राष्ट्रपति भवन में गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित ‘एट होम रिसेप्शन’ में उत्तर-पूर्वी राज्यों की थीम के तहत पारंपरिक पटका न पहनने को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी विवादों में घिर गए हैं. भाजपा ने इसे उत्तर-पूर्व के लोगों का अपमान और उनके प्रतीक चिन्ह के प्रति कांग्रेस नेता के व्यवहार को असंवेदनशील करार दिया है. भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर आरोप लगाया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा दो बार याद दिलाए जाने के बावजूद राहुल गांधी ने पटका नहीं पहना.
मालवीय ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर यूरोपीय संघ के नेताओं और विदेशी राजनयिकों तक, सभी ने सम्मान और समावेशन के प्रतीक के रूप में पारंपरिक उत्तर-पूर्वी पटका पहना. उन्होंने अपने पोस्ट के साथ कुछ तस्वीरें भी शेयर कीं, जिनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पीएम मोदी और अन्य अतिथि पटका पहने दिख रहे थे, जबकि एक तस्वीर में राहुल गांधी बिना पटका पहने नजर आए. इस मुद्दे पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी.
उन्होंने राहुल गांधी से बिना शर्त माफी की मांग करते हुए कहा कि उत्तर-पूर्व के प्रति उनकी बार-बार की असंवेदनशीलता ही वह वजह है, जिसके चलते कांग्रेस को इस क्षेत्र में लगातार राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेशी मेहमानों सहित सभी ने सम्मानपूर्वक पटका पहना, लेकिन राहुल गांधी अकेले ऐसे रहे जिन्होंने इसे नहीं पहना. उनके इस व्यवहार से उत्तर-पूर्व के प्रति उपेक्षा की उनकी भावना झलकती है.
हालांकि कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए ‘एट होम रिसेप्शन’ के लिए राष्ट्रपति भवन में मौजूद केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वह भी बिना पटका नजर आ रहे हैं.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि क्या वह राजनाथ सिंह से भी माफी की मांग करेंगे, या फिर ये सब देश और असम में कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे जनहित के मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने की बीजेपी की रणनीति है.