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पाकिस्तान के इन 8 कैंपों पर सेना की नजर, आर्मी चीफ ने भरी हुंकार- संदिग्ध गतिविधियां होते ही लेंगे एक्शन

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि उत्तरी सीमाओं पर स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है. जम्मू-कश्मीर संवेदनशील है लेकिन नियंत्रण में है. ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी है. पाकिस्तान की किसी भी गलती का सख्त जवाब दिया जाएगा. 90% गोला-बारूद स्वदेशी हो चुके हैं. ब्रह्मोस, ड्रोन, लॉयटरिंग म्यूनिशन पर फोकस है. मणिपुर स्थिर है. महिलाओं की भर्ती सेना में बढ़ेगी.

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वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी. (Photo: PTI)
वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी. (Photo: PTI)

भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 13 जनवरी 2026 दोपहर 12 बजे से मानेकशॉ सेंटर में वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इसमें उन्होंने कहा कि IB और LC के सामने 8 आतंकी कैंप हैं. जिसमें ट्रेनिंग जैसी गतिविधि चल रही है. सेना की नजर है. अगर एक गलती की तो तुरंत सख्त एक्शन लिया जाएगा. 

यह प्रेस कॉन्फ्रेंस आर्मी डे (15 जनवरी) से पहले हुई, जिसमें उन्होंने देश की सुरक्षा स्थिति, सीमाओं पर हालात, आधुनिकीकरण और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से बात की. 

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उत्तरी सीमाओं पर स्थिति

सेना प्रमुख ने कहा कि उत्तरी सीमाओं (चीन के साथ) पर स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है. उच्च स्तर पर बातचीत से मदद मिल रही है. स्थिति स्थिर है, लेकिन लगातार सतर्क रहने की जरूरत है. सेना की तैनाती संतुलित और मजबूत बनी हुई है.

पश्चिमी मोर्चा और ऑपरेशन सिंदूर

पहलगाम हमले के बाद 22 मिनट में 'ऑपरेशन रीसेट' रणनीति से कार्रवाई की गई. ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है. पाकिस्तान की कोई भी भविष्य की गलती का सख्त जवाब दिया जाएगा. जम्मू-कश्मीर में स्थिति संवेदनशील है, लेकिन नियंत्रण में है. पाकिस्तान की परमाणु धमकियों को भारत-चीन सीमा पर बेअसर कर दिया गया है.

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मणिपुर और पूर्वोत्तर की स्थिति

मणिपुर में स्थिति स्थिर हो रही है. सुरक्षा बलों और सरकार के समन्वित प्रयासों से सुधार हुआ है. म्यांमार में चुनाव खत्म होने के बाद भारत और म्यांमार की सेनाएं बेहतर तरीके से सहयोग कर सकेंगी. पूर्वोत्तर में कुल मिलाकर हालात सुधर रहे हैं.

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आधुनिकीकरण पर फोकस

सेना का मुख्य ध्यान अब आधुनिकीकरण पर है. जनरल द्विवेदी ने कहा कि उन्नत ब्रह्मोस मिसाइल, बेहतर क्षमता वाले ड्रोन और लॉयटरिंग म्यूनिशन (घूमने वाली मिसाइलें) जल्द आने वाली हैं. 90 प्रतिशत से ज्यादा गोला-बारूद अब स्वदेशी बन रहा है.

महिलाओं की भर्ती

CMP (कॉमन मेडिकल पैरामेडिकल?) के बाद अब AEC (आर्मी एजुकेशनल कोर) और मेडिकल (नॉन-टेक्निकल) में महिलाओं को सैनिक/अग्निवीर के रूप में भर्ती किया जाएगा.

अन्य महत्वपूर्ण बातें

सेना 2026 को 'नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिसिटी का वर्ष' घोषित कर चुकी है, जिससे रियल-टाइम निर्णय और युद्ध क्षमता बढ़ेगी. सेना प्रमुख ने जोर दिया कि सेना स्वदेशी तकनीक, संयुक्तता और नवाचार पर काम कर रही है.

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