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एलोवेरा

एलोवेरा

एलोवेरा

एलोवेरा (Aloe Vera) एक रसीला (Succulent) पौधा है, जो एलो (Aloe) जीनस की प्रजाति माना जाता है. यह दुनिया के कई हिस्सों में पाया जाता है. एलोवेरा एक सदाबहार (Evergreen) पौधा है, जिसका मूल स्थान अरब प्रायद्वीप (Arabian Peninsula) माना जाता है. हालांकि आज यह उष्णकटिबंधीय (Tropical), उपोष्णकटिबंधीय (Subtropical) और शुष्क (Arid) जलवायु वाले देशों में भी प्राकृतिक रूप से उगता है.

एलोवेरा की खेती व्यावसायिक स्तर पर भी की जाती है. इसके अलावा इसे घरों, बगीचों और कार्यालयों में सजावटी पौधे के रूप में भी लगाया जाता है. इसकी देखभाल अपेक्षाकृत आसान होने के कारण लोग इसे गमलों में लगाना पसंद करते हैं.

एलोवेरा की सबसे प्रमुख पहचान इसकी मोटी, हरी और रस से भरी पत्तियां होती हैंय इन पत्तियों के अंदर एक पारदर्शी जेल होता है, जो एसीमैनन (Acemannan) नाम के पॉलीसैकेराइड होता है. वहीं इसकी पत्तियों में एलोइन (Aloin) नामक एक प्राकृतिक यौगिक भी पाया जाता है, जिसे विषैला (Toxic Compound) माना जाता है. बाजार में मिलने वाले अधिकांश एलोवेरा उत्पाद इसी जेल से तैयार किए जाते हैं.

एलोवेरा से जुड़े उत्पाद कई रूपों में उपलब्ध हैं, जैसे स्किन लोशन, कॉस्मेटिक्स, मलहम (Ointment) और जेल. इन उत्पादों में मुख्य रूप से पत्तियों से प्राप्त जेल का उपयोग किया जाता है.

एलोवेरा के सेवन को लेकर भी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, एलोवेरा के अर्क (Extract) का मुंह के जरिए सेवन करने से कुछ लोगों में पेट दर्द, ऐंठन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. लंबे समय तक लगातार सेवन करने पर हेपेटाइटिस (Hepatitis) का खतरा भी बताया गया है. इसी कारण बिना विशेषज्ञ की सलाह के इसका सेवन नहीं करना चाहिए.

गर्भावस्था (Pregnancy) के दौरान एलोवेरा का उपयोग करने की सलाह नहीं दी जाती. इसके अलावा कुछ लोगों को इसे त्वचा पर लगाने से एलर्जी की प्रतिक्रिया भी हो सकती है. इसलिए किसी भी प्रकार के एलोवेरा उत्पाद का उपयोग करने से पहले उसकी जानकारी और सावधानियों को समझना जरूरी माना जाता है.
 

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