किशनगंज
किशनगंज (Kishanganj) भारत के बिहार राज्य का एक जिला है, और किशनगंज शहर इस जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है. यह जिला पूर्णिया (Purnia) डिवीजन का हिस्सा है जिसकी सीमाएं, पश्चिम में अररिया, दक्षिण-पश्चिम में पूर्णिया, पूर्व में पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले और उत्तर में पश्चिम बंगाल (West Bengal) और दार्जिलिंग (Darjleeng) से साझा करती है. पश्चिम बंगाल की लगभग 20 किमी चौड़ी एक संकीर्ण पट्टी इसे बांग्लादेश (Bangladesh) से अलग करती है. इस जिले का क्षेत्रफल 1,884 वर्ग किलोमीटर है (Kishanganj Geographical Area)
2011 जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक किशनगंज की जनसंख्या (Kishanganj Population) 16.90 लाख है और यहां प्रति वर्ग किलोमीटर 897 लोग रहते हैं (Density). यहां का लिंग अनुपात (Sex Ratio) 950 है. इस जिले की 55.46 फीसदी जनसंख्या साक्षर है. इनमें पुरुष 63.66 फीसदी और महिलाओं की साक्षरता दर 46.76 फीसदी है (Kishanganj Literacy).
किशनगंज जिला, जो पहले पूर्णिया जिले का हिस्सा था, मिथिला क्षेत्र का हिस्सा रहा है. मिथिला ने पहली बार इंडो-आर्यन लोगों द्वारा बसने के बाद प्रमुखता प्राप्त की जिन्होंने मिथिला साम्राज्य की स्थापना की, जिसे वीडियास के राज्य भी कहा जाता है. किशनगंज जिले से बहने वाली प्रमुख नदियां महानंद, कंकाई, मेची, डोनक, रतुआ हैं (Kishanganj Rivers) साथ ही यह बिहार में एकमात्र चाय उत्पादक जिला है (Kishanganj Tea Production).
वैदिक काल के दौरान यह स्थान वीडियास का राज्य कुरु और पनका के साथ दक्षिण एशिया के प्रमुख राजनीतिक और सांस्कृतिक केंद्रों में से एक बन गया. वीडियास के राजाओं को जनक कहा जाता था. मिथिला साम्राज्य को बाद में वाजजी संघ में शामिल किया गया था, जिसमें वैशाली शहर में इसकी राजधानी थी, जो मिथिला में भी है (Kishanganj History).
Bihar News: किशनगंज के रूस में रह रहे युवक पर नीट प्रदर्शन में FIR दर्ज. भारी फजीहत के बीच बिहार सरकार ने नीट प्रदर्शन से जुड़े सभी केस वापस लिए. पढ़ें पूरी खबर...
बिहार के किशनगंज के एक युवक ने दावा किया है कि वह पिछले चार महीने से रूस में रह रहा है, फिर भी नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में उसका नाम एफआईआर में शामिल किया गया. युवक ने निष्पक्ष जांच की मांग की है. इस बीच बिहार सरकार ने विरोध प्रदर्शन से जुड़े पहले दर्ज मामलों को वापस लेने की घोषणा भी की है.
बिहार के किशनगंज निवासी तांत्रिक इमाम खुआ की पश्चिम बंगाल के बागडोगरा में सिर काटकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने दो दिन में मामले का खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी, उसके प्रेमी और तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. जांच में सामने आया कि अवैध संबंधों के चलते साजिश रची गई थी.
बिहार के किशनगंज निवासी तांत्रिक इमाम खुआ की पश्चिम बंगाल के बागडोगरा में हत्या के मामले का पुलिस ने दो दिन में खुलासा किया. पत्नी समेत पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. जांच में कथित विवाहेतर संबंधों के चलते साजिश रचे जाने की बात सामने आई है. मामले की जांच जारी है.
बिहार के किशनगंज में रिजवान आलम हत्याकांड का पुलिस ने 36 घंटे में खुलासा करने का दावा किया. पत्नी और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया. जांच में तकनीकी साक्ष्य अहम साबित हुए. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
बिहार के किशनगंज में पुलिस ने 36 घंटे में रिजवान आलम हत्याकांड का खुलासा कर दिया. उसका कत्ल किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी बीवी डेजी परवीन ने अपने आशिक अनवर हुसैन के साथ मिलकर किया था. पुलिस ने कैसे किया इस केस का खुलासा? पढ़ें पूरी कहानी.
राहुल गांधी ने रविवार को किशनगंज और पूर्णिया में रैलियां कीं. उन्होंने एक फिर से वोट चोरी के मुद्दे को उठाया. उन्होंने कहा, 'वोट चोरी के विषय पर न तो प्रधानमंत्री मोदी या चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कुछ बोल रहे हैं. उनके पास कोई जवाब नहीं है.'
कांग्रेस के लगातार बढ़ते मुस्लिम तुष्टिकरण के चलते ही बीजेपी मजबूत हुई. अब भी कांग्रेस नेता लगातार ऐसी बातें कर रहे हैं जिससे बीजेपी को और मजबूती ही मिलने वाली है. रेवंत रेड्डी ने जो बयान दिया है वह तो बिल्कुल ऐसा है जैसे उन्होंने पार्टी को खत्म करने की सुपारी ले ली हो.
यूपी के कैराना से सपा सांसद इकरा हसन ने बिहार के किशनगंज में मुस्लिम आबादी से वोट न बांटने की अपील की. उन्होंने चेताया कि वोट बंटे तो बीजेपी सरकार बना लेगी और इस बार खुद मुख्यमंत्री की सीट कब्जा लेगी. इकरा ने वक्फ और रोजगार जैसे मुद्दों पर 'डबल इंजन की नापाक सरकार' से लड़ने के लिए महागठबंधन प्रत्याशी सऊद आलम को एकजुट होकर वोट देने की अपील की.
बिहार में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है, जिसमें AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के पार्टी के उम्मीदवार तौसीफ आलम ने RJD नेता तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है. किशनगंज में एक रैली के दौरान आलम ने तेजस्वी को धमकी देते हुए कहा, 'अगर आंख से देखोगे तो आंख निकाल लेंगे, ऊंगली दिखाओगे तो ऊंगली काट देंगे, जवान संभाल करके नहीं बोलोगे तो जवान काट देंगे.'
कभी-कभी जिंदगी के सबसे बड़े हादसे सिर्फ चंद सेकंड दूर होते हैं और उसी पल एक छोटी-सी सूझबूझ किसी का पूरा जीवन बचा लेती है. बिहार के किशनगंज में ऐसा ही चमत्कार देखने को मिला, जब महज तीन साल के बच्चे ने अपनी मां का हाथ पकड़कर उन्हें खींच लिया. ठीक उसी क्षण ऊपर से 11 हजार वोल्ट का तार आ गिरा. यह पूरा मंजर सीसीटीवी में कैद हो गया है.
बिहार में किशनगंज के सौदागर पट्टी इलाके में एक चमत्कारी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है. यहां तीन साल का मासूम अपनी मां के साथ कपड़े की दुकान के बाहर खड़ा था, तभी उसकी नजर ऊपर लटक रहे बिजली के तारों पर पड़ी और उसने सूझ-बूझ से अपनी मां को बचा लिया.
अपनी 'सीमांचल न्याय यात्रा' से पहले ओवैसी ने अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन करने के संकेत दिए हैं. उन्होंने बिहार की पिछली सरकारों पर सीमांचल की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हम कुलियों की तरह इस बोझ को ज्यादा वक्त तक अपने कंधों पर नहीं ढो सकते और अब हमें युवाओं की निराशा की ओर ध्यान देना ही होगा.
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी सीमांचल न्याय यात्रा से पहले धर्म और संविधान पर बात की. उन्होंने कहा कि हर मुसलमान पैगंबर मोहम्मद से मोहब्बत करता है क्योंकि यह उसके ईमान का हिस्सा है. नेता ने बताया कि अल्लाह को जानने के लिए पैगंबर मोहम्मद ने ही रास्ता दिखाया है. उन्होंने कहा कि ईमान तब तक मुकम्मल नहीं हो सकता जब तक पैगंबर मोहम्मद को दुनिया की सच्ची इज्जत न चाहा जाए.
किशनगंज पुलिस ने नकली निवास प्रमाण पत्र जारी करने वाले रैकेट का खुलासा किया. यह रैकेट चलाकर अब तक 100 फर्जी सर्टिफिकेट जारी किए गए थे. पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर 20 नकली सर्टिफिकेट जब्त किए हैं. मामला SIR प्रक्रिया के दौरान पकड़ा गया.
SIR को लेकर जो प्रक्रिया चल रही है उसके लिए सीमांचल के सात जिलों में जुलाई के अंदर आवासीय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन के आंकड़ों ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इन आंकड़ों से बिहार सरकार भी अलर्ट मोड में आ गई है
बिहार में SIR प्रक्रिया अवैध घुसपैठ की पहचान के लिए ज़रूरी हो सकती है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी क़ीमत उन महिलाओं को चुकानी पड़ रही है, जो पहले ही समाज और परिवार से छूटी हुई हैं. उन्हें अब राज्य भी नकार रहा है. महिलाओं के लिए सरकारी रजिस्टर में एक नाम ही उनकी पूरी पहचान है. अगर वो नाम न हुआ, तो वे नागरिक नहीं हैं.
आज तक की पड़ताल में बिहार के किशनगंज जिले में एक बड़ी खबर सामने आई है। सीमांचल क्षेत्र में हुई इस पड़ताल में खुफिया कैमरे पर ऐसे लोग मिले जिनके पास अपने माता-पिता या पूर्वजों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इन लोगों के पास दस्तावेजों के नाम पर केवल आधार कार्ड और वोटर कार्ड ही मौजूद हैं। इसके अलावा उनके पास जमीन, बैंक दस्तावेज या स्कूल के रिकॉर्ड जैसे कोई अन्य प्रमाण नहीं मिले। एक स्थानीय मौलवी ने बताया कि लगभग 50% आबादी के पास आधार और वोटर कार्ड के अलावा कोई अन्य दस्तावेज नहीं है। पड़ताल में यह भी सामने आया कि ये बस्तियां बिहार सरकार की जमीन पर बनी हैं। पंचायत सदस्य ने पुष्टि की कि साल 2007 से पहले ये लोग यहां नहीं रहते थे। किशनगंज का यह इलाका बांग्लादेश से घुसपैठ के लिए जाना जाता है, जहां की डेमोग्राफी बदल गई है। "हम लोगों का जलम यहाँ का है। उससे पहले कहाँ पे है? जानकारी हमको मालूम नहीं है, हम लोगों को मालूम नहीं है।" ऐसे लोगों के आधार और वोटर आईडी कार्ड बन गए हैं जो अपनी जड़ों के बारे में कुछ नहीं जानते। कुछ संदिग्ध बूथों की भी पहचान की गई है।
Bihar के Kishanganj में अचानक बढ़ी निवास प्रमाण पत्र की मांग, अधिकारियों को फर्जी आवेदनों का शक
बिहार के सात जिले नेपाल की सीमा से सटे हैं. इन सात जिलों में विधानसभा की 54 सीटें हैं. इन इलाकों की पॉलिटिक्स क्या है और यहां कौन से बड़े मुद्दे चुनावी मौसम में छाए रह सकते हैं?
किशनगंज, बिहार में एक अपराधी को पकड़ने गई SSB की टीम पर ग्रामीणों और असामाजिक तत्वों ने हमला कर दिया। आरोपियों ने जवानों को बंधक बना लिया और मारपीट की। पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर जांच शुरू की है और छापेमारी जारी है।