहां मारा गया पुलवामा का मास्टरमाइंड, वहां से आईं मौके की तस्वीरें. देखिए.
साल 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हमजा बुरहान की पाकिस्तान में गोली मारकर हत्या कर दी गई है. सूत्रों के मुताबिक, अज्ञात हमलावरों ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद इलाके में उस पर फायरिंग की, जिसमें उसकी मौत हो गई. बताया जा रहा है कि हमजा बुरहान खुद को शिक्षक बताता था, लेकिन उसका नाम पुलवामा हमले की साजिश से जुड़ा रहा है.
उत्तर प्रदेश के बलिया से समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पाण्डेय ने पुलवामा आतंकवादी हमले को लेकर एक विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि इस हमले के पीछे कोई विदेशी साजिश नहीं थी. पाण्डेय ने जांच की थ्योरी को रद्द करते हुए बीजेपी पर हमला बोला है. 2014 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने नौजवानों को रोजगार देने और काला धन वापस लाने के वादे किए थे, लेकिन अपने एजेंडे पर पूरा खरा नहीं उतरा. पांडे का कहना है कि पुलवामा हमला बीजेपी की साजिश का हिस्सा था. वे आज भी अपनी बात पर कायम हैं और सवाल उठाते हैं कि विदेशी साजिश साबित क्यों नहीं हुई.
पिछले हफ्ते रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी हड़प्पा या सिंधु-सरस्वती सभ्यता की चर्चा करते हुए कहा कि सिंध भौगोलिक रूप से भले भारत से अलग हो गया हो, लेकिन सभ्यता और संस्कृति के स्तर पर वो हमेशा भारत का हिस्सा रहेगा. उन्होंने उम्मीद भरे लहजे में ये भी कहा कि सीमाएं बदलती रहती हैं, 'कौन जानता है, कल को सिंध फिर भारत का हिस्सा बन जाए.'
लाल किले के पास हुए आतंकी हमले को लेकर पूर्व होम मिनिस्टर और कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने एक बार फिर डोमेस्टिक टेररिज्म का मुद्दा उठाया है. उन्होंने कहा है कि भारत को दो तरह के आतंकियों का सामना करना पड़ रहा है. एक जो विदेश से Trained होकर आते हैं और दूसरे जो देश के भीतर ही पनप रहे हैं.
दिल्ली में एक चौंकाने वाला साइबर फ्रॉड सामने आया है. यहां ठगों ने खुद को एटीएस का अधिकारी बताकर एक शख्स को पुलवामा आतंकी हमले में फंसाने की धमकी दी. उससे जांच से बचाने के नाम 10 लाख रुपए ठग लिए. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
राहुल गांधी का केंद्र की बीजेपी सरकार पर हमला या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बात बात पर कठघरे में खड़ा कर देना स्वाभाविक लगता है, लेकिन कई बार ऐसा लगता है जैसे लक्ष्मण रेखा पार हो जाती हो. मोदी विरोध के चक्कर में लगता है जैसे देश की ही परवाह नहीं हो - सबसे बड़ा सवाल यही है.
राज्यसभा में जेपी नड्डा ने कहा कि पहले की सरकारों में हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई, वाराणसी और दिल्ली जैसी जगहों पर आतंकी हमले होते थे. कोई जगह बची नहीं थी, हर जगह बम ब्लास्ट होते थे. उन्होंने कहा कि यूपीए के 10 साल की तुलना में मोदी सरकार के 10 साल में हुए आतंकी हमलों 80 फीसदी की कमी आई है.
आतंक पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने अपनी 2025 की रिपोर्ट में एक बड़ा खुलासा किया है. रिपोर्ट में दो भारतीय मामलों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है. पहला, 2019 के पुलवामा आतंकी हमले में, जैश-ए-मोहम्मद ने एक प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का उपयोग करके एल्युमिनियम पाउडर मंगाया था, जो आईईडी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था और जिसने विस्फोट के प्रभाव को कई गुना बढ़ा दिया.