सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को एसआईआर को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने बीजेपी, चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि एसआईआर के माध्यम से बिहार का चुनाव जीत लिया गया. अब पश्चिम बंगाल में लगातार यही कोशिश हो रही है. यही वजह कि बंगाल की मुख्यमंत्री को बीजेपी की काली करतूत को उजागर करने के लिए काला कोट पहनकर सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा.
फॉर्म-7 भरवाना बंद करे चुनाव आयोग
प्रेस कॉफ्रेंस में सपा अध्यक्ष अपने साथ सुल्तानपुर के रहने वाले नंदलाल को भी लेकर आए थे. उन्होंने चुनाव आयोग और बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि नंदलाल से बीजेपी ने एसआईआर का फॉर्म 7 भरा लिया. बीजेपी पर हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि द्वापर और त्रेता के नाम वाले लोगों, दशरथ और नंदलाल से हमें बहुत मदद मिल गई.
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नंदलाल अंगूठा लगाते हैं. ऐसे में बीजेपी ने इनके फर्जी दस्तखत कर फॉर्म भरवाई. अखिलेश यादव ने कहा कि सपा की तरफ से नंदलाल को 1 लाख रुपये का इनाम दिया गया है. हमारी मांग है कि चुनाव आयोग फॉर्म 7, जिससे नाम पर आपत्ति दर्ज होती है भरवाना तुरंत बंद करे.
जानबूझकर मुस्लिमों का वोट काट रहा आयोग
अखिलेश यादव ने कहा कि आयोग को सिर्फ फॉर्म-6 नाम जोड़ने वाले फॉर्म ही भरवाने चाहिए. नंदलाल के नाम पर 26 फॉर्म-7 भरे गए थे. एसआईआर के जरिए आयोग द्वारा जानबूझकर मुस्लिम मतदाताओं का वोट काटा जा रहा है. यह एसआईआर, नहीं NRC है.
इससे पहले शनिवार को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि बीजेपी एक समुदाय के कुछ लोगों का इस्तेमाल उसी समुदाय के खिलाफ करती है. वहीं जब विवाद बढ़ जाता है, तो वह "दिखावे के लिए नकली कार्रवाई का नाटक करती है.
आपको बता दे कि अखिलेश के ये बयान जाहिर तौर पर 'घूसखोर पंडित' नाम की एक फिल्म को लेकर हुए विवाद के बारे में थे. जो एक OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ होने वाली है. हालांकि यादव ने फिल्म का नाम नहीं लिया, लेकिन इसके टाइटल को "बेहद अपमानजनक" बताया.