महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) पश्चिम बंगाल से एक राजनीतिज्ञ हैं. वे कृष्णानगर, पश्चिम बंगाल से सांसद हैं. उन्होंने 2019 के भारतीय आम चुनाव में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. मोइत्रा ने 2016 से 2019 तक पश्चिम बंगाल विधानसभा के सदस्य के रूप में करीमपुर का प्रतिनिधित्व किया, और पिछले कुछ वर्षों से टीएमसी की महासचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में कार्य किया है. राजनीति में आने से पहले वह एक निवेश बैंकर थीं .
मोइत्रा का जन्म द्विपेंद्र लाल मोइत्रा और मंजू मोइत्रा के घर 12 अक्टूबर 1974 को असम के कछार जिले के लाबैक में हुआ था (Mahua Moitra Age). मोइत्रा ने स्कूली शिक्षा कोलकाता में हासिल की. उन्होंने 1998 में मैसाचुसेट्स, संयुक्त राज्य अमेरिका के माउंट होलोके कॉलेज साउथ हैडली से अर्थशास्त्र और गणित में स्नातक की उपाधि प्राप्त की (Mahua Moitra Education).
मोइत्रा ने न्यूयॉर्क और लंदन में जेपी मॉर्गन चेज के लिए एक निवेश बैंकर के रूप में काम किया (Investment Banker for JPMorgan Chase).
उन्होंने भारतीय राजनीति में प्रवेश करने के लिए 2009 में लंदन में जेपी मॉर्गन चेज में उपाध्यक्ष का अपना पद छोड़ दिया. इसके बाद, वह भारतीय युवा कांग्रेस में शामिल हो गईं, जहां वह "आम आदमी का सिपाही" परियोजना में राहुल गांधी की भरोसेमंदों में से एक थीं. 2010 में, वह तृणमूल कांग्रेस पार्टी में चली गईं. वह 2016 में हुए विधान सभा चुनावों में पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के करीमपुर निर्वाचन क्षेत्र से चुनी गईं. 2019 आम चुनावों में वह कृष्णानगर से 17वीं लोकसभा के लिए संसद सदस्य के रूप में चुनी गई. 13 नवंबर 2021 को, उन्हें 2022 गोवा विधानसभा चुनाव के लिए टीएमसी पार्टी के गोवा प्रभारी के रूप में नियुक्त किया गया (Mahua Moitra Political Career).
10 जनवरी 2017 को, मोइत्रा ने भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन सांसद और केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के खिलाफ एक राष्ट्रीय टेलीविजन बहस के दौरान कथित तौर पर उनके चरित्र का अपमान करने के लिए पुलिस शिकायत दर्ज की. इस शिकायत को बाद में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया था (Mahua Moitra Lawsuit).
खबरों की माने तो दानिश मोइत्रा पूर्व पति थे और वह उस दौरान स्कैंडिनेविया में रहती थीं (Mahua Moitra ex-husband Danish). वह एक हिंदू ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखती हैं. उनकी एक बहन है.
दिल्ली में संसद के मानसून सत्र के पहले दिन कॉकक्रोच जनता पार्टी और छात्रों के जंतर-मंतर से संसद तक मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया. ऐसे में विपक्षी दलों के कई नेताओं ने केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है. अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता शशि थरूर से लेकर तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा तक ने सरकार पर तीखा हमला बोला है.
20 जुलाई से संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले दिल्ली में एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई. तीन घंटे तक चली इस बैठक में तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों की नई पार्टी NCPI को भी बुलाया गया, लेकिन उन्हें मुख्य टीएमसी सांसदों से अलग बेंचों पर बैठने की व्यवस्था की गई है.
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया है कि बीजेपी समर्थकों ने उनके पार्टी कार्यालय को निशाना बनाते हुए अंडे और बैंगन फेंके. घटना के बाद उन्होंने पुलिस पर भी देर से पहुंचने और मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया. यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब कलकत्ता हाईकोर्ट ने अंडे फेंकने जैसी घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए हर मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है.
सयानी घोष अपने संसदीय क्षेत्र जादवपुर के बरुईपुर गई थीं, जहां हाल ही में 12 साल की एक बच्ची की बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी. NCPI सांसद सयानी घोष को भी लोगों के विरोध और गुस्से का करीब करीब वैसे ही शिकार होना पड़ा, जैसे पहले तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा और अभिषेक बनर्जी हो चुके हैं.
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की दिग्गज नेता महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया है कि बीजेपी समर्थकों ने उनपर अंडे फेंके और उनके खिलाफ नारेबाजी की. महुआ मोइत्रा ने इससे जुड़ा वीडियो जारी किया. ये वीडियो बंगाल के नादिया जिले में स्थित TMC विधायक आलिफा अहमदद के आवास का बताया जा रहा है जहां महुआ मोइत्रा पहुंचीं थीं.
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने नादिया में पार्टी दफ्तर पर अंडे और बैंगन फेंकने की घटना का आरोप बीजेपी समर्थकों पर लगाया है. उनका कहना है कि घटना के दौरान पुलिस मौजूद रही लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. इस मामले ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है और कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ऐसा बिल लाए हैं, जिसकी तुलना NSA और MISA जैसे कठोर कानूनों से हो रही है. लेकिन, ऐन उसी वक्त शुभेंदु अधिकारी ने आश्वस्त किया है कि कानून का दुरुपयोग तो बिल्कुल नहीं होगा, और न ही प्रस्तावित कानून का राजनीतिक मकसद से कोई इस्तेमाल होगा.
तृणमूल कांग्रेस में हो रही बगावतों के बीच पार्टी की सीनियर नेता महुआ मोइत्रा ने खुलकर कई मुद्दों पर बात की है. उन्होंने यूसुफ पठान को लोकसभा का टिकट देने पर सवाल उठाया है. महुआ ने कहा कि पार्टी को हर नेताओं की सियासी ताकत का रिव्यू करना चाहिए था.
कोलकाता नगर निगम ने पार्क सर्कस इलाके के सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर गोपाल मुखर्जी रोड कर दिया है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इसे ऐतिहासिक गलती सुधारने वाला फैसला बताया, जबकि विपक्ष ने इसे इतिहास बदलने की कोशिश बताया.
तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज करने का फैसला कर लिया है. दरअसल महुआ मोइत्रा ने इन बागी सांसदों पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था. सांसदों का कहना है कि ये आरोप झूठे हैं और इससे उनकी छवि खराब हुई है.
टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा के बागी सांसदों पर दिए बयान के बाद काकोली घोष ने पलटवार करते हुए उनके नैरेटिव और राजनीति पर सवाल उठाए हैं.
बंगाल में विरोध का नया ट्रेंड पैदा हुआ है- अंडा अटैक. इसे डिंबक्रेसी भी कहा जा रहा है. गुस्सा और नाराजगी जताने का ये तरीका तत्काल सोशल मीडिया पर वायरल होता है और इसे खूब प्रचार मिलता है. अब इस ट्रेंड से परेशान TMC नेता ने अमित शाह को चिट्ठी लिखी है.
बारासात से सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तिदार के बेटे डॉ. बैद्यनाथ घोष दस्तिदार ने अपने खिलाफ की गई राजनीतिक बयानबाजी पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने अपने और अपने परिवार पर लगे तमाम आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को मानहानि का कानूनी नोटिस भेज दिया है.
टीएमसी में अभिषेक बनर्जी के नाम पर शुरू हुआ विरोध काफी आगे बढ़ चुका है. ममता बनर्जी के सामने सवाल उठने लगा है कि या तो वो अभिषेक बनर्जी को चुनें, या औरों को. अब तो ममता बनर्जी को ही तय करना है कि अभिषेक बनर्जी को लेकर क्या फैसला लेती हैं?
TMC के बागी सांसद जगदीश बर्मा बसुनिया ने पार्टी में बोलने की आजादी न होने और भ्रष्टाचार का आरोप लगाए हैं. उन्होंने अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली को पार्टी की बर्बादी का कारण बताया और खुलासा किया कि क्यों बागी सांसदों ने अलग ब्लॉक के लिए पत्र पर दस्तखत किए.
तृणमूल कांग्रेस में सियासी भूचाल के बीच सांसद महुआ मोइत्रा ने यूसुफ पठान पर बागी खेमे का साथ देने का आरोप लगाकर नया विवाद छेड़ दिया है. एक तरफ 20 टीएमसी सांसदों के NDA को समर्थन देने का दावा किया जा रहा है, तो दूसरी ओर 60 विधायकों के समर्थन वाले पत्र ने ममता बनर्जी की पार्टी में टूट की अटकलों को और तेज कर दिया है.
तृणमूल कांग्रेस के भीतर बढ़ती अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है. विधायकों के बाद अब सांसदों के बागी तेवरों ने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है. टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने पार्टी छोड़ने की तैयारी कर रहे नेताओं पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने बागियों को इस्तीफा देकर भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की चुनौती देते हुए उन्हें स्वार्थी और गद्दार करार दिया.
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को कई विपक्षी दलों का समर्थन मिला. अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव, उद्धव ठाकरे, रोहित पवार और महुआ मोइत्रा ने युवाओं की मांगों का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार से उनकी समस्याओं पर ध्यान देने की अपील की. नेताओं ने नीट समेत विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर चिंता जताई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. वहीं, कांग्रेस के भीतर आंदोलन को लेकर अलग-अलग राय सामने आई हैं.
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के 28 साल के इतिहास में पहली बार पार्टी दो हिस्सों में बंट गई है. महुआ मोइत्रा ने बागी नेताओं पर तीखा हमला करते हुए उन्हें पूरी तरह बेकार बताया और कहा कि ये नेता ममता बनर्जी के दम पर टिके थे. उन्होंने बीजेपी पर भी आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों के जरिए उनकी पार्टी को तोड़ा जा रहा है.
तृणमूल कांग्रेस में काकोली घोष दस्तीदार और कल्याण बनर्जी के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है. काकोली घोष ने लोकसभा स्पीकर से शिकायत कर कल्याण बनर्जी पर महिला विरोधी व्यवहार का आरोप लगाया है. ममता बनर्जी से नाराज काकोली घोष टीएमसी में रहते हुए ही उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा है कि हमने एक असमान पिच पर अकल्पनीय मुश्किलों के बावजूद, पूरी हिम्मत से लड़ाई लड़ी. उन्होंने कहा कि सेकुलर इंडिया के लिए टीएमसी का संघर्ष जारी रहेगा. वहीं सयानी घोष ने कहा कि वे बिना किसी डर के अपनी नेता के साथ हैं.