द्रौपदी मुर्मू
द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं. वह भारतीय जनता पार्टी की सदस्य हैं. मुर्मू 2022 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए भाजपा की आधिकारिक उम्मीदवार थीं (Draupadi Murmu, 2022 Presidential Election) और उन्होंने 540 वोटों के साथ जीत हासिल की (Draupadi Murmu won 2022 Presidential Election). द्रौपदी मुर्मू ने 25 जुलाई 2022 को भारत के 15वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली (Draupadi Murmu, President of India). वह आदिवासी समुदाय से संबंधित पहली व्यक्ति हैं और प्रतिभा पाटिल के बाद पद संभालने वाली दूसरी महिला भी हैं (Draupadi Murmu, Second Woman President). साथ ही, वह राष्ट्रपति के पद पर काबिज होने वाली सबसे कम उम्र की व्यक्ति भी हैं (Draupadi Murmu Youngest person on the post of President).
उन्होंने पहले 2015 से 2021 तक झारखंड के नौवें राज्यपाल के रूप में कार्य किया. वह झारखंड की पहली महिला राज्यपाल रहीं हैं (Draupadi Murmu, First Governor Jharkhand). वह भारतीय राज्य में राज्यपाल के रूप में नियुक्त होने वाली ओडिशा की पहली महिला आदिवासी नेता हैं (Draupadi Murmu, First Female Tribal Leader).
द्रौपदी मुर्मू का जन्म 20 जून 1958 को ओडिशा के मयूरभंज जिले के बैदापोसी गांव में हुआ था (Draupadi Murmu Age). उनके पिता का नाम बिरंची नारायण टुडु है (Draupadi Murmu Father). उनके पिता और उनके दादा दोनों पंचायती राज व्यवस्था के तहत ग्राम प्रधान थे (Draupadi Murmu Family). द्रौपदी मुर्मू ने श्याम चरण मुर्मू से शादी की. उनके के दो बेटे थे. दोनों बेटों और पति का का निधन हो चुका है (Draupadi Murmu Sons Husband Died). एक बेटी है (Draupadi Murmu Daughter).
मुर्मू 1997 में रायरंगपुर नगर पंचायत के पार्षद के रूप में चुनी गईं थी. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के उपाध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया. ओडिशा में भारतीय जनता पार्टी और बीजू जनता दल गठबंधन सरकार के दौरान वह 6 मार्च 2000 से 6 अगस्त 2002 तक वाणिज्य और परिवहन के लिए स्वतंत्र प्रभार और 6 अगस्त 2002 से मई 2004 तक मत्स्य पालन और पशु संसाधन विकास राज्य मंत्री थीं. 16, 2004. वह ओडिशा की पूर्व मंत्री हैं और 2000 और 2004 में रायरंगपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं. उन्हें 2007 में ओडिशा विधानसभा द्वारा सर्वश्रेष्ठ विधायक के लिए नीलकंठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था (Draupadi Murmu Political Career).
हरिवंश को इस बार जेडीयू ने राज्यसभा नहीं भेजा था. उनका कार्यकाल 10 अप्रैल को पूरा हो रहा है और 10 अप्रैल को ही सरकार ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर उन्हें राष्ट्रपति के कोटे से फिर उच्च सदन भेज दिया है.
देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तर प्रदेश के तीन दिवसीय धार्मिक दौरे के अंतिम दिन शनिवार को गोवर्धन पर्वत की प्रसिद्ध सप्तकोशीय (21 किलोमीटर) परिक्रमा पैदल शुरू की. मंदिर के एक पुजारी ने बताया कि सबसे पहले राष्ट्रपति ने दानघाटी मंदिर में गिरिराज जी का महाभिषेक कर पूजा-अर्चना की और आरती में भाग लिया.
राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना हो गई है. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की पूजा-अर्चना की और विधिवत इसकी स्थापना की.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में शुभ अभिजीत मुहूर्त पर श्रीराम यंत्र की स्थापना करेंगी. इस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और राम मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख सदस्य मौजूद रहेंगे.
अयोध्या में 19 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राम मंदिर परिसर में ‘श्रीराम यंत्र’ की स्थापना करेंगी. हिंदी नववर्ष के अवसर पर होने वाला यह आयोजन ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व का है. शहर को भव्य रूप से सजाया गया है और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. राष्ट्रपति रामलला के दर्शन भी करेंगी और मंदिर निर्माण से जुड़े श्रमिकों को सम्मानित किया जाएगा. कार्यक्रम में संत समाज की भागीदारी रहेगी और यह दिन अयोध्या के इतिहास में खास दर्ज होगा.
वृंदावन में बंदरों की शरारतें अब प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गई हैं. राष्ट्रपति के दौरे से पहले अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उनके चश्मे और सुरक्षा से जुड़ी है. बंदरों के झपट्टा मारने की आदत को देखते हुए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं.
कान्हा की नगरी मथुरा-वृंदावन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के तीन दिवसीय आगमन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. 19 मार्च से शुरू हो रहे इस दौरे में राष्ट्रपति रामलला के दर्शन के बाद वृंदावन पहुंचेंगी, जहां वह संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात और गिरिराज जी की परिक्रमा करेंगी.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हालिया सिलीगुड़ी दौरे के दौरान प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोपों के बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट दी है. राज्य सरकार ने पूरे घटनाक्रम का ब्योरा संबंधित दस्तावेजों के साथ केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दिया है.
राष्ट्रपति के दौरे में प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोप बंगाल सरकार ने केंद्र को सौंपी रिपोर्ट राष्ट्रपति के सिलीगुड़ी दौरे के दौरान कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन के मामले में पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्र को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी है इसमें पूरे घटनाक्रम प्रशासनिक फैसलों और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अनुपस्थिति के कारणों का विस्तृत उल्लेख किया गया है
पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले राजनीतिक तकरार तेज हो चली है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाराजगी जताने के बाद ममता बनर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो एक दूसरे के खिलाफ हमलावर थे ही, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कोलकाता यात्रा में टीएमसी को अपना एजेंडा आगे बढ़ाने का मौका मिल गया है.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति के सम्मान को लेकर उठे विवाद पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर तीखा पलटवार किया है.
ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति के सम्मान को लेकर उठे विवाद पर केंद्र सरकार और नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला. ममता ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय प्रधानमंत्री बंगाल को निशाना बनाते हैं और बेवजह राज्य सरकार को दोषी ठहराया जाता है.
राष्ट्रपति मुर्मू ने ममता सरकार पर उठाए सवाल.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का कहना है कि पता नहीं वहां क्या हुआ या क्या मन में था, यह बस वही लोग जानें. मैं थोड़ा दुखी जरूर थी, लेकिन यहां आकर खुशी हुई.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का कहना है कि मैं भी बंगाल की रहने वाली हूं. बंगाल में अक्सर बाहर से लोगों को आने की अनुमति नहीं मिलती. ममता दी मेरी छोटी बहन की तरह हैं. शायद उन्हें मुझसे कोई नाराजगी हो, इसलिए मुझे वहां जाकर कार्यक्रम आयोजित नहीं करने दिया.
कांग्रेस नेता उदित राज का कहना है कि प्रधानमंत्री ने सबसे पहले आदिवासी राष्ट्रपति महोदया का अपमान किया है. सवाल उठ रहे हैं कि जब नई संसद भवन में प्रवेश किया जा रहा था, तो राष्ट्रपति महोदय को क्यों नहीं बुलाया गया. वे इस अवसर के लायक भी नहीं समझे गए. इस स्थिति पर गंभीर ध्यान देने की आवश्यकता है क्योंकि देश के राष्ट्रपति का सम्मान सबसे महत्वपूर्ण होना चाहिए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अपमान का आरोप लगाते हुए कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि ये घटना न केवल राष्ट्रपति का अपमान है, बल्कि भारत के संविधान और लोकतंत्र की भावना पर हमला है. पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि टीएमसी की गंदी राजनीति और सत्ता के अहंकार को बंगाल की जनता जल्द ही तोड़ देगी.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पश्चिम बंगाल में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम ममता बनर्जी की उपस्थिति पर कहा कि आम तैर पर ऐसा होता है कि अहर राष्ट्रपति आती है तो सीएम भी आना चाहिए, मंत्री भी आना चाहिए लेकिन सीएम नहीं आई.
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति पद पर प्रतिक्रिया देते हुे कहा कि 'राष्ट्रपति जी को सम्मान देना हर नागरिक की जिम्मेदारी है क्योंकि वे देश के सर्वोच्च पद पर होते हैं. हमारे देश में परंपरा रही है कि चाहे जो भी हो, राष्ट्रपति को सम्मान देना चाहिए. यह सम्मान देना हमारे सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्य का हिस्सा है.'
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पश्चिम बंगाल में द्रौपदी मुर्मू में स्वागत में सीएम ममता बनर्जी के न आने पर हमला बोला है. उन्होनें कहा कि बंगाल में जब देश के सर्वोच्च पद पर बैठे महामहिम राष्ट्रपति का आगमन होता है, तब उनका सही तरीके से स्वागत न होना वास्तव में एक शर्मनाक बात है.
CM Mohan Yadav on Mamata Banerjee: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव नेपश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बंगाल दौरे के दौरान शिष्टाचार और प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर यादव ने इसे 'घृणित मानसिकता' का परिचायक बताया और ममता बनर्जी से सार्वजनिक माफी की मांग की.