आइसोब्यूटेनॉल (Isobutanol) एक कार्बनिक रासायनिक यौगिक (Organic Chemical Compound) और अल्कोहल (Alcohol) समूह का सदस्य है. इसका रासायनिक सूत्र C₄H₁₀O है. इसे 2-मेथिल-1-प्रोपेनॉल (2-Methyl-1-propanol) के नाम से भी जाना जाता है. यह एक रंगहीन, ज्वलनशील (Flammable) तरल होता है, जिसकी गंध हल्की अल्कोहल जैसी होती है. यह ब्यूटेनॉल (Butanol) के चार समावयवों (Isomers) में से एक है.
आईसोब्यूटेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से दो तरीकों से किया जाता है. पहला, पेट्रोकेमिकल उद्योग में रासायनिक प्रक्रियाओं के माध्यम से और दूसरा, जैव-प्रौद्योगिकी (Biotechnology) की सहायता से सूक्ष्मजीवों द्वारा किण्वन (Fermentation) प्रक्रिया के जरिए. हाल के वर्षों में जैव-आधारित (Bio-based) आईसोब्यूटेनॉल के उत्पादन पर अधिक शोध किया जा रहा है, क्योंकि इसे पारंपरिक जीवाश्म ईंधनों के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है.
औद्योगिक क्षेत्र में आईसोब्यूटेनॉल का उपयोग कई प्रकार के रसायनों के निर्माण में किया जाता है. यह पेंट, वार्निश, कोटिंग, रेजिन, सॉल्वेंट, प्लास्टिक, चिपकाने वाले पदार्थ (Adhesives) और विभिन्न रासायनिक उत्पादों के निर्माण में कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल होता है. इसके अलावा, इसका उपयोग कुछ फार्मास्युटिकल और कॉस्मेटिक उत्पादों के निर्माण में भी किया जाता है.
ऊर्जा क्षेत्र में आईसोब्यूटेनॉल को वैकल्पिक ईंधन (Alternative Fuel) के रूप में भी महत्व दिया जा रहा है. इसे पेट्रोल के साथ मिलाकर ईंधन मिश्रण (Fuel Blend) तैयार किया जा सकता है. इसकी ऊर्जा घनत्व (Energy Density) एथेनॉल की तुलना में अधिक होती है और यह पानी को अपेक्षाकृत कम अवशोषित करता है, इसलिए इसे परिवहन और भंडारण के लिए अधिक उपयुक्त माना जाता है.
हालांकि, आईसोब्यूटेनॉल एक ज्वलनशील रसायन है, इसलिए इसके भंडारण और उपयोग के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करना आवश्यक होता है. अधिक मात्रा में इसके संपर्क या वाष्प को सांस के माध्यम से लेने पर स्वास्थ्य संबंधी प्रभाव हो सकते हैं, इसलिए औद्योगिक उपयोग के दौरान उचित सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग किया जाता है.
आज आईसोब्यूटेनॉल रासायनिक उद्योग, जैव-ईंधन अनुसंधान और औद्योगिक उत्पादन में एक महत्वपूर्ण यौगिक के रूप में उपयोग किया जा रहा है.
Isobutanol in Diesel: हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि, एथेनॉल के बाद आइसोब्यूटेनॉल पर काम करना शुरू हो गया है. फिलहाल डीजल में 10% आइसोब्यूटेनॉल के मिश्रण का प्रयोग किया जा रहा है.
Isobutanol in Diesel: केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने डीजल में ब्लेंडिंग को लेकर बड़ा ऐलान किया है. गडकरी का कहना है कि, "हम डीजल में इथेनॉल नहीं मिला सकते, इसलिए इथेनॉल से बनने वाले आइसोब्यूटेनॉल को डीजल में डालकर प्रयोग किया जा रहा है."