सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा
अखिल भारतीय माध्यमिक विद्यालय परीक्षा (All India Secondary School Examination), जिसे आमतौर पर बोर्ड परीक्षा के रूप में जाना जाता है, एक केंद्रीकृत सार्वजनिक परीक्षा है जिसे भारत में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Central Board of Secondary Education CBSE) से संबद्ध स्कूलों में छात्र कक्षा 10 के बाद लेते हैं. बोर्ड हर साल फरवरी की अवधि के दौरान परीक्षा आयोजित करता है. सतत और व्यापक मूल्यांकन की महत्वाकांक्षी परियोजना को लागू करना. अब जब बोर्ड ने संयुक्त रोजगार परीक्षा, एनईईटी, आदि के व्यापक मूल्यांकन पैटर्न को समाप्त कर दिया है. इसके बजाय राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी द्वारा परीक्षा आयोजित की जाती है. इस परीक्षा में गणित, विज्ञान (भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान) और सामाजिक विज्ञान (इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र) किन्हीं दो भाषाओं (मध्यम और विदेशी/अनुसूचित भाषाओं की आधिकारिक भाषा) के साथ अनिवार्य हैं. छात्र सूचना प्रौद्योगिकी, पेंटिंग, योग, संगीत या कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे कौशल विषय भी चुन सकते हैं। सफल उम्मीदवारों को सेकेंडरी स्कूल कंप्लीशन सर्टिफिकेट, एक स्टेटमेंट ऑफ मार्क्स और एक माइग्रेशन सर्टिफिकेट से सम्मानित किया जाता है, जिसमें कहा गया है कि उम्मीदवार ने सेकेंडरी स्कूलिंग पूरी कर ली है और उच्च शिक्षा हासिल कर सकता है.
सीबीएसई ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में कम नंबर आने पर छात्रों को राहत देते हुए मई 2026 में दोबारा परीक्षा का नया शेड्यूल जारी किया है. छात्र तीन विषयों में सुधार कर सकते हैं और कंपार्टमेंट वाले भी परीक्षा दे सकेंगे. फॉर्म भरने की प्रक्रिया तीन चरणों में होगी, जिसमें लेट फीस का भी प्रावधान है परीक्षा के लिए फीस भारत में ₹320 प्रति विषय निर्धारित की गई है.
सोशल मीडिया पर इस समय बोर्ड की कॉपी चेकिंग को लेकर कई तरह के वीडियो वायरल हो रहे हैं. इसके संबंध में CBSE ने मूल्यांकन में शामिल शिक्षकों को चेतावनी दी है.
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध की वजह से CBSE ने 8 देशों में बोर्ड परीक्षा रद्द कर दी है. लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि इससे प्रभावित हुए छात्रों का रिजल्ट कैसे बनेगा?
मीडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण CBSE ने बड़ा फैसला लेते हुए 8 देशों में 10 अप्रैल तक होने वाली 12वीं कक्षा की सभी परीक्षाएं रद्द कर दी हैं.
सीबीएसई ने रविवार को अपना आधिकारिक ट्विटर हैंडल @cbseindia29 पर यह जानकारी साझा की. बोर्ड की वेबसाइट पर जारी पीडीएफ नोटिस में लिखा है कि मिडिल ईस्ट क्षेत्रों में कक्षा 10वीं और 12वीं की 2 मार्च 2026 को निर्धारित परीक्षाएं स्थगित की जाती हैं. नई तारीखों की घोषणा बाद में की जाएगी.
दुनियाभर के 26 देशों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से मान्यता प्राप्त 300 से ज्यादा स्कूल बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन करवाती है. लेकिन मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच CBSE अपडेट जारी किया है.
CBSE की 10वीं साइंस परीक्षा में इस बार न्यूमेरिकल, डायग्राम और कॉन्सेप्ट के बेसिस पर प्रश्न पूछे गए थे. परीक्षा के बाद छात्रों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही. इस दौरान ज्यादातर छात्रों ने पेपर का स्तर आसान से मध्यम बताया, लेकिन फिजिक्स का न्यूमेरिकल और टाइम मैनेजमेंट कई छात्रों के लिए चैलेंजिंग रहा.
CBSE की कक्षा 10 गणित परीक्षा के बाद सोशल मीडिया पर छात्रों और अभिभावकों की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. कई छात्रों ने पेपर को बेहद कठिन और लंबा बताया, जबकि कुछ ने अलग-अलग क्षेत्रों में प्रश्नपत्र के स्तर को लेकर निष्पक्षता पर सवाल उठाए.
सीबीएसई बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होकर मार्च तक चलेंगी. छात्रों को सलाह दी गई है कि वे समय पर एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और परीक्षा केंद्र पर जरूरी सामान ही लेकर जाएं.
बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले CBSE ने वेबिनार का आयोजन किया था. इस दौरान उन्होंने छात्रों की तैयारी, बदलाव समेत कई विषयों पर चर्चा की.
CBSE की बोर्ड परीक्षाएं जल्द ही शुरू होने वाली है. लेकिन उसके पहले बोर्ड ने नोटिस जारी कर स्कूलों को प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट के नंबर अपलोड करने का निर्देश दिया है. इसके लिए बोर्ड ने आखिरी तारीख 14 फरवरी निर्धारित की है.
CBSE ने बोर्ड परीक्षाओं से पहले कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए फ्री में साइको-सोशल काउंसलिंग सेवा की शुरुआत की है. इसका उद्देश्य बच्चों को एग्जाम के टाइम तनाव और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना है. इसकी शुरुआत 6 जनवरी से हो गई है, जो 1 जून, 2026 तक चलेगी.
CBSE की ओर से 10वीं और 12वीं के एग्जाम डेट में बदलाव किए गए हैं. इसके लिए उन्होंने प्रशासनिक कारणों का हवाला दिया है. 3 मार्च को होने वाली परीक्षा 11 मार्च और 10 अप्रैल को होगी. अभ्यर्थी ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर नई डेटशीट चेक कर सकते हैं.
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10 के अभ्यर्थियों के लिए साइंस और सोशल साइंस विषयों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं. साल 2026 में होने वाली बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवार CBSE की ऑफिशियल वेबसाइट से जारी ले सकते हैं.
सीबीएसई 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की डेटशीट में बैक-टू-बैक पेपर्स को लेकर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने चिंता व्यक्त की है. परीक्षाओं के बीच कम गैप के कारण छात्रों की तैयारी पर असर पड़ने की आशंका है.
सीबीएसई ने 2025-26 सत्र की कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के कईं नियम अपडेट करने की घोषणा की है. ऐसे में जानते हैं क्या हैं नए नियम...
अब जो छात्र 2026 में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा देंगे, उनके लिए कम से कम 75% स्कूल में अटेंडेंस जरूरी होगा. बोर्ड ने साफ कहा है कि अटेंडेंस सीधे इंटरनल मार्क्स से जुड़ी होगी. इसका मतलब है कि पूरे दो साल तक नियमित रूप से स्कूल जाना पड़ेगा.
बोर्ड परीक्षा 2025-26 से पहले सीबीएसई ने सभी छात्रों के लिए 75% की अटेंडेंस अनिवार्य कर दी है. इस सख्त नियम का पालन ना करने पर छात्रों को बोर्ड परीक्षा में बैठने से वंचित किया जाएगा, स्कूलों की लापरवाही मिलने पर भी पेनल्टी लगाई जाएगी.
इस साल, सीबीएसई ने कक्षा 10वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा 15 जुलाई से 22 जुलाई तक आयोजित की गई थी. अधिकांश विषयों के लिए सप्लीमेंट्री परीक्षा सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक आयोजित की गयी.
CBSE 10th Board Exam New Rules: सीबीएसई अब साल में 2 बार 10वीं बोर्ड परीक्षा का आयोजन करेगा. ऐसे में जानते हैं कि नए नियमों में स्टूडेंट्स के लिए क्या नियम तय किए गए हैं.
सीबीएसई ने कक्षा 12वीं का रिजल्ट पहले ही आज सुबह जारी किया था, जिसके बाद कक्षा 10वीं का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट्स और पोर्टल्स पर जारी कर दिया गया है. लेकिन छात्रों को रिजल्ट चेक करने में दिक्कत आ रही है.