भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा में भगवान गणेश (Bhagwan Ganesh) का स्थान सर्वोपरि है. वे बुद्धि, विवेक, समृद्धि और शुभता के प्रतीक माने जाते हैं. किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणेश जी के नाम के उच्चारण और पूजा से होती है, इसलिए उन्हें 'विघ्नहर्ता' और 'प्रथम पूज्य' कहा जाता है.
भगवान गणेश को शिव और पार्वती के पुत्र माने जाते हैं. उनका सिर हाथी का और शरीर मनुष्य का होता है, जो उन्हें अद्वितीय बनाता है. उनके चार हाथ होते हैं, जिनमें वे अंकुश, पाश, मोदक और आशीर्वाद की मुद्रा धारण करते हैं. उनके वाहन का रूप एक छोटा मूषक (चूहा) है, जो यह दर्शाता है कि सबसे छोटे प्राणी को भी महत्व दिया जाना चाहिए.
भगवान गणेश की जन्म कथा पौराणिक ग्रंथों में अत्यंत प्रसिद्ध है. एक बार माता पार्वती ने स्नान करते समय अपने उबटन से गणेश को बनाया और उन्हें द्वारपाल बना दिया. जब भगवान शिव लौटे, तो गणेश ने उन्हें अंदर जाने से रोका. क्रोधित होकर शिव ने उनका सिर काट दिया. बाद में पार्वती के अनुरोध पर भगवान शिव ने एक हाथी का सिर लगाकर उन्हें जीवनदान दिया. तभी से वे गजानन कहलाए.
गणेश पूजा विशेष रूप से गणेश चतुर्थी के अवसर पर की जाती है, जो भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाई जाती है. महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में यह पर्व बहुत धूमधाम से मनाया जाता है.
"वक्रतुण्ड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव, सर्वकार्येषु सर्वदा।।"
पुणे में गणेशोत्सव के दौरान करीब 21 हजार पानीपुरी से गणपति बप्पा की अनोखी प्रतिकृति बनाई गई है। इसे तैयार करने में करीब तीन महीने लगे। प्रतिकृति देखने पुणे के साथ मुंबई से भी लोग पहुंच रहे हैं।
गणेशोत्सव के दौरान मेष, मिथुन, कन्या और मीन राशि के जातकों को शुभ परिणाम मिल सकते हैं. गणपति बप्पा की कृपा से इन राशियों की बुद्धि और साहस बढ़ेगा. अटके काम पूरे होंगे. व्यापार में लाभ और नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं.
णेश चतुर्थी से एक दिन पहले हरतालिका तीज पर जयपुर के एक प्रसिद्ध मंदिर मोती डूंगरी पर मेहंदी बांटने की परंपरा है. इसी मेहंदी को पाने की चाह में लोग देश के कोने-कोने से 13 सितंबर की शाम को यहां पहुंच गए. शाम तक लाखों लोग सड़क पर इकट्ठा हो गए. इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.
कोलकाता के पास बेलूर बाजार के शिवचंद्र चटर्जी स्ट्रीट में ‘हिंदू राष्ट्र’ की थीम पर गणपति पंडाल बनाया गया है. पंडाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सिद्धिदाता गणेश को एक साथ बैठे हुए दिखाया गया है. दोनों के हाथों में चाय का कप है, जिसे ‘चाय पे चर्चा’ की थीम के तौर पर प्रस्तुत किया गया है. तृणमूल कांग्रेस के मध्य हावड़ा के विधायक अरूप राय ने इस पर सवाल उठाए तो बीजेपी ने पलटवार किया. पंडाल के आयोजक ने इसे अपना निजी फैसला बताया है.
तेंदुलकर परिवार ने गणपति की स्थापना की. सानिया और सारा तेंदुलकर ट्रेडिशनल साड़ी में नजर आईं. सानिया ने गणपति रेडी पोस्ट किया तो सारा ने 'Ganpu season' कैप्शन के साथ फोटो शेयर की. सचिन तेंदुलकर ने घर पर ही छोटे गणेश की विसर्जन की वीडियो पोस्ट की.
Garh Ganesh Temple 2026: सोशल मीडिया पर एक इन दिनों एक वीडियो खूब वायरल हो रही है. इस वीडियो में एक ऐसे मंदिर को लेकर दावा किया गया है जिसमें बिना सूंड वाले गणपति विराजमान होते हैं. श्री गढ़ गणेश नाम का यह मंदिर राजस्थान के जयपुर में नाहरगढ़ की पहाड़ियों पर स्थित बताया गया है.
गणेश चतुर्थी के मौके पर सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी ने गणपति की पूजा-अर्चना की. पीएम मोदी, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के आवास पर पहुंचे और भगवान गणेश की पूजा के साथ आरती भी की. इस दौरान पीएम पीले रंग के कुर्ते में नजर आए. देखें वीडियो.
नासिक की सागर स्वीट्स ने 25 से ज्यादा अनोखे और हाई क्वालिटी मोदक पेश किए हैं, जिन पर कई खास तरह के ऑफर भी रखे गए हैं. सोने और चांदी से सजे गोल्डन मोदक दुकान की सबसे चर्चित मिठाइयों में से हैं. गोल्डन मोदक की कीमत ₹27,000 प्रति Kg है. जबकि काजू मोदक ₹2,000 प्रति Kg के हिसाब से बेचे जा रहे हैं.
पुणे में गणेशोत्सव की शुरुआत पारंपरिक शोभायात्राओं के साथ हुई, जिसमें इस बार DJ और बड़े साउंड सिस्टम की अनुपस्थिति रही. बावजूद इसके, कई जगहों पर ध्वनि स्तर 90 डेसिबल से अधिक दर्ज किया गया.
गणेश चतुर्थी पर बॉलीवुड सितारों ने धूमधाम से बप्पा का स्वागत किया। गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ढोल-नगाड़ों पर नाचते हुए पारंपरिक अंदाज में गणपति का स्वागत करती नजर आईं। वहीं हंसिका मोटवानी ने भी घर में गणपति की स्थापना की।
देशभर में गणेश उत्सव शुरू हो गया है। 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी पर भक्त घरों और पंडालों में गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित कर रहे हैं। गणेश स्थापना के लिए सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक बताया गया है।
Ganesh Chaturthi 2026 Rashifal: गणेशोत्सव के 10 दिनों के दौरान भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने से साधक के जीवन से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. तो आइए श्रीगणेश की उन प्रिय राशियों के बारे में जानते हैं जिनपर अगले 10 दिनों तक भगवान गणेश का आशीर्वाद बना रहेगा.
गणेश चतुर्थी का त्योहार भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग रूपों और मान्यताओं के साथ मनाया जाता है. दक्षिण भारत में गणपति को ब्रह्मचारी माना जाता है जबकि उत्तर भारत में उन्हें रिद्धि-सिद्धि का पति माना जाता है.
Ganesh Chaturthi 2026: हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी का खास महत्व होता है. इस त्योहार को भक्त बड़ी ही धूम-धाम से मनाते हैं और बाप्पा को घर लेकर आते हैं. गणपति को अपने घर लाने के लिए देशभर में इसकी तैयारियां भी शुरू हो गई हैं. 10 दिन के इस महोत्सव की शुरूआत गणेश चतुर्थी के दिन से ही हो जाती है, भगवान शिव की तरह ही गणपति भी स्वभाव में काफी सरल हैं, लेकिन उनकी पूजा में कुछ बातों का जरूर ध्यान रखना चाहिए.
अकोला के पर्यावरण प्रेमी कलाकार शरद कोकाटे ने आंखों पर पट्टी बांधकर मिट्टी से गणपति प्रतिमा बनाई। वर्षों के अनुभव से उन्होंने बिना देखे मिट्टी को आकार देकर बप्पा का सुंदर स्वरूप तैयार किया। शरद पिछले करीब 20 वर्षों से इको-फ्रेंडली गणपति प्रतिमाओं के जरिए लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं।
Ganesh Chaturthi 2026: गणेश उत्सव भगवान श्री गणेश की भक्ति और श्रद्धा का विशेष पर्व माना जाता है. इस अवसर पर भक्त अपने घरों और पूजा स्थलों पर विधि-विधान से गणपति बप्पा की स्थापना करते हैं. लेकिन, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है.
Hindu Dharam: क्या आप जानते हैं कि दुनिया की सबसे विशाल महागाथा 'महाभारत' को लिखने के लिए स्वयं बुद्धि के देवता भगवान गणेश को लेखक बनना पड़ा था? महर्षि वेदव्यास की वाणी और गणेश जी की लेखनी के बीच एक ऐसी कठिन शर्त रखी गई थी, जिसके टूटने के डर से गणेश जी को अपना एक दंत (दांत) तक तोड़ना पड़ा था.
Hindu Dharam: क्या आप जानते हैं कि भगवान शिव द्वारा त्रिशूल से काटा गया गणेश जी का सिर आज भी पृथ्वी पर मौजूद है? उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट के पास स्थित 'पाताल भुवनेश्वर गुफा' में इस मस्तक को 'आदि गणेश' के रूप में पूजा जाता है.
गणेशोत्सव 2026 पर मुंबई से कोंकण और कोल्हापुर जाने वालों को 11 से 27 सितंबर तक टोल से छूट मिलेगी. जानें किन रास्तों पर सुविधा लागू होगी और ‘गणेशोत्सव 2026 कोंकण दर्शन’ पास कहां से मिलेगा. वीडियो में जानें टोल फ्री रूट से लेकर टोल टैक्स में इस छूट को लेकर क्या नियम.
आयोजकों का कहना है कि गणपति हमारे राजा हैं तो राजा के लिए उनका दरबार ही सजना चाहिए. इसलिए उन्होंने राजा के दरबार की थीम बनाई है. और हमारी जो मूर्ति है, वो 22 फीट की इको-फ्रेंडली टिश्यू पेपर की मूर्ति है.
गणेश चतुर्थी 2026 भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाएगी, जो इस बार 14 सितंबर को पड़ रही है. यह त्योहार विघ्नहर्ता गणपति की पूजा के लिए प्रसिद्ध है और अब महाराष्ट्र सहित पूरे भारत में बड़े उत्साह से मनाया जाता है.