दादरी (Dadri) उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में स्थित एक शहर और नगर पालिका परिषद है. यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) का हिस्सा है और नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के निकट होने के कारण प्रशासनिक और क्षेत्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण स्थान रखता है. यह शहर लंबे समय से आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए एक स्थानीय केंद्र के रूप में जाना जाता है.
दादरी का इतिहास काफी पुराना माना जाता है. वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से पहले इस क्षेत्र पर गुर्जर शासक राजा राव उमराव सिंह भाटी का शासन था. बताया जाता है कि उनके अधीन लगभग 108 गांव आते थे. 1857 के विद्रोह के दौरान उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष किया. इसके बाद भी दादरी के राव परिवार का प्रभाव भारत की आजादी से पहले तक आसपास के क्षेत्रों में बना रहा.
शहर का भूभाग मैदानी है और यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख इलाकों में शामिल है. दादरी के कुछ हिस्सों को आर्द्रभूमि (वेटलैंड) के रूप में वर्गीकृत किया गया है. इन क्षेत्रों में ब्लैकबक, नीलगाय और कई अन्य वन्य जीव पाए जाते हैं. सर्दियों के मौसम में साइबेरिया और यूरोप से आने वाले प्रवासी पक्षी भी यहां देखे जाते हैं, जो इस क्षेत्र के प्राकृतिक पर्यावरण का हिस्सा हैं.
परिवहन की दृष्टि से दादरी सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. यह नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, सिकंदराबाद, बुलंदशहर, खुर्जा और अलीगढ़ जैसे शहरों तक सड़क मार्ग के जरिए पहुंच प्रदान करता है. पुराना राष्ट्रीय राजमार्ग-91 (अब पुनर्नंबरित मार्ग) भी इस क्षेत्र से होकर गुजरता है. इसके अलावा दादरी रेलवे स्टेशन स्थानीय और लंबी दूरी की रेल सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण स्टेशन माना जाता है.
RTO ने दादर ईस्ट में ऑटो-टैक्सी चालकों की मराठी की जांच शुरू कर दी है. कई चालकों को भाषा सीखने के लिए एक महीने का नोटिस दिया गया है, वहीं नियम नहीं मानने पर बैज और परमिट पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.