किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के मंच से एक बेहद खास और दिलचस्प वीडियो सामने आया है. इस वीडियो ने सोशल मीडिया से लेकर पूरी दुनिया के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है. ग्रुप फोटो के ठीक पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच की केमिस्ट्री देखने लायक थी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया दौरे पर उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान के नेताओं को भारतीय साहित्य, संगीत, चाय और हस्तशिल्प से जुड़े खास तोहफे दिए. महाभारत, वीणा, कांगड़ा चाय और खास शतरंज स्कोरशीट ने खास ध्यान खींचा.
किर्गिस्तान में हुए शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन यानी एससीओ के शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी समेत सदस्य देशों के तमाम नेता फैमिली फोटो में नजर आए. पीएम मोदी ने पूरी तस्वीर शेयर की, जबकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कार्यालय ने उसी फोटो का क्रॉप्ड वर्जन शेयर किया, जिसमें मोदी समेत कई नेता नजर नहीं आए. इस पर सोशल मीडिया यूजर्स ने जमकर मजे लिए.
किर्गिस्तान के बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन की फैमिली फोटो को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच सोशल मीडिया पर नया विवाद छिड़ गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी तस्वीर साझा की, जबकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने क्रॉप की गई तस्वीर पोस्ट की, जिसमें मोदी नजर नहीं आए. तस्वीर सामने आते ही यूजर्स ने पाकिस्तान पीएमओ पर सवाल उठाए और दोनों देशों के नेताओं की मौजूदगी चर्चा में आ गई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से गर्मजोशी से मुलाकात की। इसी दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ तीनों नेताओं के पास से चुपचाप गुजरते नजर आए।
किर्गिस्तान के बिश्केक में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात का एक वीडियो चर्चा में है. तीनों नेता एक साथ नजर आए, जबकि इसी दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ चुपचाप अपने स्थान की ओर बढ़ते दिखाई दिए.
PM Modi In SCO Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिश्केक में 26वें शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO समिट में हिस्सा ले रहे हैं. समिट में भारत का फोकस आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और ऊर्जा सुरक्षा पर है.
पीएम मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की. इस दौरान दोनों नेता गले मिले. इसके बाद द्विपक्षीय बैठक में पुतिन से पीएम मोदी ने कहा, युद्ध मानवता के लिए खतरा है. भारत शांति का पक्षधर. देखें वीडियो.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीती रात किर्गिस्तान के राजधानी बिश्केक पहुंच गए है. अब आज वे SCO समिट में हिस्सा लेने जा रहे हैं. बिश्केक में हो रहे दो दिनों के इस आयोजन में आज पहला दिन है और आज का दिन बेहद अहम है. क्योंकि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करने वाले हैं. सबसे अहम मुलाकात रूसी राष्ट्रपति पुतिन से होने वाली है. भारतीय समयानुसार शाम 5 बजे पीएम मोदी- पुतिन की मुलाकात तय है. माना जा रहा है कि इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच कई अहम मसलों पर बातचीत हो सकती.
PM मोदी 29 अगस्त से 1 सितंबर तक उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान के दौरे पर हैं. ताशकंद में शावकत मिर्जियोयेव से बातचीत के बाद बिश्केक में SCO समिट के दौरान रूस के राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात होगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अगस्त से 1 सितंबर तक उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान के दौरे पर रहेंगे. ताशकंद में राष्ट्रपति मिर्जियोयेव से बातचीत के बाद बिश्केक में SCO समिट में शामिल होंगे और पुतिन व जिनपिंग से मुलाकात करेंगे. PM मोदी 6वें वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ 72 घंटे में पूरा हुआ, लेकिन भारत लंबी लड़ाई की पूरी तैयारी के साथ गया था. उन्होंने इसे नई विश्व व्यवस्था का प्रतीक बताया. पाकिस्तान पर आतंकवाद समर्थन का आरोप लगाया. तीनों सेनाओं की संयुक्त कार्रवाई और स्वदेशी हथियारों की सफलता पर जोर दिया.
किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित SCO के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पाकिस्तान पर बरसे. उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत के कड़े रुख को फिर से दोहराया. ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ने दिखा दिया आतंक के केंद्र अब सजा पाने से नहीं बच सकेंगे. देखें वीडियो.
किर्गिस्तान में रहने वाले भारतीय स्टूडेंट्स राजदूतावास के संपर्क में रहकर जानकारी देने के लिए 24x7 चलने वाले दो हेल्पलाइन नंबर 055710041 और 055005538 शुरू किए गये हैं. साथ ही सीएम भूपेंद्र पटेल ने स्टूडेंट्स के माता - पिता से अपील की है कि कुछ लोगों की तरफ से हमले को लेकर फैलायी जा रही अफवाह से बचें.
Kyrgyzstan Violence with Students: किर्गिस्तान में हिंसा के बीच (हाड़ोती) कोटा के कई छात्र फंसे हैं. कोटा-बारां के 20 से ज्यादा स्टूडेंट किर्गिस्तान में 4 दिन से हॉस्टल में कैद हैं.स्टूडेंट और परिजनों ने सरकार से बच्चों को सुरक्षित लाने की अपील की है. जानिए- किस हाल में हैं भारतीय छात्र.
पाकिस्तानी मीडिया में चल रहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक बिश्केक में हुई घटना में 3 पाकिस्तानी छात्रों की मौत हो चुकी है. किर्गिस्तानी मीडिया के मुताबिक 13 मई को किर्गिज छात्रों और मिस्र के मेडिकल छात्रों के बीच लड़ाई का एक वीडियो इंटरनेट पर शेयर होने के बाद इस मामले ने और तूल पकड़ लिया और स्थानीय छात्रों ने विदेशी स्टूडेंट्स को निशाना बनाना शुरू कर दिया.
किर्गिस्तान के बिश्केक में एक हॉस्टल पर कुछ स्थानीय लोगों की गुस्साई भीड़ ने हमला बोल दिया. तीन पाकिस्तानी छात्रों की पीट पीटकर हत्या कर दी गई. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ स्थानीय लोगों से झगड़े के बाद यह बवाल बढ़ा. इस बीच भारतीय दूतावास ने अपने छात्रों को हालात सामान्य होने तक बाहर ना निकलने की सलाह दी है. देखें ये वीडियो.
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में स्थानीय और विदेशी छात्रों के बीच हिंसक झड़प की खबरें सामने आई हैं. पाकिस्तानी मीडिया में चल रहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक इस घटना में तीन पाकिस्तानी छात्रों की मौत हो गई.
भारतीय दूतावास ने भी अपने छात्रों के लिए एडवाइजरी जारी की है. किर्गिस्तान स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि हम अपने छात्रों के संपर्क में हैं. स्थिति फिलहाल शांत है, लेकिन छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने घरों के अंदर ही रहें और कोई भी समस्या होने पर दूतावास से संपर्क करें. हमारा 24×7 संपर्क नंबर 0555710041 है.
मृतक छात्र दसारी चंदू का परिवार अपने बेटे के शव को वापस लाने में मदद के लिए केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी के पास पहुंचा. रेड्डी ने किर्गिस्तान के अधिकारियों से संपर्क किया. चंदू के शव को भारत वापस लाने का प्रोसेस चल रहा है.
मध्य एशिया के किर्गिस्तान में भी पकड़ौवा विवाह चलन में है. यहां ब्राइड किडनैपिंग का चलन है. ऐसा दावा डेमोग्राफी नामक जर्नल में किया गया. यूएन के दखल के बाद करीब 20 साल पहले ब्राइड किडनैपिंग को गैरकानूनी माना गया.