जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर एक बार फिर ड्रोन गतिविधि सामने आई है. ऐसे समय में जब सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी पाकिस्तान को इस तरह की गतिविधियों को लेकर सख्त चेतावनी दे चुके हैं, उसी दिन राजौरी सेक्टर में दो ड्रोन देखे गए. सेना ने तत्काल काउंटर मेजर्स शुरू कर दिए हैं और पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है.
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अपनी वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत ने पाकिस्तान को स्पष्ट रूप से बता दिया है कि LoC के पास ड्रोन उड़ाना "बिल्कुल स्वीकार्य नहीं" है. उन्होंने बताया कि मंगलवार को दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) स्तर की बातचीत हुई, जिसमें भारत ने जम्मू-कश्मीर में हाल में देखी गई ड्रोन गतिविधियों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया.
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जनरल द्विवेदी ने कहा, "हमने पाकिस्तान से साफ कहा है कि वह अपने ड्रोन पर लगाम लगाए. भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क है और किसी भी दुस्साहस का जवाब देने के लिए तैयार है." उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पश्चिमी मोर्चे पर सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए ऑपरेशन सिंदूर लगातार जारी है.
कश्मीर में पहले दिखे थे पांच ड्रोन
पहले 11 जनवरी की शाम जम्मू-कश्मीर के सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में इंटरनेशनल बॉर्डर और LoC के पास कई संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए थे. अधिकारियों के मुताबिक, आगे के इलाकों में कम से कम पांच ड्रोन मूवमेंट दर्ज किए गए, जिसके बाद हथियार या तस्करी का सामान गिराए जाने की आशंका को लेकर बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाए गए.
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राजौरी में पहले भी दिखा था ड्रोन
राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में गनिया-कलसियां गांव के पास शाम करीब 6.35 बजे एक ड्रोन दिखने पर सेना के जवानों ने मीडियम और लाइट मशीन गनों से फायरिंग की थी. इसी दौरान तेरयाथ इलाके के खब्बर गांव के पास एक और ड्रोन जैसी वस्तु देखी गई, जिसमें ब्लिंकिंग लाइट थी. बताया गया कि यह कलाकोट के धरमसाल गांव की दिशा से आई और भराख की ओर बढ़ते हुए गायब हो गई.
इसी तरह सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर के चक बबराल गांव में शाम करीब 7.15 बजे एक ड्रोन कुछ देर तक मंडराता हुआ देखा गया. इन घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियां किसी भी घुसपैठ या साजिश को नाकाम करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं.