अन्वय द्रविड़ (Anvay Dravid) एक क्रिकेटर हैं. वे पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ के छोटे बेटे हैं. अन्वय द्रविड़ को श्रीलंका दौरे के लिए भारत की अंडर-19 वनडे टीम में चुना गया है. अन्वय विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं और घरेलू आयु वर्ग क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन के बाद उन्हें यह मौका मिला है.
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की जूनियर चयन समिति ने श्रीलंका दौरे के लिए अंडर-19 वनडे और मल्टी-डे टीमों का ऐलान किया गया. यह दौरा 4 जुलाई 2026 से श्रीलंका के हंबनटोटा में शुरू होगा. दौरे के दौरान तीन वनडे और दो मल्टी-डे मुकाबले खेले जाएंगे। अन्वय को 15 सदस्यीय वनडे टीम में शामिल किया गया है.
अन्वय द्रविड़ का क्रिकेट सफर आयु वर्ग क्रिकेट से आगे बढ़ा है. हाल के समय में उन्होंने कर्नाटक अंडर-19 टीम का प्रतिनिधित्व किया और कई घरेलू टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया. वीनू मांकड़ ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन चर्चा का विषय रहा. उन्होंने कर्नाटक अंडर-19 टीम की कप्तानी की और टीम को क्वार्टर फाइनल तक पहुंचाने में योगदान दिया. इस टूर्नामेंट में उन्होंने छह पारियों में कुल 220 रन बनाए.
वीनू मांकड़ ट्रॉफी के दौरान हिमाचल प्रदेश के खिलाफ उनकी एक महत्वपूर्ण पारी भी चर्चा में रही. रन चेज के दौरान उन्होंने नाबाद 82 रन बनाए और टीम को जीत तक पहुंचाने में भूमिका निभाई. इससे पहले अन्वय अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी में भी खेल चुके हैं, जहां उन्होंने शतक लगाया था.
अन्वय के बड़े भाई समित द्रविड़ भी कर्नाटक की अंडर-19 टीम का हिस्सा रह चुके हैं. हालांकि भारत की अंडर-19 टीम में चयनित होने वाले परिवार के पहले सदस्य अन्वय बने हैं.
भारतीय क्रिकेट में एक और द्रविड़ की एंट्री हो गई है. राहुल द्रविड़ के छोटे बेटे अन्वय द्रविड़ को अगले महीने श्रीलंका दौरे के लिए टीम इंडिया की अंडर-19 वनडे टीम में चुना गया है. विकेटकीपर-बल्लेबाज अन्वय ने घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया था. यह चयन उनके करियर का बड़ा पड़ाव माना जा रहा है और अंडर-19 वर्ल्ड कप 2028 की तैयारी का हिस्सा भी है.
ग्वालियर (चंबल) के युवा क्रिकेटर यशवर्धन सिंह चौहान को टीम इंडिया की अंडर-19 टीम का कप्तान बनाया गया है. 302 रन की रिकॉर्ड पारी खेलने वाले यशवर्धन ने अपने पिता, परिवार और कोचों को सफलता का श्रेय दिया. श्रीलंका दौरे के लिए उत्साहित यशवर्धन का सपना भारत की जर्सी पहनकर राष्ट्रगान के दौरान मैदान पर खड़ा होना है.