सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा
AISSCE (All India Senior School Certificate Examination), जिसे आम भाषा में बोर्ड परीक्षा भी कहा जाता है, भारत सरकार की ओर से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Central Board of Secondary Education) द्वारा हाई स्कूल के छात्रों के लिए हर साल आयोजित की जाने वाली अंतिम परीक्षा है.
परीक्षाओं के परिणाम मई के पहले सप्ताह में घोषित किए जाते हैं. सामान्य तौर पर, लगभग 80% उम्मीदवार उत्तीर्ण अंक प्राप्त करते हैं. दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और दिल्ली विश्वविद्यालय को उन तरीकों पर चर्चा करने का निर्देश दिया है जिनके द्वारा मुख्य परीक्षा, पुनर्मूल्यांकन और कम्पार्टमेंट परीक्षा के परिणाम सामान्य से पहले घोषित किए जा सकते हैं ताकि उम्मीदवार कट-ऑफ की तारीखों को न भूलें (Cut-off).
CBSE ने 2026 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए कक्षा 12 के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन आवेदनों में से 99.7% से अधिक के परिणाम घोषित कर दिए हैं. बाकी बचे मामले की प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं और जल्द ही इसका रिजल्ट जारी किया जाएगा, जिससे संशोधित अंकों का इंतजार कर रहे हजारों छात्रों को राहत मिलेगी.
सीबीएसई कक्षा 12 के री-इवैल्यूएशन रिजल्ट को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है. हाल ही में छात्र वेदांत श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर बताया कि उनका रिजल्ट जारी हो गया है और री-इवैल्यूएशन के बाद उनके अंकों में सिर्फ 2 नंबर की बढ़ोतरी हुई है, जबकि बोर्ड ने जानकारी दी है कि उनके 11 अंक बढ़ाए गए हैं.
CBSE ने कक्षा 12वीं की परीक्षा 2026 के री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन के नतीजों को 99.7% तक जारी कर दिया है. बोर्ड ने बाकी बचे मामलों के भी जल्द नतीजे जारी करने का भरोसा दिया है.
CBSE ने कक्षा 12वीं के पुनर्मूल्यांकन के 87% से अधिक परिणाम जारी कर दिए हैं, लेकिन 13% छात्र अभी भी अपने रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं. इस देरी से कई छात्र कॉलेज में एडमिशन, जोसा काउंसलिंग और चल रही प्रवेश प्रक्रियाओं को लेकर चिंतित हैं. वह सवाल कर रहे हैं कि आखिर कब तक रिजल्ट जारी किया जाएगा?
कक्षा 12 के छात्र सार्थक सिद्धांत ने एक सार्वजनिक पोर्टल लॉन्च किया है, जिसमें करीब 1.66 करोड़ खरीद रिकॉर्ड शामिल है. उनका कहना है कि यह डेटाबेस नागरिकों, पत्रकारों और शोधकर्ताओं को सरकारी अनुबंधों की जानकारी आसानी से देखने में मदद करेगा.
सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के री-इवैल्यूएशन परिणाम में रांची की छात्रा अवनी केजरीवाल ने इतिहास रच दिया है. धुर्वा स्थित डीपीएस सेल टाउनशिप की कॉमर्स छात्रा अवनी ने री-इवैल्यूएशन के बाद 500 में 500 अंक हासिल किए हैं जिसके बाद वह नेशनल टॉपर बन गई हैं.
सीबीएसई ने रविवार को री‑इवैल्यूएशन के नतीजे घोषित किए हैं, इसके साथ ही उन छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिकाओं का निरीक्षण करने की अनुमति देने का फैसला किया गया है, जिनके वेरिफिकेशन के परिणाम में 'नो चेंज' दर्ज किया गया है.
नीट पेपर लीक विवाद के बाद अब सीबीएसई 12वीं के रिजल्ट और ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने एक प्रतिष्ठित संस्था को धांधली का प्रतीक बना दिया है. उन्होंने युवाओं और Gen-Z को सरकार के अहंकार को तोड़ने की चेतावनी दी है.
छात्र प्रांशु ने फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स, इंग्लिश और कंप्यूटर साइंस जैसे महत्वपूर्ण विषयों के लिए कक्षा 12वीं की 'इंप्रूवमेंट' (सुधार) परीक्षा दी थी. परिणाम घोषित न किए जाने के कारण छात्र का भविष्य अधर में लटक गया है और अलग-अलग विश्वविद्यालयों में उसकी उच्च शिक्षा की प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह रुक गई है.
CBSE 12वीं की री-इवैल्यूएशन पोर्टल लगातार विवादों में बना हुआ है. इस बीत बोर्ड ने बड़ा फैसला लेते हुए पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया से COEMPT Eduteck को हटा दिया है. बोर्ड का कहना है कि छात्रों द्वारा संशोधित रिकॉर्ड की प्रतीक्षा किए जाने तक यह प्रक्रिया निर्धारित समय पर जारी रहेगी. हालांकि, बोर्ड की ओर से सोशल मीडिया पर बताया कि 1.6 लाख छात्रों ने अब तक आवेदन कर लिया है.
CBSE आज कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन प्रक्रिया बंद कर देगा. लेकिन इस बीच ओएसएम प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाने वाले सिद्धांत सार्थक ने आवेदन की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है. उन्होंने बोर्ड की सोशल मीडिया पोस्ट के कमेंट सेशन में लिखा कि क्या आप कृपया समय सीमा बढ़ा सकते हैं? मैं इस सप्ताह आपको बेनकाब करने में व्यस्त था. इसके बाद से पोस्ट वायरल हो गया है.
नीट पेपर लीक विवाद और CBSE के OSM सिस्टम में खामियों ने देश की शिक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है. आकांक्षा चतुर्वेदी की मौत से लेकर छात्रों द्वारा उजागर की गई तकनीकी और प्रशासनिक गड़बड़ियों तक, सवाल यही है कि करोड़ों छात्रों के भविष्य से कब तक खिलवाड़ होगा.
CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम विवाद के बीच हैदराबाद की Coempt Eduteck ही कक्षा 12वीं की री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया में आंसर-शीट की स्कैनिंग और इवैल्यूएशन का काम जारी रखेगी. हालांकि, सुरक्षा बढ़ाने के लिए बोर्ड ने सभी आंसर शीट का रिकॉर्ड कंपनी के सर्वर से हटाकर अपने सर्वर पर ट्रांसफर कर लिया है.
CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए मार्क्स वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन की तारीख एक बार फिर बढ़ गई है. अब छात्र 7, जून 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. बोर्ड के इस फैसले से छात्रों को अपनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए थोड़ा समय और मिल जाएगा.
CBSE ने 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में OSM सिस्टम को बड़े पैमाने पर लागू किया है, लेकिन बिना किसी बड़े पायलट टेस्ट के इस कदम ने छात्रों और अभिभावकों में असमंजस पैदा कर दिया है. तकनीकी दिक्कतें और संचालन संबंधी समस्याएं सामने आने के बाद शिक्षा विशेषज्ञों ने 11वीं कक्षा में पहले ट्रायल करने की सलाह दी थी. यह विवाद अब संसद की स्थायी समिति तक पहुंच चुका है.
CBSE के नए री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन पोर्टल को लॉन्च के दिन भारी साइबर हमलों का सामना करना पड़ा, जिसमें 15 लाख से अधिक रिक्वेस्ट भेजी गईं. बोर्ड ने इसे Denial of Service (DoS) अटैक बताया. इसके बावजूद पोर्टल काम करता रहा और हजारों छात्रों ने सफलतापूर्वक आवेदन जमा किए. CBSE ने 1 लाख से अधिक अनधिकृत फाइल एक्सेस प्रयासों की भी सूचना दी.
सीबीएसई में बड़े प्रशासनिक बदलाव के तहत केंद्र सरकार ने नए चेयरमैन और सचिव की नियुक्ति कर दी है. प्रशांत सीताराम लोखंडे को बोर्ड का नया अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि वरुण भारद्वाज को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है. हाल के दिनों में मूल्यांकन प्रक्रिया और डिजिटल सिस्टम को लेकर उठे सवालों के बीच यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सरकार ने संबंधित प्रक्रियाओं की जांच के लिए समिति भी गठित की है.
सच का साथ इतना मजबूत होता है कि वह बड़े-बड़े भी घुटने टेकने को मजबूर हो जाते हैं. हालांकि, भले इसे सामने आने में समय लगता है लेकिन जब आता है तो, कई लोग इसके आगे हार जाते हैं. ऐसा ही कुछ कर दिखाया है देश के तीन जांबाज युवाओं वेदांत श्रीवास्तव, निसर्ग अधिकारी और सार्थक सिद्धांत ने. जिस केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कमियों और लूपहोल्स को मुख्यधारा की मीडिया सामने न ला सकी, उसे इन तीन लड़कों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए पूरी तरह से बेनकाब कर दिया है.
करीब चार दिनों के लंबे इंतजार के बाद जब CBSE का री-इवैल्यूएशन पोर्टल शुरू हुआ तो छात्रों में खुशी की लहर चल पड़ी. लेकिन ये खुशी बहुत ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी. लेकिन अब बोर्ड ने वापस से पोर्टल को एक्टिव कर दिया है. बता दें कि कुछ समय पहले दावा किया जा रहा था कि पोर्टल में फिर से कुछ परेशानी आ रही है जिसने एक बार फिर से छात्रों के बीच चिंता पैदा कर दी है. इसे लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शिकायतें आ रही हैं.
CBSE की12वीं परीक्षा की कॉपी के री-ईवैल्युएशन और नंबरों की दोबारा जांच की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू कर दी है. CBSE का री-ईवैल्युएशन पोर्टल कल से मेंटेनेंस मोड में था जो अब शुरू हो गया है. CBSE ने आवेदन करने के लिए पूरी प्रक्रिया के मार्गदर्शन के लिये एक वीडियो भी जारी किया है.
संसद की स्थायी समिति ने शिक्षा अधिकारियों, सीईआरटी-इन और छात्र प्रतिनिधियों को सीबीएसई की कक्षा 12 की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली से जुड़ी शिकायतों की जांच के लिए तलब किया है, जिसमें कथित खामियां, मूल्यांकन में गलतियां और परिणाम जारी होने के बाद सत्यापन संबंधी समस्याएं शामिल हैं.