“परीक्षा पे चर्चा” (Pariksha Pe Charcha) भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2018 में की थी. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में परीक्षा से जुड़े तनाव, डर और दबाव को कम करना तथा उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है. यह कार्यक्रम हर वर्ष बोर्ड परीक्षाओं से पहले आयोजित किया जाता है.
परीक्षा पे चर्चा के माध्यम से प्रधानमंत्री सीधे छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद करते हैं. इसमें पढ़ाई, समय प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य, करियर चयन, जीवन मूल्य और असफलता से सीखने जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा होती है. प्रधानमंत्री अपने अनुभवों के जरिए छात्रों को यह संदेश देते हैं कि परीक्षा जीवन का एक हिस्सा है, न कि पूरा जीवन.
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत इसकी संवादात्मक शैली है. छात्र देश-विदेश से सवाल भेजते हैं, जिनका चयन कर लाइव कार्यक्रम में उत्तर दिए जाते हैं. इससे छात्रों को यह महसूस होता है कि उनकी समस्याएं सुनी जा रही हैं और वे अकेले नहीं हैं. अभिभावकों को भी यह सीख मिलती है कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि उन्हें समझें और सहयोग करें.
परीक्षा पे चर्चा ने पढ़ाई को केवल अंकों तक सीमित रखने की सोच को बदलने का प्रयास किया है. यह छात्रों को रचनात्मक, सकारात्मक और संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देता है. कार्यक्रम में योग, ध्यान, खेल और रुचि आधारित गतिविधियों को भी महत्व देने की बात कही जाती है.
आज के प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में परीक्षा पे चर्चा एक प्रेरणादायक मंच बन चुका है, जो विद्यार्थियों को न केवल बेहतर परीक्षा देने में मदद करता है, बल्कि उन्हें जीवन की चुनौतियों के लिए भी तैयार करता है. यह पहल शिक्षा को तनावमुक्त और आनंददायक बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है.
बोर्ड एग्जाम के पास आते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वार्षिक संवाद कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा के 9वें एडिशन के लिए अब तक 4 करोड़ से अधिक आवेदन हो चुके हैं. इसके साथ ही इसने एक नया रिकॉर्ड बना दिया है. पिछले साल की बात करें तो, 3.53 करोड़ रजिस्ट्रेशन हुए थे.
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, प्रतिभागियों के चयन के लिए 1 दिसंबर से 11 जनवरी तक MyGov पोर्टल पर एक ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है. इस प्रतियोगिता में कक्षा 6 से 12 तक के छात्र, शिक्षक और अभिभावक भाग ले सकते हैं.
परीक्षा का समय पास है. ऐसे में बच्चों पर बढ़ता दबाव, पेरेंट्स की भी चिंता बढ़ा देता है. इन सारी चीजों से अच्छे से डील करने के लिए एक बार फिर से परीक्षा पे चर्चा का मंच तैयार है. हर साल की तरह इस साल भी छात्रों और शिक्षकों को पीएम मोदी से संवाद करने का मौका मिलेगा.
Pariksha Pe Charcha 2025: परीक्षा पे चर्चा का नया सेशन नए अवतार में नजर आया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश की 12 हस्तियां छात्रों के साथ जुड़कर प्रेरित कर रही हैं. दूसरे एपिसोड में बॉलीवुड की एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण ने छात्रों के साथ मेंटल हेल्थ पर चर्चा की, जबकि तीसरे एपिसोड में गौरव चौधरी (टेक्निकल गुरुजी) और राधिका गुप्ता टेक्नोलॉजी के बारे में जरूरी टिप्स देंगे.
परीक्षा पे चर्चा 2025 के तीसरे एपिसोड में आज गौरव चौधरी (टेक्निकल गुरुजी) और एंटरप्रेन्योर राधिका गुप्ता ने टेक्नोलॉजी और ऐआई से जुड़ी बातें स्टूडेंट्स के साथ शेयर की हैं. राधिका से बच्चों को रील्स से सीखने और ऐआई का सही इस्तेमाल करने की सलाह दी है. वहीं टेक्निकल गुरुजी का कहना है कि रियलिटी में रहना भी जरूरी है.
Pariksha Pe Charcha Live: प्रधानमंत्री ने शिक्षा मंत्रालय के एक वीडियो को रिपोस्ट किया था. इसमें 'परीक्षा पे चर्चा' के चौथे एपिसोड में शोनाली सभरवाल और रुजुता दिवेकर स्वस्थ खाने की आदतों के महत्व और शैक्षणिक सफलता में गुणवत्तापूर्ण नींद की महत्वपूर्ण भूमिका पर बात कर रहे हैं. पीएम मोदी के तनाव-मुक्त जीवन जीने के मार्गदर्शन के साथ, वह छात्रों को स्वस्थ रहने और वास्तव में एक परीक्षा योद्धा की भावना को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.
'परीक्षा पे चर्चा 2025' का छठा एपिसोड आज सुबह 10 बजे टेलीकास्ट किया गया. इस खास एपिसोड में बॉलीवुड अभिनेता विक्रांत मैसी और अभिनेत्री भूमि पेडनेकर छात्रों से रूबरू हुए. इस दौरान उन्होंने क्रिएटिविटी विद पॉजिटिविटी यानी अपने काम के प्रति सकारात्मकता बनाए रखने और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के तरीकों पर बात की.
पीपीसी 2025 के इस अंतिम एपिसोड में सीबीएसई बोर्ड(CBSE Board), आईसीएसई बोर्ड (ICSE) ही नहीं बल्कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (UPSC), क्लैट (CLAT), एनडीए (NDA) और आईआईटी जेईई परीक्षा (IIT JEE) के टॉपर अपनी सफलता की कहानी बच्चों को सुनाएंगे.
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड से मिले इस प्रमाणपत्र को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपा. यह दूसरा मौका है जब धर्मेंद्र प्रधान द्वारा संचालित किसी योजना को यह वैश्विक सम्मान प्राप्त हुआ है. इससे पहले वर्ष 2015 में जब वह पेट्रोलियम मंत्री थे, तब उनके नेतृत्व में शुरू की गई ‘PAHAL’ (LPG के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) योजना को भी गिनीज रिकॉर्ड में स्थान मिला था.